Home rss world hindi मक्का के बाद अब मदीना पर हमला, हूतियों पर पैगंबर की मस्जिद...

मक्का के बाद अब मदीना पर हमला, हूतियों पर पैगंबर की मस्जिद को निशाना बनाने के आरोप

7
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

सऊदी अरब और हुती विद्रोहियों के भी है तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच सऊदी ने अपनी सुरक्षा के लिए सहयोगी देशों से मदद मांगी है। हालांकि अमेरिका और पाकिस्तान जैसे देशों ने हाथ खड़े कर दिए हैं।

मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थलों में से एक मक्का पर हमले के बाद अब सऊदी अरब के मदीना पर हमले की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यमन के हूती विद्रोहियों ने मदीना पर एक बड़ा हमला किया है। सऊदी की सैन्य गठबंधन ने बताया है कि हमला मदीना स्थित ताइबा पावर डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन पर हुआ और हूती विद्रोहियों ने इसे ड्रोन के जरिए निशाना बनाया। अहम बात यह है कि यह पावर स्टेशन सीधे तौर पर ‘मस्जिद-ए-नबवी’ मस्जिद को बिजली की आपूर्ति करता है।

सऊदी सेना के एक प्रवक्ता ने सोशल मीडिया एक्स पर हमले का आरोप लगाया है। पर उन्होंने बताया कि यह हमला बीते मंगलवार को हुआ। ड्रोन हमले में एक ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, पावर नेटवर्क को तुरंत बहाल कर दिया गया और इसलिए बिजली सेवा पर ज्यादा असर नहीं पड़ा।

दोनों पवित्र मस्जिदों पर हमले की कोशिश

सऊदी की गठबंधन ने हूती विद्रोहियों के इस कदम की कड़ी निंदा की है। प्रवक्ता अल-मल्की ने कहा कि यह हमला दोनों पवित्र मस्जिदों को निशाना बनाने की कोशिशों का हिस्सा है। गौरतलब है कि इससे पहले बीते महीने हुती विद्रोहियों द्वारा मक्का को भी निशाना बनाने की खबरें सामने आई थीं। कथित तौर पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के मक्का को निशाना बनाने की कोशिश की और ड्रोन हमले किए। इसके बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया था। भारत समेत कई देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की थी।

बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की खबर

मदीना हमले के अलावा, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के अन्य हिस्सों पर भी ताबड़तोड़ हमले किए हैं। बीते गुरुवार को सऊदी की एयर डिफेंस सिस्टम ने लाल सागर तट के पास खमिस मुशैत और जाज़ान में दो बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया। सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक खमिस मुशैत में मिसाइल और ड्रोन के मलबे गिरने के कारण कई इमारतों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है।

आतंक मचा रहे हूती

हूती विद्रोहियों के इन बढ़ते हमलों ने क्षेत्र में तनाव भड़का दिया है। समूह ने यमन में लाल सागर की तटरेखा और रणनीतिक रूप से बेहद अहम बाब अल-मंडेब स्ट्रेट के द्वीपों पर लगभग नियंत्रण कर लिया है। हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका और ईरान युद्ध की वजह से होर्मुज पहले से ही ठप पड़ा है। ऐसे में वैश्विक तेल आपूर्ति दबाव में है। अब बाब अल-मंडेब पर हमलों से मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN