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अफगान छात्रों पर पाकिस्तान का शिकंजा, 20 से अधिक मेडिकल स्टूडेंट को उठा ले गई पुलिस, क्या आरोप?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पाकिस्तान के पंजाब में पुलिस ने बहावलपुर के कायद-ए-आजम मेडिकल कॉलेज से 20 से अधिक अफगान मेडिकल छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस का आरोप है कि ये छात्र पाकिस्तान विरोधी प्रचार कर रहे थे।

पाकिस्तान के पंजाब में पुलिस अफगान छात्रों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। खबर है कि बहावलपुर स्थित कायद-ए-आजम मेडिकल कॉलेज से 20 से अधिक अफगान मेडिकल छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस का आरोप है कि ये छात्र ‘पाकिस्तान विरोधी प्रचार’ कर रहे थे। इसके अलावे इन पर वीजा नियमों का उल्लंघन के भी आरोप है। पुलिस के अनुसार, छात्रों को कॉलेज परिसर से हिरासत में लिया गया। अधिकारी इसे पाकिस्तान विरोधी बताई गई गतिविधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान का हिस्सा बता रहे हैं। पुलिस का दावा है कि कुछ अफगान छात्र पाकिस्तान विरोधी विचारों को बढ़ावा देने में शामिल थे।

वीजा उल्लंघन का भी हवाला

पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई में वीजा उल्लंघन को भी आधार बनाया है। आरोप है कि हिरासत में लिए गए कुछ छात्र समाप्त हो चुके वीजा पर पाकिस्तान में रह रहे थे। जानकारी के अनुसार, कथित प्रचार गतिविधियों के साथ-साथ आव्रजन नियमों के उल्लंघन को लेकर छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि छात्रों को केवल उनकी राष्ट्रीयता के कारण निशाना नहीं बनाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई का आधार पाकिस्तानी कानून का कथित उल्लंघन और देश के लिए शत्रुतापूर्ण मानी गई गतिविधियों में उनकी कथित संलिप्तता है।

अफगान छात्रों पर बढ़ती निगरानी के बीच कार्रवाई

बता दें कि यह कार्रवाई पाकिस्तान में अफगान नागरिकों, खासकर मेडिकल छात्रों की कड़ी निगरानी के बीच हुई है। पाकिस्तान सरकार पहले भी बिना वैध दस्तावेज या समाप्त वीजा पर रह रहे अफगान नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई और निर्वासन अभियान चला चुकी है। बहावलपुर के कायद-ए-आजम मेडिकल कॉलेज में अफगान छात्रों से जुड़ी कार्रवाई इससे पहले भी चर्चा में रही है। फरवरी 2026 में पुलिस ने वीजा और पंजीकरण कार्ड समाप्त होने के आधार पर अफगान मेडिकल छात्रों की जांच की थी। उस समय पंजाब सरकार ने कुछ छात्रों को शिक्षा जारी रखने की अस्थायी राहत दी थी और पुलिस ने यह भी कहा था कि वे हिरासत में नहीं हैं। जुलाई 2026 में पंजाब के शिक्षण अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों से अफगान चिकित्सकों व छात्रों की हिरासत की खबरें भी आई थीं। उन मामलों में मुख्य आरोप वीजा की समाप्ति बताया गया था।

अफगान मेडिकल छात्रों के लिए फरमान

बता दें कि कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान मेडिकल एंड डेंटल काउंसिल (PM&DC) ने मेडिकल और डेंटल संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वर्तमान सत्र में अफगान नागरिकों के नए प्रवेश, स्थानांतरण या अन्य सुविधाएं न दी जाएं तथा पहले से नामांकित अफगान छात्रों की वापसी सुनिश्चित की जाए। लाहौर के कुछ प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में अफगान छात्रों को औपचारिकताएं पूरी कर देश छोड़ने को कहा गया है। अफगान दूतावास ने ऐसी कार्रवाइयों को छात्रों के शैक्षणिक अधिकारों पर चोट बताया है, जबकि पाकिस्तानी अधिकारी इसे राष्ट्रीय नीति और सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं।

यही कारण है कि बहावलपुर वाली ताजा कार्रवाई सिर्फ एक कॉलेज का मामला नहीं, बल्कि अफगान मेडिकल छात्रों पर व्यापक दबाव का हिस्सा मानी जा रही है। पुलिस ने प्रचार और वीजा, दोनों आरोप लगाए हैं, हालांकि अभी तक स्वतंत्र रूप से इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। यही कारण है कि पुलिसिया कार्रवाई पर संदेह जताया जा रहा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN