Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात को स्वीकार किया है कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपशब्द कहे हैं। ट्रंप ने कहा कि वह इजरायल द्वारा लेबनान के ऊपर किए गए हमले से परेशान थे। हालांकि, उन्होंने बीबी को अपना अच्छा दोस्त बताया।
Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गाली देने की बात स्वीकार ली है। उन्होंने बताया कि लेबनान में जारी इजरायली हमलों की वजह से वह परेशान थे। इसलिए जब इस बारे में उनकी बात इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हुई तो यह थोड़ी तीखी और अपशब्दों तक पहुंच गई। इतना ही नहीं ट्रंप ने खुलकर नेतन्याहू की आलोचना भी की।
न्यूयॉर्क पोस्ट के साथ बातचीत में ट्रंप ने इस पूरे फोन कॉल के बारे में जानकारी साझा की। ट्रंप ने बताया कि इस कॉल के दौरान उन्होंने नेतन्याहू से ‘F**KING CRAZY’ कहा था। ट्रंप ने कहा, “हां, मैंने उन्हें ऐसा ही कहा था। मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं गुस्से में था, लेकिन लेबनान के साथ उनके संघर्ष से मैं थोड़ा परेशान था। एक समय मैंने उनसे यह भी कहा था कि बीबी हमें इसे रोकना होगा। हमें इसे रोकना ही होगा।” हालांकि, इस बातचीत के बाद ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि इजरायली प्रधानमंत्री के साथ उनके बेहद घनिष्ठ संबंध हैं। उन्होंने कहा, “हम दोनों ने मिलकर बहुत अच्छा काम किया है। मुझे बीबी (इजरायली पीएम का एक नाम) बहुत पसंद हैं।”
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला उस वक्त शुरू हुआ था, जब एक्सियोस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने फोन कॉल के दौरान दावा किया कि उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री को जेल जाने से बचाया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन पर कहा, “तुम बिलकुल पागल हो। अगर मैं न होता तो तुम जेल में होते। मैं तुम्हारी जान बचा रहा हूं। अब हर कोई तुमसे नफरत करता है। इस वजह से अब हर कोई इजरायल से नफरत करता है।”
यह पूरी बातचीत इजरायल द्वारा लेबनान के हिज्बुल्लाह पर किए गए हमले के बाद की है। ईरान के साथ शांति वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे डोनाल्ड ट्रंप के लिए इजरायल का लेबनान पर हमला करना एक बड़ा सिरदर्द साबित हो रहा है। ट्रंप पहले ही दोनों के बीच में समझौता करवा चुके हैं। लेकिन नेतन्याहू का मानना है कि अगर इजरायल, हिज्बुल्लाह के ऊपर हमला नहीं करता है, तो फिर वह पलटकर हमला कर सकता है। इसी के चलते इजरायली सेना ने हाल ही में हिज्बुल्लाह पर हमला बोल दिया था।
हालांकि, ट्रंप और नेतन्याहू की बातचीत के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके लिखा, “आज मेरी बीबी नेतन्याहू से बात हुई और मैंने उनसे लेबनान के बेरूत पर कोई बड़ा हमला न करने का अनुरोध किया। उन्होंने अपने सैनिकों को वापस बुला लिया। धन्यवाद, बीबी!” इसके बाद ट्रंप ने एक और पोस्ट करके लिखा, “मेरी हिजबुल्लाह के नेताओं के प्रतिनिधियों से भी बात हुई और वे इजरायल और उसके सैनिकों पर गोलीबारी बंद करने पर सहमत हो गए। इसी तरह, इजरायल भी उन पर गोलीबारी बंद करने पर सहमत हो गया। देखते हैं यह कब तक चलता है। उम्मीद है यह हमेशा के लिए रहेगा!”
इस बातचीत के बाद नेतन्याहू ने भी लेबनान पर हमला रोकने की पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने इसे एक चेतावनी के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि अगर हिज्बुल्लाह की तरफ से हमले नहीं रुकते हैं, तो इजरायल किसी भी हालत में लेबनान के ऊपर हमला करेगा।
इन सब के बीच ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता ठंड़े बस्ते में नजर आ रही है। ईरान ने बुधवार को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया। इसमें एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। ईरान की IRGC ने इस हमले के उनके होर्मुज के द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले का जवाब बताया।
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