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इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी लिमिटेड (इरेडा) का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में मुनाफा 1.77 प्रतिशत घटकर 492.63 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में मुनाफा 501.55 करोड़ रुपये था।

इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी लिमिटेड (IREDA) के सुस्त नतीजों के बाद कंपनी के शेयर बिकवाली मोड में नजर आ रहे हैं। हालांकि, घरेलू ब्रोकरेज ICICI डायरेक्ट इसमें एक अवसर देख रहा है और मौजूदा स्तरों से 45% तक की संभावित बढ़त का संकेत दे रहा है। आइए जानते हैं शेयर का परफॉर्मेंस और टारगेट प्राइस।

क्या है टारगट प्राइस?

वर्तमान में इरेडा के शेयर की कीमत 125 रुपये के स्तर पर है। वहीं, ICICI डायरेट ने इस PSU शेयर पर अपना तेजी का रुख बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने शेयर पर अपनी ‘खरीदें’ रेटिंग बनाए रखी है और 12 महीने का टारगेट प्राइस 180 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया है। इसका मतलब है कि मौजूदा स्तरों से लगभग 45% की बढ़त की संभावना है। शेयर के 52 हफ्ते का हाई और लो क्रमश: 186.55 रुपये और 108 रुपये है।

इरेडा के तिमाही नतीजे

इरेडा का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में मुनाफा 1.77 प्रतिशत घटकर 492.63 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में मुनाफा 501.55 करोड़ रुपये था। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय बढ़कर 2,181.28 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 1,915 करोड़ रुपये थी। तिमाही में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 1,562.14 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 1,285.91 करोड़ रुपये था।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में इरेडा का मुनाफा बढ़कर 1,874 करोड़ रुपये हो गया, जो 2024-25 में 1,698 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 8,338.89 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 में 6,755.69 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने एक अलग बयान में कहा कि उसने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सर्वाधिक वार्षिक लाभ दर्ज किया है।

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का लोन अप्रूवल भी बढ़ गया। यह नौ प्रतिशत बढ़कर 51,883 करोड़ रुपये हो गईं, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 47,453 करोड़ रुपये थीं। वहीं लोन बुक 16 प्रतिशत बढ़कर 34,946 करोड़ रुपये रहा, जो एक वर्ष पहले 30,169 करोड़ रुपये था।

ब्रोकरेज ने क्या कहा?

ICICI डायरेक्ट ने कहा कि मुनाफे पर दबाव के बावजूद पोर्टफोलियो की क्वालिटी की स्थिरता पर भरोसा बढ़ा है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मैनेजमेंट की अनुशासित अंडरराइटिंग और पोर्टफोलियो की बढ़ती मैच्योरिटी की वजह से FY26-28E के दौरान भविष्य की क्रेडिट लागत 60-70 बेसिस पॉइंट्स तक सीमित रहेगी, जिससे मुख्य कमाई की दिशा को मदद मिलेगी। ब्रोकरेज ने बताया कि भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को अभी के लगभग 275 GW से बढ़ाकर FY30 तक 500 GW करने पर सरकार का जोर इरेडा के लिए कई सालों तक ग्रोथ का रास्ता देता रहेगा।

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