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इस हॉरर फिल्म में इस्तेमाल की गई थी असली ‘चुड़ैल’ की चीख! थिएटर में उस आवाज को सुनकर डर से कांप गए थे लोग

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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सालों से हॉरर फिल्में बनती आ रही हैं लोगों को डरा रही हैं। लेकिन अब हम जो आपको बताने जा रहे हैं उसे सुनकर आपकी भी रूह कांप जाएगी। बॉलीवुड में एक ऐसी फिल्म बनी थी, जिसमें असली ‘चुड़ैल’ की चीख का इस्तेमाल किया गया था।

हॉरर फिल्मों को लेकर दर्शकों के बीच एक खास क्रेज देखने के मिलता है। ये फिल्में एक तरफ जहां दर्शकों को डराती हैं, वहीं दूसरी तरफ इन्हें लेकर एक खासा क्रेज देखने को मिलता है। सालों से हॉरर फिल्में बनती आ रही हैं लोगों को डरा रही हैं। लेकिन अब हम जो आपको बताने जा रहे हैं उसे सुनकर आपकी भी रूह कांप जाएगी। बॉलीवुड में एक ऐसी फिल्म बनी थी, जिसमें असली ‘चुड़ैल’ की चीख का इस्तेमाल किया गया था। सुनकर यकीन नहीं हो रहा है, लेकिन ये सच है। आइए जानते हैं कैसे और कब रिकॉर्ड हुई ये खतरनाक आवाज?

साल 2002 में रिलीज हुई थी ये हॉरर फिल्म

दरअसल, ये हॉरर फिल्म साल 2002 में रिलीज हुई ‘राज’ है। फिल्म के निर्देशक विक्रम भट्ट है। मूवी में डीनो मोरिया और बिपाशा बसु लीड रोल में थे। फिल्म की कहानी, इसके डरावने सीन ने थिएटर में बैठे हर किसी को कपा दिया था। इस फिल्म के गाने भी काफी हिट हुए थे। आज भी इसके गानें काफी पसंद किए जाते हैं। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही थी। मूवी ने जमकर कमाया था।

असली थी ‘चुड़ैल’ की चीख

फिल्म ‘राज’ में अगर किसी चीज ने दर्शकों की रूह तक को कपा दिया तो वो थी हर हॉरर सीन के बीच अचानक से आने वाली चीख। ये चीख पूरे हॉल में देर तक गूंजती थीं। लेकिन इसे किसी तरह से बनाया नहीं गया था, बल्कि ये एक असली ‘चुड़ैल’ की चीख थी। अब आप सोच रहे होंगे ‘चुड़ैल’ की ये चीख आखिर रिकॉर्ड कैसे हुई और ये हुआ तो हुआ कैसे। तो चलिए आगे ये भी जानते हैं, जो बेहद दिलचस्प है।

फिल्म के लास्ट सीन में हुआ कुछ ऐसा

फिल्म के निर्देशक विक्रम भट्ट के अनुसार, उन्होंने ‘सड़क’ फिल्म की शूटिंग के दौरान मुंबई के ‘मुकेश मिल्स’ (जिसे एक भूतिया जगह माना जाता है) में रात के समय एक बहुत ही अजीब और डरावनी चीख सुनी थी। बता दें कि करीब साल 1998 के दौरान जब सड़क फिल्म की शूटिंग चल रही थी। शूटिंग के दौरान कुछ न कुछ अजीब होता था। हर किसी का मन भारी रहता है, लेकिन कोई समझ ही नहीं पा रहा था कि आखिर ये चल क्या रहा है। ऐसे में जब फिल्म का लास्ट शेड्यूल चल रहा था तब विक्रम भट्ट चाहते थे कि लस्ट सीन को टॉप कैमरे से शूट किया जाए।

डर से कांप गए थे विक्रम

इसके लिए और उनका कैमरा मैन मुकेश मील के सबसे ऊपर वाले कमरे में चले जाते हैं और वहां से सीन शूट करते हैं, लेकिन तभी जो हुआ उससे विक्रम और वो कैमरा मैन कांप गए। उनके पीछे से एक जोर से चीखने के आवाज आई। दोनों ने जब पीछे मुड़कर देखा तो वहां पर कोई नहीं था, उन्हें पहले लगा कि उनकी टीम का कोई बंदा मजाक कर रहा है, लेकिन जब उन्होंने टीम को बताया कि तो दो लड़के हॉकी लेकर ऊपर पहुंचे, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। ये सारा वाक्या विक्रम ने अपनी फिल्म ‘घोस्ट’ के प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया था।

चौकीदार का दावा

मुकेश मील के चौकीदार ने बताया था कि 1982 में लगी भीषण आग के बाद से, अक्सर रात के 2 से 3 बजे के बीच वहां एक औरत के चीखने की आवाजें आती हैं।

कैसे रिकॉर्ड हुई ये आवाज आज भी है रहस्य

विक्रम के दिमाग जेहन से वो आवाज जा ही नहीं रही थी। उन्होंने तय कर लिया था कि वो अपनी अगली हॉरर फिल्म में इसी आवाज का इस्तेमाल करेंगे। लेकिन यहां पर बात फंस रही थी कि वो आवाज आखिरी मिले तो मिले कहां से। इसके लिए उन्होंने सैकड़ों डबिंग आर्टिस्ट को बुलाया, लेकिन जो आवाज विक्रम भट्ट को चाहिए वो उन्हें मिल नहीं पाई। बाद में दो अलग-अलग डबिंग आर्टिस्ट को बुलाया गया और उन दोनों की आवाज को क्लब करके जो आवाज बनीं वो हू-ब-हू वही थी जो विक्रम ने मुकेश मील में सुनी थी। बस फिर क्या था ये आवाज आज भी लोगों को डरा रही है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN