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सऊदी अरब में बढ़ा हूतियों का खतरा? रियाद के स्कूलों को 7 दिन के लिए किया गया ऑनलाइन

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Source :- LIVE HINDUSTAN

सऊदी अरब ने हूती खतरे के बीच रियाद के स्कूल एक हफ्ते के लिए ऑनलाइन कर दिए हैं। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बढ़ने के बीच रविवार को अभिभावकों को आखिरी समय में यह सूचना मिली।

सऊदी अरब से एक बड़ी खबर समाने आई है। राजधानी रियाद के स्कूलों को एक हफ्ते के ऑनलाइन क्लास कर दिया गया है। यानी बच्चे और शिक्षक घर से ही क्लास लेंगे और ऑनलाइन ही पढ़ाई होगी। बताया जा रहा है कि यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बढ़ने के बीच रविवार को अभिभावकों को अचानक यह जानकारी मिली। हालांकि अधिकारियों ने फैसले की कोई वजह नहीं बताई, लेकिन यह कदम सऊदी अरब पर तेज होते हमलों के बीच उठाया गया है।

न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, रियाद भर के स्कूलों से अभिभावकों को ईमेल आए हैं। दो अलग-अलग संदेशों में लिखा था कि हमें अभी सऊदी अधिकारियों ने बताया है कि स्कूल पूरे हफ्ते बंद रहेंगे। बच्चे अब मदरसती ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से पढ़ेंगे। शिक्षकों और स्टाफ को भी घर से काम करने को कहा गया है। शिक्षा मंत्रालय ने फिलहाल कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया।

अभिभावक नाराज और परेशान

कई माता-पिता ने कहा कि फैसला बहुत अचानक आया। एक अभिभावक ने नाम न बताते हुए कहा कि जब पूरा स्कूल एक हफ्ते के लिए बंद हो रहा है, तो परिवारों को साफ वजह बतानी चाहिए। रियाद में रहने वाले एक लेबनानी नागरिक ने कहा कि यह लास्ट-मिनट फैसला है। हमें कुछ समझ नहीं आ रहा कि क्या हो रहा है।

एक दिन पहले हमले रोके गए

स्कूल बंद करने का फैसला शनिवार के हमलों के अगले दिन आया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने यमन से दागे गए दो ड्रोन और दो बैलिस्टिक मिसाइलें रोक लीं। ड्रोन रियाद की तरफ जा रहे थे और मिसाइलें दक्षिण-पश्चिम के शहर खमीस मुशैत की तरफ, जहां एक बड़ा एयरबेस है। सऊदी सिविल डिफेंस ने खमीस मुशैत और पास के शहर आभा के लिए रात भर अलर्ट जारी किया। रियाद के लिए कोई अलर्ट नहीं था। गठबंधन ने कहा कि सेना यमन से आने वाले खतरे पर लगातार नजर रख रही है।

जुलाई से फिर शुरू हुई लड़ाई

ये हमले जुलाई से चले आ रहे तनाव का हिस्सा हैं। उससे पहले सऊदी अरब और हूतियों के बीच करीब चार साल की शांति चल रही थी। जुलाई में शांति टूट गई और यमन फिर मध्य पूर्व की बड़ी लड़ाई में शामिल हो गया। हूती यमन के सबसे ज्यादा आबादी वाले इलाकों, खासकर उत्तर और राजधानी सना पर नियंत्रण रखते हैं। जैसे-जैसे इलाके में लड़ाई बढ़ी, उन्होंने हमले यमन की सीमा से बाहर निकालकर सऊदी शहरों, तेल सुविधाओं और जहाजों तक पहुंचा दिए।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहले भी हूती हमलों की निंदा की है। परिषद ने कहा कि इन हमलों में महिलाएं और बच्चे समेत आम नागरिक घायल हुए हैं। इस महीने की शुरुआत में खमीस मुशैत, आभा और ताइफ पर हमलों में 13 नागरिक घायल हुए थे। घर और गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुईं। यमन के अंदर 1 लाख 20 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं।

रियाद चिंतित क्यों?

सऊदी अरब दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा केंद्र है। उसके इलाके या समुद्री रास्ते पर रुकावट सिर्फ देश तक नहीं रहती, पूरी दुनिया पर असर डालती है। हूती अभियान में सऊदी शहर, ऊर्जा सुविधाएं और लाल सागर में चलने वाले जहाज शामिल हैं। जुलाई में समूह ने रियाद के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा की थी। उसके बाद प्रमुख समुद्री मार्गों पर हमले तेज हो गए। पवित्र शहर मक्का को निशाना बनाने का दावा भी किया गया।

लाल सागर खाड़ी के तेल निर्यातकों के लिए दूसरा बड़ा रास्ता है। होर्मुज स्ट्रेट पहले से प्रभावित है। लाल सागर में और रुकावट आने से तेल सप्लाई पर दबाव और बढ़ सकता है। यही वजह है कि राजधानी रियाद में स्कूलों को अस्थायी रूप से घर से पढ़ाई पर शिफ्ट किया गया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN