Source :- LIVE HINDUSTAN
खबर है कि जनरल सिल्विया ने करीब एक साल तक ईरान और यूक्रेन युद्ध से जुड़ी गोपनीय जानकारियां पत्रकारों को देने की बात स्वीकार की है। इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पर दबाव बढ़ता है रहा है।
अमेरिका सेना में इस वक्त बवाल मचा हुआ है। ईरान युद्ध को लेकर बढ़ते खर्चे, सैनिकों के बीच भुखमरी के हालात जैसी खबरों और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर बढ़ते दबाव के बीच अब एक टॉप अमेरिकी जनरल पर गाज गिरी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पीट हेगसेथ ने खुफिया जानकारियों को लीक करने के आरोप में शीर्ष जनरल को पद से बर्खास्त कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ईरान पर नए हमले करने के संकेत दे रहा है। कहा जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप महज US मिडटर्म की वजह से रुके हुए हैं। यानी 3 नवंबर के बाद ईरान पर एक बार फिर हमला हो सकता है। इस बीच अब खुफिया जानकारी के लीक होने की खबर से हड़कंप मचा हुआ है।
इससे पहले पीट हेगसेथ ने बड़ा एक्शन लेते हुए ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ में रणनीति, योजना और नीति के निदेशक के रूप में कार्यरत लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्वेरिया को पद से हटाया है। अमेरिकी मिडिया ने आंतरिक जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि लेफ्टिनेंट जनरल सिल्वेरिया ने पिछले एक साल में कुछ पत्रकारों को ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी खुफिया जानकारियां लीक की। यह भी बताया जा रहा है कि जनरल ने ऐसा करने की बात स्वीकार की है।
पॉलीग्राफ टेस्ट में फेल होने का दावा
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सिल्वेरिया गोपनीय जानकारी साझा करने से जुड़े मामलों में तीन पॉलीग्राफ यानी लाइ-डिटेक्टर टेस्ट में फेल रहे। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक जांच के दौरान कई पॉलीग्राफ टेस्ट में फेल होने के बाद सिल्वेरिया ने खुद दो अलग-अलग मीडिया आउटलेट्स के पत्रकारों के साथ क्लासिफाइड जानकारी साझा करने की बात स्वीकार की।
कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्वेरिया?
1994 में यूएस मिलिट्री एकेडमी से ग्रेजुएट हुए सिल्वेरिया अमेरिकी सेना के सबसे अनुभवी अधिकारियों में से एक रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 101वीं एयरबोर्न डिवीजन की कमान संभाली, जो अमेरिकी सेना की सबसे घातक और युद्ध के लिए तैयार ताकतों में से एक मानी जाती है। वे कई बार इराक और अफगानिस्तान में तैनात रह चुके हैं। अमेरिका उन्हें उन्हें डिस्टिंग्विश्ड सर्विस मेडल और छह ब्रोंज स्टार मेडल जैसे सैन्य सम्मानों से नवाज चुका है।
26 से ज्यादा जनरलों की छुट्टी
ईरान युद्ध में बढ़ते खर्चों के लिए आलोचना झेल रहे पीट हेगसेथ इससे पहले सैन्य अधिकारियों की संख्या में 20 प्रतिशत की कटौती करने का ऐलान कर चुके हैं। उनकी इस सफाई अभियान के तहत अब तक कम से कम 26 जनरलों और एडमिरलों को इस्तीफा देने पर मजबूर किया गया है या सीधे सीधे बर्खास्त कर दिया गया है। इसकी शुरुआत ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के तत्कालीन अध्यक्ष जनरल चार्ल्स ब्राउन को हटाने से हुई थी। उसी दिन नौसेना प्रमुख लिसा फ्रैंचेटी को भी पद से हटा दिया गया था। इसके बाद पिछले साल नवंबर में तत्कालीन वायुसेना प्रमुख जनरल डेविड ऑल्विन ने भी इस्तीफा दे दिया था। उस समय ऐसी खबरें आई थीं कि हेगसेथ उन्हें पहले से ही पद से हटाने की योजना बना रहे थे।
इसके बाद ईरान युद्ध के चरम पर रहने के दौरान अप्रैल में अमेरिकी सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को भी पद से हटा दिया गया था। वहीं इसी महीने नौसेना मंत्री जॉन फेलन को भी पद से हटा दिया गया। हाल ही में अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने भी इस्तीफा दे दिया। इन सभी अधिकारियों के साथ हेगसेथ की अनबन की खबरें थीं। ऐसे समय में जब ईरान युद्ध से निपटने के तरीके को लेकर हेगसेथ की पहले ही आलोचना हो रही है, अब सेना में बड़े पैमाने पर अधिकारियों की छुट्टी किए जाने से हेगसेथ पर दबाव बढ़ सकता है।
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