Source :- LIVE HINDUSTAN
स्कैमर्स WhatsApp पर चालाकी से लोगों को निशाना बना रहे हैं। एक वह आपका BOSS होने का दिखावा करते हैं और पैसे भेजने के लिए बरगलाते हैं। खतरनाक बात यह है कि ये मैसेज असल में आपके बॉस के ओरिजिनल अकाउंट से आ सकते हैं।
WhatsApp के दुनियाभर 330 करोड़ से ज्यादा मंथली एक्टिव यूजर्स हैं। भारत इसका सबसे बड़ा बाजार है, जहां इसके लगभग 85 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। इसे बड़े यूजरबेस के कारण यह अपराध का नया अड्डा भी बनता जा रहा है। धोखेबाज अब वॉट्सऐप के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं और स्कैम के अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। वॉट्सैप स्कैम का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है और ये स्कैमर भी हर गुजरते दिन के साथ और ज्यादा चालाक होते जा रहे हैं। हाल ही में एक नया स्कैम सामने आया है जिसमें स्कैमर आपके बॉस बनकर आपको जरूरी पेमेंट करने का मैसेज भेजते हैं। चिंता की बात यह है कि ये मैसेज असली अकाउंट से आते हैं, बिल्कुल असली लगते हैं और उनमें सीनियर मैनेजमेंट जैसी गंभीरता भी होती है।
आपका BOSS होने का दिखावा करते हैं हैकर
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के एक पोस्ट के अनुसार, साइबर अपराधी कंपनी का बॉस या वरिष्ठ अधिकारी होने का दिखावा करते हैं और कर्मचारियों को पैसे भेजने के लिए बरगलाते हैं। यहां सबसे खतरनाक बात यह है कि ये मैसेज असल में आपके बॉस के ओरिजिनल अकाउंट से आ सकते हैं, अगर वह अकाउंट हैक हो गया हो।
हमला तब शुरू होता है जब घोटालेबाज आरबीआई अधिकारी होने का दिखावा करते हैं और वॉट्सऐप या ईमेल के जरिए सीईओ से संपर्क करते हैं। यह मैसेज आम तौर पर कहता है कि यह उनके फाइनेंस के जुड़ा एक जरूरी मुद्दा है और उन्हें जल्द से जल्द इसकी समीक्षा करनी होगी। मैसेज में एक जिप फाइल अटैच होती है और एक डायनामिक लिंक लाइब्रेरी फाइल के साथ आता है। अगर एग्जीक्यूटिव किसी भी तरह से फाइल खोलता है, तो वे फंस जाते हैं और अपने वॉट्सऐप अकाउंट का कंट्रोल भी खो सकते हैं। यानी संदिग्ध फाइन खोलते ही मलिशियस कोड आपको फोन में इंस्टॉल हो जाता है और डिवाइस के पूरा कंट्रोल हैकर के हाथों में चला जाता है और कई बार पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगती।
सुरक्षित रहने के लिए आप क्या कर सकते हैं?
सबसे पहली बात, कभी भी एक वॉट्सऐप मैसेज या ईमेल पर आए मैसेज के आधार पर किसी को भुगतान न करें, भले ही वह किसी भरोसेमंद दोस्त, बॉस, सहकर्मी या किसी अन्य पहचान वाले से ही क्यों न मिला हो। अगर आपके पास ऐसा कोई मैसेज आ जाता है, तो आप सामने वाले व्यक्ति को कॉल करके इसकी पुष्टि करें और फिर पैसे भेजने के बारे में सोचें।
इसके अलावा, अपने आसपास के लोगों को भी यह बताएं कि वॉट्सऐप या अन्य किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अगर कोई अनजान अकाउंट से मैसेज आता है और उनमें किसी फाइल को डाउनलोड करने की बात कही होती है, तो गलती से भी ऐसी किसी भी लिंक को इंस्टॉल न करें। तुरंत उस अकाउंट को ब्लॉक और रिपोर्ट करें। इन बातों को ध्यान में रखकर आप ऑनलाइन होने वाले घोटालों से बच सकते हैं।
यूजरनेम फीचर के कारण चर्चा में वॉट्सऐप
फिलहाल वॉट्सऐप अपने यूजरनेम फीचर को लेकर चर्चा में है। यह फीचर लोगों को अपना मोबाइल नंबर छिपाने और एक यूनिक यूजरनेम बनाकर बातचीत करने की सुविधा देता है। लेकिन कहा जा रहा है इस फीचर के जरिए कोई भी किसी की भी पहचान की नकल करके धोखाधड़ी को अंजाम दे सकता है। इस खतरे को देखते हुए फिलहाल सरकार ने इसे रोलआउट करने से रोकने के लिए कंपनी को नोटिस थमा दिया है।
हालांकि, इन सबके बीच वॉट्सऐप ने अपने विवादित यूजरनेम फीचर के बारे में यूजर्स के लिए अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (FAQs) की एक डिटेल्ड लिस्ट जारी की है। यह कदम तब उठाया गया जब केंद्र सरकार ने कंपनी को नोटिस भेजकर धोखाधड़ी और किसी की पहचान की नकल करने (इम्पर्सोनेशन) जैसे संभावित खतरों पर चिंता जताई और इस मामले पर सरकार के साथ बातचीत संतोषजनक ढंग से पूरी होने तक फीचर को रोलआउट करने पर रोक लगा दी। अगर आप भी जानना चाहते है कि क्या कोई सच में इसके जरिए आपको ढूंढ सकता है या कोई आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर सकता है? तो यहां देखें FAQs की पूरी डिटेल।
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