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रियल एस्टेट कारोबार में आ रहा वेदांता समूह, नई कंपनी का किया ऐलान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

वेदांता लिमिटेड ने रियल एस्टेट क्षेत्र में उतरने के लिए पूर्ण स्वामित्व वाली एक नई सब्सिडयरी कंपनी ‘वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड’ (VPPL) का गठन किया है। कंपनी ने कहा कि VPPL, वेदांता के रियल एस्टेट कारोबार और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए एक रणनीतिक इकाई के रूप में काम करेगी। इस कदम का मकसद अतिरिक्त भूमि और गैर-मुख्य संपत्तियों को बाजार में चढ़ाना, ज्वाइंट वेंचर और कम एसेट्स आधारित मॉडल के लिए एक अलग स्ट्रक्चर तैयार करना है ताकि कंपनी के मुख्य धातु और ऊर्जा व्यवसायों के विस्तार के लिए धन जुटाया जा सके।

22 जून को कंपनी का गठन

बीएसई को दी गई जानकारी के अनुसार, VPPL का गठन 22 जून को महाराष्ट्र के मुंबई में किया गया है। इस सब्सिडयरी कंपनी की अधिकृत पूंजी एक लाख रुपये है, जिसमें एक रुपये फेस वैल्यू वाले एक लाख इक्विटी शेयर शामिल हैं। इसकी चुकता पूंजी भी एक लाख रुपये है। वेदांता ने एक लाख रुपये के नकद निवेश के माध्यम से इस कंपनी में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी ली है, जिससे यह पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडयरी कंपनी बन गई है। कंपनी ने बताया कि VPPL ने अभी तक व्यावसायिक गतिविधियां शुरू नहीं की हैं और वर्तमान में इसका कोई कारोबार नहीं है।

शेयर का परफॉर्मेंस

वेदांता लिमिटेड के शेयर परफॉर्मेंस की बात करें तो बीएसई पर यह 282.40 रुपये पर है। एक दिन पहले के मुकाबले मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। शेयर के 52 हफ्ते का लो 151.13 रुपये और 52 हफ्ते का हाई 360.70 रुपये है।

चर्चा में क्यों थी कंपनी

बता दें कि हाल ही में वेदांता समूह की प्रवर्तक कंपनी ट्विन स्टार होल्डिंग्स ने बल्क डील में वेदांता लिमिटेड के करीब 7.3 करोड़ शेयर 2,149 करोड़ रुपये में बेच दिए हैं। इसके अलावा, समूह की चार नई कंपनियां डी-मर्जर के तहत शेयर बाजार में लिस्ट हुई हैं।

बल्क डील की बात करें तो इससे प्राप्त राशि का उपयोग मूल कंपनी वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड (वीआरएल) का कर्ज घटाने में किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक वेदांता लिमिटेड के शेयर 292 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे गए और यह लेनदेन समूह की होल्डिंग कंपनी के स्तर पर कर्ज घटाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। हिस्सेदारी बिक्री के बाद ट्विन स्टार की वेदांता लिमिटेड में हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत रह गई है, जबकि कुल प्रवर्तक हिस्सेदारी लगभग 56 प्रतिशत बनी हुई है।

बता दें कि समूह वेदांता रिसोर्सेज के बही-खाते को सरल बनाने और री-फाइनेंसिंग रिस्क को कम करने की दिशा में काम कर रहा है। पिछले चार वर्षों में वीआरएल का शुद्ध कर्ज घटकर करीब 5.2 अरब डॉलर रह गया है जो पहले लगभग 9.7 अरब डॉलर था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN