Source :- LIVE HINDUSTAN
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पंप-एंड-डंप के एक मामले में बड़ा एक्शन लिया है। दरअसल, यह मामला 5 कंपनियों के शेयर से जुड़ा है। ये 5 कंपनियां- मौरिया उद्योग, विशाल फैब्रिक्स, 7NR रिटेल, GBL इंडस्ट्रीज और दार्जिलिंग रोपवे हैं। इस मामले में 221 कंपनियों को सात साल तक के लिए मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है।
इसके साथ ही व्यक्तिगत निवेशक हनीफ शेख पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सेबी ने बुधवार को यह जानकारी दी। सेबी ने एक आदेश में कहा कि इन कंपनियों के शेयरों में शेख और उसकी सहयोगी कंपनियों ने हेरफेर किया है। शेख इस मामले का कथित मुख्य साजिशकर्ता है।
किस शेयर का क्या हाल?
मौरिया उद्योग की बात करें तो बीएसई पर बुधवार को यह 9.09 रुपये पर बंद हुआ।
विशाल फैब्रिक्स की बात करें तो यह बीएसई पर 20.21 रुपये पर बंद हुआ।
7NR रिटेल की बात करें तो यह शेयर बीएसई पर 5.65 रुपये पर बंद हुआ।
GBL इंडस्ट्रीज के शेयर की ट्रेडिंग फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
दार्जिलिंग रोपवे के शेयर की बात करें तो यह 35 रुपये के स्तर पर है।
2017-20 तक का है मामला
यह मामला 2017 से 2020 के बीच पांच शेयरों में बड़े पैमाने पर ‘पंप-एंड-डंप’ से जुड़ा है। पंप-एंड-डंप ऑपरेशन की बात करें तो यह सिक्योरिटी फ्रॉड का एक रूप है। धोखाधड़ी करने वाले पहले किसी छोटी या कम कारोबार वाली कंपनी के शेयर खरीदते हैं, सोशल मीडिया या बल्क मैसेज के माध्यम से झूठी अफवाहें फैलाकर शेयर की कीमत को आर्टिफिशियली बढ़ाते (पंप) हैं और फिर शेयरों को उच्च कीमतों पर बेच देते (डंप) हैं। इससे खुदरा निवेशकों को भारी नुकसान होता है।
क्या रही हनीफ शेख की भूमिका?
सेबी ने कहा कि हनीफ शेख ने एक सुनियोजित धोखाधड़ी साजिश रची, जिसमें 200 से अधिक आपस में जुड़े हुए संस्थान शामिल थे। इन्हें पीवी इन्फ्लुएंसर, कोलैबोरेटर और ऑफलोडर जैसी भूमिकाएं दी गई थीं ताकि अवैध लाभ को अलग-अलग माध्यमों से घुमाकर शेख या उसके नियंत्रण वाली कंपनियों तक पहुंचाया जा सके। सेबी के अनुसार, इन इकाइयों ने समन्वित लेनदेन के जरिए शेयरों की कीमत और बाजार भाव को आर्टिफिशियली बढ़ाया और बाद में ऊंचे दाम पर शेयर बेचकर निवेशकों को फंसाया। सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अमरजीत सिंह ने आदेश में कहा कि यह साजिश सुनियोजित, व्यापक और औद्योगिक स्तर पर संचालित थी, जिससे बाजार की पारदर्शिता और निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ।
शेयर बाजार के इस नियामक यानी सेबी के अनुसार, इस घोटाले से करीब 143.79 करोड़ रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया गया। सेबी ने हनीफ शेख को सात वर्षों के लिए बाजार से प्रतिबंधित किया और 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, उनसे जुड़ी पांच इकाइयों को छह वर्षों के लिए प्रतिबंध करते हुए उन पर दो-दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सेबी ने सभी दोषियों से 143.79 करोड़ रुपये की अवैध कमाई 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वसूलने का भी आदेश दिया है।
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