Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका के खिलाफ ईरान के तेवर में कोई नरमी नहीं आ रही है। रविवार को ईरान ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। ईरानी सेना के प्रवक्ता, मोहम्मद अकरामीनिया ने कहा कि उनका देश अमेरिका पर फिर से हमले के लिए तैयार है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान होर्मुज के लिए अपने प्रस्तावों पर अमेरिका से मध्यस्थों के ज़रिए अंतिम जवाब मिलने का इंतजार कर रहा है। ट्रंप ने पहले कहा था कि उन्होंने होर्मुज से जुड़े ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। अराघची ने अपने टेलीग्राम चैनल पर प्रकाशित ईरानी मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि हमने अमेरिकी राष्ट्रपति की शुरुआती प्रतिक्रिया देखी। हालांकि, मध्यस्थों के जरिए हमें कोई जानकारी नहीं दी गई है। ईरानी मंत्री ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई विरोधाभासी बयान दिए हैं। ईरानी राजनयिक ने आगे कहा कि हम मध्यस्थों से अंतिम रुख का इंतजार कर रहे हैं, और उसी के आधार पर हम अपने फैसले लेंगे।
क्या बोले ईरानी विदेश मंत्री
इस बीच अमेरिका के खिलाफ ईरान के तेवर में कोई नरमी नहीं आ रही है। रविवार को ईरान ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। ईरानी सेना के प्रवक्ता, मोहम्मद अकरामीनिया ने कहा कि उनका देश अमेरिका पर फिर से हमले के लिए तैयार है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक उन्होंने यहां तक कहा कि वह अमेरिका को गहरा जख्म देने की तैयारी में हैं। बता दें कि एक दिन पहले ही ईरान ने अमेरिका को सात दिन के सीजफायर का प्लान दिया था। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस प्रस्ताव के ठुकरा दिया था। हालांकि ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि वह अभी भी अमेरिका के आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
ईरान की सेना का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और सात दिन के सीजफायर का ईरान का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। उन्होंने ईरान को जवाब देते हुए कहा कि वह इसलिए डील करना चाहते हैं क्योंकि वह हार रहे हैं। उनकी हालत खराब है, इसलिए वह होर्मुज खोलने की जल्दबाजी में हैं।
अराघची ने कहा कि होर्मुज खोलने की दिशा में कोई भी प्रगति इस बात पर निर्भर करती है कि अमेरिका ईरान की शर्तों को पूरा करे। जून के मध्य में अमेरिका और ईरान ने शांति समझौता करने की प्रक्रिया शुरू करने के इरादे से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, तीन हफ्ते बाद, तनाव का एक नया दौर शुरू हो गया। वॉशिंगटन ने तेहरान पर होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों पर गोलीबारी करने का आरोप लगाया, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले शुरू कर दिए। फ़िलहाल, होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बंद है।
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