Source :- LIVE HINDUSTAN
इमरान खान के बेटे कासिम खान ने गुरुवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनकी तीन मौसियों को अगवा कर लिया है और परिवार को न उनकी हालत बताई जा रही है, न हिरासत की वजह।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान के बेटे कासिम खान ने गुरुवार को गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनकी तीन मौसियों को ‘अगवा’ कर लिया है। उन्होंने दावा किया कि परिवार और वकीलों को अब तक यह नहीं बताया गया कि वे कैसी हैं, कहां रखी गई हैं और उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया है।
कासिम खान ने सोशल एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि उनकी मौसियों को अगवा कर लिया गया है। परिवार और वकीलों को न उनकी हालत की जानकारी मिली है और न ही यह पता चला है कि उन्हें जेल में क्यों रखा गया है। उन्होंने आगे कहा कि पिता के मामले में पूरी चुप्पी है। उनके और उनके भाई का इमरान खान से छह महीने से ज्यादा समय से कोई संपर्क नहीं हुआ है। उन्हें अपनी सेहत की सही स्थिति भी नहीं पता।
बता दें कि इमरान खान की तीनों बहनें ( अलीमा खान, नोरीन नियाजी और उजमा खान) पिछले महीने 30 दिन के लिए हिरासत में ली गई थीं। यह कार्रवाई पीटीआई के इस्लामाबाद तक प्रस्तावित विरोध मार्च से ठीक पहले हुई। पार्टी इस मार्च के जरिए इमरान खान की सेहत पर अपडेट और अदियाला जेल से उनकी रिहाई की मांग कर रही थी। इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं।
कासिम खान ने अपनी मौसियों की हालत को पिता से लगातार संपर्क टूटने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि इस बीच हजारों पाकिस्तानी शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरकर इमरान खान की गैरकानूनी और राजनीतिक वजहों से हुई कैद का विरोध कर रहे हैं। उनके मुताबिक, पाकिस्तान के लोगों ने हार नहीं मानी है। कोई रुकावट, धमकी या दबाव लोगों की न्याय की मांग और अपनी बात सुने जाने के लोकतांत्रिक अधिकार को नहीं दबा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक लोगों की लोकतांत्रिक इच्छा को दबाया जाता रहेगा और उनका चुना हुआ नेता सलाखों के पीछे रहेगा, तब तक देश में स्थायी शांति या स्थिरता नहीं आ सकती।
कासिम का यह बयान लाहौर हाई कोर्ट में परिवार की ओर से याचिका दायर होने के एक दिन बाद आया। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिवक्ता राणा मुद्दस्सर उमर ने अलीमा खान के बेटे शाह रेज खान और नोरीन नियाजी की बेटी सकीना नियाजी की ओर से लंबित रिट याचिका में दो अलग-अलग सिविल आवेदन दायर किए। इन आवेदनों में तीनों बहनों से परिवार और वकीलों की मुलाकात रोकने तथा दवाइयों तक पहुंच न देने को चुनौती दी गई है।
परिवार का आरोप है कि न रिश्तेदारों को और न कानूनी सलाहकारों को हिरासत में ली गई महिलाओं से मिलने दिया गया। दवाइयां भी सिर्फ एक बार दी गईं और उसके बाद किसी को भी उनसे मिलने की इजाजत नहीं मिली। आवेदनों में बहनों की सेहत को लेकर चिंता जताई गई है और लाहौर हाई कोर्ट से निर्देश मांगे गए हैं कि वकीलों और परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने तथा दवा देने की अनुमति दी जाए।
इमरान खान की बहनों को पार्टी के 27 सितंबर के विरोध प्रदर्शन के आह्वान से पहले 30 दिन की निवारक हिरासत में लिया गया था। उस समय पीटीआई देशभर में प्रदर्शन और इस्लामाबाद तक मार्च की तैयारी कर रही थी। पार्टी ने इमरान खान को जेल से रिहा करने और संविधान की सर्वोच्चता के लिए लोगों को एकजुट होने का आह्वान किया था। 24 सितंबर को लाहौर हाई कोर्ट ने बहनों की निवारक हिरासत के नोटिफिकेशन को तुरंत निलंबित करने की मांग खारिज कर दी थी।
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