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₹98 के शेयर वाली कंपनी में सरकार बेच रही हिस्सेदारी, रेलवे से जुड़ा है कारोबार

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Source :- LIVE HINDUSTAN

IRFC share price: केंद्र सरकार रेलवे से जुड़ी कंपनी- भारतीय रेल वित्त निगम (IRFC) में दो प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने वाली है। यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए की जाएगी। निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि सरकार IRFC में एक प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की पेशकश करेगी। इसमें एक प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी का ‘ग्रीन शू’ विकल्प भी शामिल होगा। उन्होंने कहा कि यह पेशकश गैर-खुदरा निवेशकों के लिए बुधवार को खुलेगी जबकि खुदरा निवेशक गुरुवार को बोली लगा सकेंगे। सरकार ने इस बिक्री पेशकश के लिए अभी न्यूनतम मूल्य का खुलासा नहीं किया है।

शेयर का परफॉर्मेंस

बीएसई पर IRFC का शेयर पिछले सत्र की तुलना में 2.16 प्रतिशत गिरकर 98.69 रुपये पर बंद हुआ। इंट्रा-डे में शेयर 101.28 रुपये के हाई और 98.25 रुपये पर पहुंच गया। मार्च 2026 में शेयर 87.05 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 143.10 रुपये है।

दो अरब डॉलर जुटाने की योजना

चालू वित्त वर्ष में कारोबार विस्तार के लिए IRFC एक्सटर्नल कॉमर्शियल बॉरोइंग(ईसीबी) के जरिये दो अरब डॉलर जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी मुख्य रूप से जापानी येन में यह फंड जुटाएगी। यह ईसीबी IRFC के निदेशक मंडल द्वारा चालू वित्त वर्ष के लिए मंजूर किए गए 70,000 करोड़ रुपये के फंड जुटाने के प्रोग्राम का हिस्सा है। यह कर्ज पांच वर्ष की अवधि के लिए लिया गया है और इसे तोक्यो ओवरनाइट एवरेज रेट (टीओएनएआर) से जोड़ा गया है। इस कर्ज से मिली रकम का उपयोग रेलवे क्षेत्र से जुड़ी या ईसीबी दिशानिर्देशों के तहत अनुपालन वाली अन्य परियोजनाओं के फंड में किया जाएगा।

बीते दिनों कंपनी ने बताया था कि वित्त वर्ष 2025-26 में भी दो अलग-अलग ईसीबी सौदों के जरिये 70 करोड़ डॉलर के बराबर जापानी येन में लोन जुटाया था। यह चालू वित्त वर्ष के लिए IRFC का पहला ईसीबी होगा। रेल मंत्रालय के तहत आने वाली इस सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी को पिछले वर्ष ‘नवरत्न’ का दर्जा मिला था।

वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय रेल वित्त निगम ने 72,949 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी और लगभग 35,067 करोड़ रुपये का वितरण किया, जो उसके वार्षिक अनुमान से अधिक रहा। कंपनी की कुल संपत्ति प्रबंधन के तहत एसेट्स (एयूएम) बढ़कर रिकॉर्ड 4.85 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई हैं जबकि इसका नेटवर्थ 56,748 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN