Source :- LIVE HINDUSTAN
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि अल-हमामी ने ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। ये रिपोर्ट उसके लिंक्डइन प्रोफाइल के हवाले से है। हालांकि, यह साफ नहीं हो सका कि उसने किस यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की थी।
ऑस्ट्रेलिया ने फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हमामी के वहां करीब 2 साल छात्र के तौर पर रहने की खबरों के बाद जांच शुरू कर दी है। ओमान के रहने वाले 29 वर्षीय अल-हमामी पर बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में कप्तान पर हमला करने और विमान को हाईजैक करने की कोशिश का आरोप है। संयुक्त अरब अमीरात ने इस घटना को आतंकी हमला बताया है और जांच का नेतृत्व कर रहा है। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने मामले से जुड़े सूत्र के हवाले से बताया कि अल-हमामी को 2014 में ऑस्ट्रेलिया का स्टूडेंट वीजा मिला था। वह अगले साल पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचा था। वह 2017 में ऑस्ट्रेलिया से चला गया। 2019 में अधिकारियों ने यह पुष्टि करने के बाद उसका वीजा रद्द कर दिया कि अब उसका एडमिशन नहीं था।
कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि अल-हमामी ने ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। ये रिपोर्ट उसके अब हटाए जा चुके लिंक्डइन प्रोफाइल के हवाले से हैं। हालांकि, यह साफ नहीं हो सका है कि उसने किस यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की थी। अल-हमामी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ बताया गया है। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई थीं। उसने ओमान एयर में करीब 7 साल काम किया और फरवरी 2025 में नौकरी छोड़ दी। इसके बाद जून 2025 में वह रॉयल एयर मैरोक से जुड़ा, लेकिन जनवरी 2026 में वहां से भी अलग हो गया।
विमानन मैनेजमेंट में तीन साल का कोर्स
रॉयल एयर मैरोक ने बताया कि हमामी ने 2025 में कंपनी के साथ तीन महीने की ट्रेनिंग पूरी थी, लेकिन बाद में उसकी नौकरी के लिए आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। अल-हमामी ने ब्रिटेन की बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी से विमानन मैनेजमेंट में तीन साल का डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स भी पूरा किया और 2023 में डिग्री हासिल की। यूनिवर्सिटी ने बताया कि उसनेवहां कोई पायलट प्रशिक्षण नहीं लिया था। इससे पहले ओमान ने उसे उड़ान भरने से रोक दिया था। उस पर कट्टरपंथी विचार अपनाने की चिंता जताई गई थी, जिसके बाद उसे ओमान एयर में प्रशासनिक काम दिया गया।
लिंक्डइन पर आतंकवादियों से जुड़ी 2 पोस्ट
रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि अल-हमामी ने सीरिया में समय बिताया था। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि वह इस्लामी कट्टरपंथ की ओर बढ़ चुका था। घटना के करीब 9 घंटे बाद उसके लिंक्डइन पर आतंकवादियों से जुड़ी 2 पोस्ट भी दिखाई दीं। उसका इंस्टाग्राम अकाउंट उड़ान वाले दिन तक सक्रिय था और बाद में हटा दिया गया। बुधवार सुबह दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में अल-हमामी ने भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला किया। कप्तान ने बताया कि वह किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसी दौरान यात्रियों ने को-पायलट को काबू कर लिया।
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