Source :- LIVE HINDUSTAN
SpaceX के निवेशकों के लिए पिछले कुछ दिन बेहद झटकेदार रहे हैं। दुनिया की सबसे चर्चित स्पेस और टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल SpaceX के शेयरों में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली। मंगलवार को कंपनी का शेयर करीब 3% और टूट गया, जिसके बाद केवल तीन कारोबारी सत्रों में कंपनी के मार्केट वैल्यूएशन से 600 अरब डॉलर (लगभग 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक) साफ हो गए। यह गिरावट इतनी बड़ी है कि SpaceX का मार्केट कैप 2 ट्रिलियन डॉलर के नीचे फिसल गया, जो इसके ऐतिहासिक IPO के बाद पहली बार हुआ है।
कुछ ही समय पहले तक SpaceX निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ था। कंपनी का शेयर अपने IPO प्राइस 135 डॉलर से करीब 67% ऊपर पहुंच गया था और एक समय इसकी कीमत लगभग 225 डॉलर प्रति शेयर तक पहुंच गई थी। उस दौरान कंपनी का कुल बाजार मूल्य करीब 3 ट्रिलियन डॉलर के आसपास पहुंच गया था। इतना ही नहीं SpaceX ने कुछ समय के लिए Amazon और Microsoft जैसी दिग्गज कंपनियों को भी पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी का दर्जा हासिल कर लिया था, लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है।
निवेशकों का फोकस केवल कंपनी की ग्रोथ स्टोरी पर नहीं बल्कि उसके वित्तीय हालात पर भी जा रहा है। एक्सपर्ट का कहना है कि SpaceX की वैल्यूएशन काफी ऊंची हो गई थी और बाजार को लगने लगा कि कंपनी की कीमत उसके वास्तविक फाइनेंशियल प्रदर्शन की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि अब निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं।
कंपनी के सीईओ एलन मस्क पर भी इस गिरावट का बड़ा असर पड़ा है। मस्क के पास SpaceX की लगभग 38% हिस्सेदारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शेयरों में आई तेज गिरावट के चलते उनकी निजी संपत्ति में करीब 350 अरब डॉलर की कमी आ चुकी है। इसके बावजूद वह अभी भी दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं और उनकी कुल संपत्ति लगभग 1.1 ट्रिलियन डॉलर बताई जा रही है।
एक्सपर्ट का मानना है कि SpaceX की आक्रामक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रणनीति भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। कंपनी बड़े पैमाने पर AI और नई तकनीकों में निवेश कर रही है, जिसके लिए उसे भारी पूंजी की जरूरत पड़ रही है। इससे नकदी खर्च (Cash Burn) बढ़ रहा है और कर्ज का बोझ भी बढ़ सकता है। हाल ही में कंपनी ने नए शेयर जारी करने के बजाय बॉन्ड के जरिए फंड जुटाने की योजना बनाई है, जिससे बाजार में मिक्स्ड प्रतिक्रिया देखने को मिली।
इसके अलावा ESG (Environmental, Social and Governance) रेटिंग एजेंसी MSCI ने भी SpaceX को CCC रेटिंग दी है, जो उसकी सबसे निचली रेटिंग मानी जाती है। इस कदम ने भी कुछ निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि कई बड़े फंड ESG मानकों को ध्यान में रखकर निवेश करते हैं।
हालांकि, इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद SpaceX अभी भी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है। मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि Nasdaq-100 इंडेक्स में शामिल होने के बाद कंपनी को बड़े पैमाने पर पैसिव फंड्स का निवेश मिल सकता है, जिससे शेयर को कुछ समर्थन मिल सकता है। लेकिन, फिलहाल निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि कंपनी बढ़ती लागत, ऊंची वैल्यूएशन और कर्ज से जुड़ी चुनौतियों को किस तरह संभालती है। आने वाले हफ्तों में SpaceX के शेयरों की दिशा काफी हद तक इन सवालों के जवाब पर निर्भर करेगी।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




