Source :- LIVE HINDUSTAN
अभी तक के ओपिनियन पोल में दावा किया जा रहा है कि नेतन्याहू की पार्टी लिकुड को पूर्व इजरायली सैन्य प्रमुख गादी ईसेनकोट की याशार पार्टी से कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है। इजरायली आम चुनाव में क्या है खास?
पश्चिम एशिया में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव और संघर्षों के साये के बीच इजरायल में मंगलवार को आम चुनाव होने जा रहे हैं। साल 2019 के बाद से यह देश का छठा चुनाव है, जो वहां की गहरी राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाता है। अक्तूबर 2023 के हमलों के बाद गाजा, लेबनान और ईरान मोर्चे पर बदले हालात के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
इजरायल में हो रहे आम चुनाव प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए अब तक की सबसे बड़ी और कठिन परीक्षा माना जा रहा है। हमास हमले के तीन साल बाद हो रहे इस चुनाव में सुरक्षा उपलब्धियों, राजनीतिक जवाबदेही और देश के भविष्य को लेकर बहस छिड़ी हुई है। अभी तक के ओपिनियन पोल में दावा किया जा रहा है कि नेतन्याहू की पार्टी लिकुड को पूर्व इजरायली सैन्य प्रमुख गादी ईसेनकोट की याशार पार्टी से कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है। उधर, नेतन्याहू ने सोमवार को अपना चुनाव प्रचार समाप्त किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि अगर उनके चुनावी प्रतिद्वंद्वी जीत जाते हैं, तो इजरायल को ईरान के हाथों पूरी तरह खत्म होने का खतरा हो सकता है।
इजरायली आम चुनाव में 70 लाख से ज्यादा वोटर्स मतदान करेंगे। संसद में कुल सीट 120 हैं। इस तरह बहुमत का आंकड़ा 61 होगा। ओपिनियन पोल में नेतन्याहू को कड़ी टक्कर मिलती दिख रही है। इजरायली आम चुनाव पर एक नजर:
प्रमुख पार्टियां-
● लिकुड
● ओत्जमा यहुदित
● रिलीजियस जायोनिस्ट पार्टी
● शस और यूनाइटेड टोरा जुडाइज्म
● द डेमोक्रेट्स
● इजरायल बेइतेनु
चुनाव में प्रमुख चेहरे-
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
प्रधानमंत्री नेतन्याहू इजरायल की सबसे प्रमुख और पुरानी दक्षिणपंथी पार्टी लिकुड का चेहरा हैं। यह मजबूत सुरक्षा नीति, मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था और वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियों के समर्थन पर जोर देती है।
गादी आइसेनकोट
पूर्व सैन्य प्रमुख हैं आगे यशार नामक की नई केंद्रवादी पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं।
नफताली बैनेट और यार लापिद
पूर्व प्रधानमंत्री नफताली बैनेट और यायर लापिद ने देश में स्थिरता लाने और राजनीतिक ध्रुवीकरण को खत्म करने के लिए हाथ मिलाया है।
अविग्दोर लिबरमैन
इजरायल बेइतेनु पार्टी के नेता और पूर्व रक्षा मंत्री हैं, जो नेतन्याहू के पुराने सहयोगी रहे हैं। लेकिन अब उनके कड़े आलोचकों में गिने जाते हैं।
मुख्य मुद्दे
सुरक्षा और संघर्ष
नेतन्याहू के वादों के बावजूद हमास और हिजबुल्लाह का सक्रिय बने रहना
महंगाई और रक्षा बजट
बढ़ती महंगाई, कम वेतन और बढ़े रक्षा बजट के कारण वित्तीय दबाव।
यहूदियों की अनिवार्य सैन्य भर्ती
समाज और सियासी दलों के बीच गहरी दरारें देखी जा रही हैं।
वोट डालने का अधिकार
1. यहूदी इजरायली
2. फिलिस्तीन, जो इजरायल के नागरिक हो
3. वेस्ट बैंक और पूर्वी येरुशलम में रह रहे इजरायली
कौन वोट नहीं कर सकता
जो इजरायली नागरिक चुनाव के दिन देश से बाहर होते हैं, वे मतदान नहीं कर सकते (सिवाय विदेशी मिशनों/ राजनयिकों के, जो पहले ही मतदान कर चुके होते हैं।)
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