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अमेरिका-ईरान शांति की घटती उम्मीदों से वैश्विक आपूर्ति जोखिम बढ़े, कच्चे तेल की कीमतें चढ़ीं

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सोमवार को तेल की कीमतों में तेज़ उछाल आया। इसकी वजह अमेरिका-ईरान के टिकाऊ शांति समझौते की कमजोर होती उम्मीदें और वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान की बढ़ती आशंकाएं रहीं। अस्थायी युद्धविराम की अवधि समाप्त होने के करीब पहुंचने के साथ ही निवेशक इस बात को लेकर अधिक सतर्क हो रहे हैं कि कूटनीतिक प्रयासों का अगला चरण क्या परिणाम दे सकता है—या शायद कुछ भी नहीं।

## अमेरिका-ईरान शांति समझौता टूटने के करीब

एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि Washington ईरान के साथ अस्थायी युद्धविराम को आगे नहीं बढ़ाएगा। इससे सोमवार की समयसीमा से कुछ ही दिन पहले कूटनीतिक मतभेदों के संकेत मिले हैं। ईरान ने जवाब देते हुए कहा कि यदि United States वार्ता फिर से शुरू करने में विफल रहता है, तो वह “पूरी तरह आक्रामक” सैन्य रुख अपनाएगा।

## Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप

Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही—जो संघर्ष से पहले दुनिया के लगभग 20% तेल और LNG परिवहन के लिए जिम्मेदार था—लगभग ठप हो गई है। सैटेलाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, रविवार को केवल छह जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरे, जबकि युद्ध-पूर्व सामान्य औसत 125–140 जहाज प्रतिदिन था।

## कीमतों में उतार-चढ़ाव और बाजार की प्रतिक्रिया

Brent crude की कीमतों में तेज़ उछाल आया और यह 30 जुलाई के बाद पहली बार 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर पहुंच गई। कूटनीति विफल होने की स्थिति में ईरान के साथ आगे और तनाव बढ़ने की आशंका ने तेल की कीमतों में जोखिम प्रीमियम बढ़ा दिया है। KCM Trade के Tim Waterer जैसे विश्लेषकों का मानना है कि Strait of Hormuz के आसपास बढ़ता तनाव और उससे जुड़े आपूर्ति जोखिम मंगलवार को कीमतों में हुई तेजी के प्रमुख कारण हैं।

## Tehran की पूर्व-शर्तें

ईरान Strait of Hormuz को फिर से खोलने को लेकर अब भी शर्तें रख रहा है। Tehran की मांगों में शामिल हैं:

– युद्ध और U.S. सैन्य नाकाबंदी का अंत
– जमा किए गए ईरानी परिसंपत्तियों को जारी करना
– Lebanon और Gaza जैसे क्षेत्रों को शामिल करते हुए क्षेत्रीय युद्धविराम

Tehran का दावा है कि June agreement के तीन क्रमांकित पैराग्राफ अब तक उसकी चार में से तीन मांगों के अनुरूप हैं, जिससे सहमति बनना और जटिल हो गया है।

## दांव पर क्या है

### लंबे समय तक व्यवधान

स्थायी युद्धविराम या समझौते के अभाव में तेल और LNG का प्रवाह गंभीर रूप से कम बना रह सकता है—हालांकि UAE के Fujairah के पास कुछ जहाजों के बीच जहाज-से-जहाज स्थानांतरण के जरिए कुछ आवाजाही जारी है।

### मुद्रास्फीति का दबाव

तेल की बढ़ती कीमतें व्यापक मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं को बढ़ा रही हैं, क्योंकि ऊंची ऊर्जा कीमतों का असर परिवहन, औद्योगिक ऊर्जा उपयोग और उपभोक्ता ईंधन लागत पर पड़ रहा है।

### कम इन्वेंटरी बफर

U.S. में गैसोलीन का भंडार मौसमी पांच-वर्षीय औसत से काफी नीचे चल रहा है, जिससे आपूर्ति सीमित होने को लेकर बाजार की चिंताएं बढ़ रही हैं।

## किन बातों पर नजर रखें

– क्या United States युद्धविराम बढ़ाने का प्रस्ताव देगा या नई शर्तों पर बातचीत करेगा।
– Washington के कदमों पर ईरान की प्रतिक्रिया—खास तौर पर क्या वह बिना किसी पूर्व-शर्त के वार्ता के लिए सहमत होता है।
– Hormuz से जहाजों की आवाजाही—इसमें कोई सुधार या और गिरावट कीमतों की दिशा को काफी प्रभावित करेगी।
– Hezbollah, Yemen’s Houthis और अन्य क्षेत्रीय पक्षों से जुड़े घटनाक्रम, जो संघर्ष को व्यापक बना सकते हैं।
– तेल बेंचमार्क की प्रतिक्रिया, खास तौर पर Brent और WTI की, क्योंकि मौजूदा संकेतक काफी अस्थिरता की ओर इशारा कर रहे हैं।

## परिदृश्य

इन घटनाक्रमों को देखते हुए, निकट अवधि में तेल की कीमतें ऊंची बनी रहने की संभावना है। कूटनीतिक विफलताओं, प्रमुख जलमार्गों से रुकी हुई जहाजरानी और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम का संयोजन बाजारों को अनिश्चितता की कीमत तय करने के लिए प्रेरित कर रहा है। यदि ईरान Hormuz को फिर से खोलने के लिए कड़ी शर्तों पर कायम रहता है या नए संघर्ष शुरू होते हैं, तो आपूर्ति में व्यवधान आने वाले महीनों तक जारी रह सकता है।

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