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अजब-गजब: लो आ गए टचस्क्रीन कपड़े, अब सीधे स्लीव पर फोटो-वीडियो देख सकेंगे यूजर; देखें Video

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Source :- LIVE HINDUSTAN

AI के इस दौर में कुछ भी संभव हो सकता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि अब टचस्क्रीन वाले कपड़े भी आ गए हैं, जिन्हें धोया भी सकते हैं। जी हां, आपने सही सुना। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (एनयूएस) के शोधकर्ताओं ने यह कमाल कर दिखाया है। उन्होंने एक टचस्क्रीन स्लीव तैयार की है, जिसकी मदद से आप ऐसे काम कर सकते हैं, जिनके लिए आमतौर पर आपको अपना फोन निकालना पड़ता है। यानी अब जेब से फोन निकालने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, सीधे स्लीव से ही काम निपटाए जा सकेंगे। कैसे काम करती है यह टचस्क्रीन स्लीव, चलिए डिटेल में जानते हैं…

लाइवमिंट ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस स्लीव को यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ डिजाइन एंड इंजीनियरिंग (CDE) के वैज्ञानिकों ने तैयार किया है। इसमें ऐसे इलेक्ट्रॉनिक फाइबर लगे हैं जो इमेज दिखा सकते हैं और टच को पहचान सकते हैं। टीम का कहना है कि एक स्लीव में ऐसे 54 फाइबर लगाकर, उन्होंने दुनिया का पहला ऐसा टचस्क्रीन बनाया है जो कपड़ों का ही हिस्सा है।

जानिए यह स्लीव क्या-क्या कर सकती है

इसके अलावा, यह स्लीव तस्वीरें और वीडियो दिखा सकती है, टैप करने पर प्रतिक्रिया दे सकती है, और अन्य डिवाइस से वायरलेस तरीके से जुड़ सकती है। इसे धोया जा सकता है, यह हवादार और फ्लेक्सिबल है, जिससे यूजर बिना किसी सख्त स्क्रीन के, अपने कपड़ों के जरिए डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल कर सकते हैं और अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देख सकते हैं।

शोध के अनुसार, यह टचस्क्रीन स्लीव स्मार्टफोन के कुछ बेसिक काम कर सकती है, जैसे कैलकुलेटर चलाना, फोटो दिखाना, वीडियो प्ले करना, कंपास का काम करना और वॉयस कमांड का जवाब देना। इसके अलावा यह ब्लूटूथ के जरिए इमेज रिसीव कर सकती है और स्क्रीन के ओरिएंटेशन और ब्राइटनेस को अपने आप एडजस्ट कर सकती है। टीम ने, बांह के नीचे टेम्परेचर सेंसर लगाने के बाद पाया कि स्लीव शरीर का तापमान मापकर स्क्रीन पर दिखा भी सकती है।

कपड़ों में टचस्क्रीन कैसे लगाई जाती है?

फोन और लैपटॉप की स्क्रीन सपाट और कठोर पैनल से बनी होती हैं, जो जानकारी दिखाती हैं और यूजर्स के टच पर प्रतिक्रिया देती हैं। शोध के अनुसार कपड़ा, जो अलग-अलग रेशों से बना होता है, अब तक यह क्षमता नहीं रखता था। शोधकर्ताओं का कहना है कि अब इलेक्ट्रॉनिक रेशों का इस्तेमाल करके फुल-कलर टचस्क्रीन बनाना संभव हो गया है, जिन्हें सामान्य धागे की तरह कपड़ों में बुना जा सकता है।

यह स्लीव धोने और मुड़ने पर कैसे टिकी रहती है?

इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स होने के बावजूद, यह स्लीव लचीली और हवादार बनी रहती है। डिटर्जेंट के साथ 50 बार मशीन में धोने और 1,000 बार कसकर मोड़ने के बाद भी, इसकी चमक और टच रिस्पॉन्स में बहुत कम बदलाव आया। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि इसका डिस्प्ले कॉटन, पॉलिएस्टर और डेनिम जितना ही हवादार है।

अब टीम की योजना स्क्रीन के रिजॉल्यूशन को बेहतर बनाने, और अधिक सेंसर जोड़ने, और कपड़े में ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल करने की है। इसकी मदद से, भविष्य में कपड़े पहनने वाले व्यक्ति आस-पास के माहौल पर नजर रख सकेंगे, और जरूरत पड़ने पर उपयोगी जानकारी व सहायता प्रदान कर सकेंगे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN