Home LIFESTYLE NEWS HINDI अलर्ट! कैंसर का रिस्क बढ़ा सकती हैं सोते हुए ये 1 गलती,...

अलर्ट! कैंसर का रिस्क बढ़ा सकती हैं सोते हुए ये 1 गलती, डॉ तरंग कृष्णा ने दी चेतावनी

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

सोते समय अगर आप भी ज्यादातर लोगों की तरह ये 1 गलती कर रहे हैं, तो भविष्य में कैंसर का रिस्क काफी बढ़ सकता है। गंभीर बात है कि ये आदत आजकल काफी कॉमन हो गई है। आइए जानते हैं डॉक्टर ने क्या चेतावनी दी है।

कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसका नाम ही लोगों में डर पैदा कर देता है। अक्सर लोगों को लगता है कि स्मोकिंग, अल्कोहल, खराब खानपान जैसी चीजें इसके पीछे जिम्मेदार होती हैं। लेकिन कई बार रोजमर्रा में भी हम ऐसी छोटी-छोटी आदतें फॉलो कर रहे होते हैं, जो भविष्य में कैंसर का रिस्क बढ़ा सकती हैं। फेमस कैंसर हीलर डॉ तरंग कृष्णा एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए एक ऐसी ही कॉमन आदत के बारे में बताते हैं, जो आजकल लगभग हर कोई कर रहा है। ये है सोते समय फोन को सिरहाने रखकर सोने की आदत। अगर आप भी रात में फोन चलाने के बाद अपने पास ही रख लेते हैं, तो डॉक्टर की ये वार्निंग आपको जरूर सुननी चाहिए।

कैंसर का रिस्क बढ़ा सकती है सोते समय की ये 1 आदत

डॉ तरंग कृष्णा बताते हैं कि आजकल ज्यादातर लोग रात में फोन को अपने तकिए के पास रखकर सोते हैं। ये आदत नॉर्मल लग सकती है लेकिन इससे भविष्य में कैंसर का रिस्क भी हो सकता है। इतना ही नहीं, फोन अपने सिरहाने के पास रखकर सोने से ब्रेन ट्यूमर का खतरा भी हो सकता है।

फोन से निकलती हैं EMF रेडिएशन

डॉ तरंग कृष्णा बताते हैं कि फोन से EMF (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन) काफी ज्यादा मात्रा में निकलती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक ये EMF रेडिएशन ज्यादा मात्रा में कैंसर का कारण बन सकती हैं। साथ ही इन्हें ब्रेन ट्यूमर से भी लिंक कर के देखा गया है। खासकर जब आप रात में सोते समय फोन को अपने पास रखते हैं तो इनका एक्पोजर बढ़ता है, जो भविष्य में कैंसर को जन्म दे सकता है।

ब्लू लाइट से खराब होती है नींद

कैंसर स्पेशलिस्ट बताते हैं कि फोन से ब्लू लाइट के सिग्नल भी निकलते हैं। ये ब्लू लाइट आपके ब्रेन को हाइपरएक्टिव रखती हैं, जिस वजह से बिस्तर पर लेटने के घंटों बाद भी नींद नहीं आती। अच्छी हेल्थ के लिए पर्याप्त और गहरी नींद लेना जरूरी है, लेकिन फोन के चलते ऐसा पॉसिबल नहीं हो पाता है।

अटेंशन का होने के साथ कैंसर का भी बढ़ रहा है रिस्क

आजकल ज्यादातर लोग सोने से पहले फोन में स्क्रॉलिंग करते हैं। फिर उसके बाद सोने जाते हैं, लेकिन नींद नहीं आती। डॉक्टर बताते हैं कि फोन में ज्यादातर एप्लीकेशन्स, खासकर सोशल मीडिया ऐप्स को डिजाइन ही ऐसे किया जाता है कि ये आपके ध्यान को खींचती हैं। इससे अटेंशन तो कम होती है, साथ ही फ्यूचर में कैंसर का रिस्क भी बढ़ता है।

सोते समय बेडरूम से दूर रखें फोन

डॉक्टर सलाह देते हैं कि सोते समय अपने फोन को बेडरूम से दूर ही रखें। जितना ज्यादा ये आपके पास होगा, उतना ही रेडिएशन से एक्पोज होने का रिस्क रहेगा। इसलिए सोने जाने से पहले फोन को अपने रूम से बाहर ही रख दें।

सोने से 1 घंटे पहले बंद करें फोन चलाना

अच्छी नींद के लिए सोने से कम से कम एक घंटे पहले फोन चलाना बंद कर दें। इसकी जगह आप किताब पढ़ सकते हैं, घरवालों से बातचीत कर सकते हैं या मेडिटेशन की जा सकती है। इससे माइंड शांत होगा और नींद गहरी आएगी।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN