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राफेल मरीन लड़ाकू विमान ने INS विक्रांत पर पहली कोशिश में की सफल लैंडिंग, नौसेना ने जारी किया शानदार Video

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Source :- Khabar Indiatv

भारतीय नौसेना दुनिया की सबसे ताकतवर नेवी में शामिल है और हर कोई इसका लोहा मानता है। बीते कुछ समय से भारतीय नौसेना ने अपनी ताकत में लगातार इजाफा किया है। अब नौसेना ने एक और बड़ी उपलब्धि को हासिल कर लिया है। बुधवार को फ्रांस के एक राफेल मरीन लड़ाकू विमान ने भारत के स्वदेशी विमान वाहक पोत INS विक्रांत पर सफल लैंडिंग की है। बता दें कि राफेल मरीन ने पहली कोशिश में ही ये सफल लैंडिंग पूरी कर ली है। इस सफलता को भारतीय नौसेना के कैरियर एविएशन प्रोग्राम में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। बता दें कि ये टेस्ट भारतीय नौसेना में राफेल मरीन को संचालित किए जाने की दिशा में पहला अहम कदम है।

भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल M

आपको बता दें कि भारत और फ्रांस ने 28 अप्रैल 2025 को राफेल मरीन लड़ाकू विमान की खरीद के लिए समझौता किया था। दोनों देशों ने करीब 63,000 करोड़ रुपये के एक अंतर-सरकारी समझौते (IGA) पर हस्ताक्षर किए थे। इस डील के तहत 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमान खरीदे जाएंगे, जिनमें 22 सिंगल-सीटर और 4 ट्विन-सीटर विमान शामिल हैं। DAC ने भी 13 जुलाई 2023 को इस विमान के लिए आवश्यकता की स्वीकृति दे दी थी।

राफेल मरीन की ताकत जानें

  1. राफेल मरीन ट्विन-इंजन के साथ, 4.5-जनरेशन का मल्टीरोल फाइटर विमान है।
  2. राफेल मरीन की अधिकतम गति लगभग मैक 1.8 है। 
  3. राफेल मरीन का कॉम्बैट रेडियस (युद्ध दायरा) लगभग 1,000 किमी है।
  4. राफेल मरीन एडवांस्ड AESA रडार और SPECTRA इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट से लैस है।
  5. राफेल मरीन में एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए विशेष रूप से मजबूत लैंडिंग गियर, अरेस्टॉर हुक और फोल्ड होने वाले पंख लगे हैं।
  6. राफेल मरीन ‘मीटिओर’ (Meteor) और ‘माइका’ (MICA) एयर-टू-एयर मिसाइलें, ‘स्कैल्प’ (SCALP) क्रूज मिसाइलें और ‘हैमर’ (HAMMER) प्रिसिजन-गाइडेड हथियार ले जाने में सक्षम।

राफेल से नौसेना को क्या फायदा मिलेगा?

राफेल मरीन लड़ाकू विमान के शामिल होने से भारतीय नौसेना को बेहतर फ्लीट एयर डिफेंस, बियॉन्ड-विजुअल-रेंज इंटरसेप्शन, सटीक मैरीटाइम स्ट्राइक, लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता और कैरियर बैटल ग्रुप्स को सुरक्षा का फायदा मिलेगा। जानकारी के अनुसार, राफेल मरीन लड़ाकू विमान को INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य दोनों से संचालित किया जाएगा। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत नौसेना की वायु शक्ति और समुद्री युद्ध क्षमताओं को काफी मजबूती मिलेगी।

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राफेल को लेकर अच्छी खबर, 114 फाइटर जेट की खरीद पर जल्द होगी डील, स्वदेशी हथियार भी किए जाएंगे शामिल

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