Home मनोरंजन समाचार लोगों ने आशा भोसले के इस गाने का समझ लिया था गलत...

लोगों ने आशा भोसले के इस गाने का समझ लिया था गलत मतलब, सिंगर को खुद रेडियो पर आकर समझाना पड़ा था लिरिक्स

5
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/06/25/1200x900/Asha_B_1775987041373_1775987048156_1782360539017_803ac723-8f21-4295-9386-0f1f2029a075.jpg

आशा जी और गुलजार एक गाना ऐसा था, जिसका मतलब लोगों ने काफी वक्त तक गलत समझा था। ऐसे में खुद रेडियो पर आकर आशा भोसले और गुलजार को अपने उस गाने का सही मीनिंग समझाना पड़ा था। आइए जानते हैं कौन सा है वो गाना?

बॉलीवुड की दिग्गज सिंगर आशा भोसले आज भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन वो अपने गानों के चलते वो हमेशा ही फैंस के दिलों में जिंदा रहेंगी। आशा ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए हैं। उन्होंने किशोर कुमार से लेकर गुलजार तक के साथ कई आईकॉनिक सॉन्ग दिए हैं। लेकिन आशा जी और गुलजार एक गाना ऐसा था, जिसका मतलब लोगों ने काफी वक्त तक गलत समझा था। ऐसे में खुद रेडियो पर आकर आशा भोसले और गुलजार को अपने उस गाने का सही मीनिंग समझाना पड़ा था। आइए जानते हैं कौन सा है वो गाना?

आईएमडीबी पर मिली इतनी रेटिंग

ये फिल्म है साल 1991 में रिलीज हुई ‘लेकिन’। इस मूवी में हेमा मालिनी, डिंपल कपाड़िया, विनोद खन्ना, आलोक नाथ, अमजद खान जैसे कलाकार अहम किरदार में थे। ये फिल्म उस दौर की हिट फिल्मों में रही है। मूवी को आईएमडीबी पर 7.8 की शानदार रेटिंग मिली है। फिल्म के गाने भी काफी हिट हुए थे। ‘लेकिन’ मूवी के सारे गानों को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी। वहीं, एक गाना आशा भोलने ने गाया था। उनके साथ इस गाने में गुलजार ने साथ दिया था। ‘लेकिन’ मूवी का ये गाना था ‘झूठे नैना बोले सांची बत्तियां’।

गाने के मीनिंग को लेकर हुई कंफ्यूजन

दरअसल, ये गाना हेमा मालिनी पर फिल्माया गया है। इस गाने की पहली लाइन को लेकर लोगों में काफी कन्फ्यूजन हुई थी। गाने की शुरुआत होती है ‘झूठे नैना बोले सांची बत्तियां’ लाइन के साथ। इस गाने की लिरिक्स में एक औरत अपने पार्टनर से किसी और के साथ रात गुजारने को लेकर सवाल करती नजर आती है। बस इसी गाने की पहली लाइन यानी ‘झूठे नैना बोले…’ को लेकर लोगों में कंफ्यूजन शुरू हो गया था।

रेडियो पर आकर बताना पड़ा गाने का सही मीनिंग

इस गाने को सुनकर लगता है कि ‘झूठे नैना बोले सांची बत्तियां’ का मतलब है कि वो ‘झूठे’ यानी (Liar) समझ लिया जाता था। इसका गाने का अर्थ स्पष्ट करने के लिए, गुलजार और आशा भोसले को खुद रेडियो पर आकर बताना पड़ा कि शब्द ‘झूठे’ नहीं बल्कि ‘जूठे’ यानी जूठन जैसे किसी का खाया हुआ जूठा है। आज भी बहुत से लोग इस गाने का सही मतलब नहीं जानते हैं।

बॉक्स ऑफिस पर रही थी फ्लॉप

बता दें कि फिल्म ‘लेकिन’ की निर्माता गायिका लता मंगेशकर थीं। वहीं, फिल्म की कहानी गुलजार ने लिखा थी। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी। वहीं, बॉक्स ऑफिस पर भले ही यह फिल्म नहीं चली हो, लेकिन इसके संगीत और गोन जैसे ‘यारा सीली सीली’ को आज भी बेहद पसंद किया जाता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN