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Donald Trump Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने पर चर्चा होने की संभावना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, ट्रंप के कुछ समर्थक और रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख नेता इस समझौते को लेकर अभी से ही चिंता जता रहे हैं। उनका मानना है कि इससे ईरान के कट्टरपंथी शासन को नया जीवन मिल सकता है।

दरअसल, ट्रंप ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि उनके प्रशासन और तेहरान के बीच समझौते को लेकर ‘काफी हद तक’ प्रगति हुई है, लेकिन वार्ता अभी भी नाजुक दौर से गुजर रही है। राष्ट्रपति इस विश्वास के साथ बैठक में जा रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और ईरान की परमाणु क्षमता को काफी हद तक कम करने वाला समझौता उनके लिए बड़ी राजनीतिक जीत साबित होगा।

रिपब्लिकन नेताओं की आपत्ति

अब तक सामने आए समझौते में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को बाद के लिए टाल दिए जाने के कारण रिपब्लिकन पार्टी के अंदर से तीखी आलोचना हो रही है। मिसिसिपी के सीनेटर रोजर विकर, दक्षिण कैरोलिना के लिंडसे ग्राहम और टेक्सास के टेड क्रूज जैसे वरिष्ठ नेता कह रहे हैं कि प्रस्तावित शर्तें तेहरान के लिए अत्यधिक अनुकूल हैं।

इन नेताओं का आरोप है कि यह समझौता पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के ईरान परमाणु समझौते से काफी मिलता-जुलता है, जिसे ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में रद्द कर दिया था। समझौते के तहत ईरान प्रतिबंधों में राहत के बदले अपना अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार छोड़ने को तैयार दिख रहा है। सूत्रों के अनुसार, 60 दिनों के भीतर इस यूरेनियम को बेचा या तीसरे देश को सौंपा जा सकता है।अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार, ईरान के पास 60% शुद्धता वाला 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है।

सोमवार के हमलों के बाद तनाव चरम पर

बता दें कि सोमवार को दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमलों के बाद तनाव और बढ़ गई है। पेंटागन ने इन हमलों को ‘रक्षात्मक’ बताया, जबकि ईरान ने इसे ‘धोखा’ करार दिया। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खोलने और स्थायी युद्धविराम के लिए अभी और कई दिन लग सकते हैं। वहीं, ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर ईरान पूरी तरह आत्मसमर्पण भी कर दे तो भी मीडिया इसे ईरान की ‘शानदार जीत’ बताएगा।

लेबनान-इजरायल मुद्दा अनसुलझा

दूसरी ओर एक बड़ा अनसुलझा मुद्दा लेबनान में इजरायल के सैन्य अभियान का है। ईरान चाहता है कि किसी भी युद्धविराम में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायली कार्रवाई भी शामिल की जाए। अमेरिकी प्रशासन कुछ लचीलापन दिखा रहा है, लेकिन इजरायल ने लेबनान में अपने अभियान को तेज कर दिया है। इजरायली पूर्व प्रवक्ता जोनाथन कॉनरिकस ने चेतावनी दी कि ईरान प्रतिबंधों में मिलने वाली राहत का उपयोग अपने प्रॉक्सी गुटों को मजबूत करने के लिए करेगा।

अब्राहम समझौतों का विस्तार?

ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान जैसे देशों को अब्राहम समझौतों में शामिल होने की शर्त रखी जाए। हालांकि, खाड़ी देशों के सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर ‘सन्नाटा’ छा गया है। सऊदी अरब फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना को अभी भी पूर्व शर्त मानता है। वाशिंगटन स्थित फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज की वरिष्ठ फेलो बारबरा लीफ ने कहा कि मध्य पूर्व के अमेरिकी सहयोगी मानते हैं कि ईरान राहत का फायदा उठाकर अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाएगा, लेकिन वे ट्रंप के युद्ध समाप्ति प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं क्योंकि उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है।

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