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कहीं आप भी तो नहीं खरीद रहे नकली शंख? इन 3 तरीकों से मिनटों में करें असली की पहचान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

धार्मिक मान्यताओं में पूजा पाठ की शुरुआत करने से पहले शंख बजाने की पुरानी परंपरा है। शंख बेहद शुभ माना जाता है लेकिन अब ये नकली भी आने लगा है। अगर आप भी शंख खरीदने जा रहे हैं, तो हम आपको असली-नकली की पहचान करने के तरीके बताते हैं। 

पूजा पाठ में शंख-घंटी का इस्तेमाल हर घर में होता है। कई घरों में पूजा की शुरुआत ही शंखनाद के साथ होती है और ऐसे में शंख सही होना सबसे जरूरी है। शंख सिर्फ बजाने के लिए ही नहीं बल्कि धार्मिक मान्यताओं में इसे काफी शुभ माना जाता है। ऐसे में जरूरी है कि आप सही और असली शंख ही खरीदें। अगर आपको शंख की सही पहचान नहीं है, तो हम आपको 3 तरीके बताने जा रहे हैं, जिनसे आसानी से आप पहचान कर सकते हैं। शंख की बनावट, रंग और आकार देखकर आप उसे खरीद सकते हैं।

बाजार में बिक रहा है नकली शंख

नकली शंख आमतौर पर प्लास्टिक, रेजिन, प्लास्टर या सिरेमिक जैसी सामग्रियों से बनाया जाता है, जो देखने में एकदम असली जैसा ही लगता है। उसे असली शंख का आकार देने के लिए मोल्ड में ढाला जाता है। फिर इसमें ऐसी चमक आ जाती है, जिससे आपको नकली भी बिल्कुल असली शंख जैसा लगेगा।

असली शंख की पहचान करने के 3 तरीके क्या हैं?

असली शंख को किसी मोल्ड से बनाया नहीं जाता है बल्कि वह समुद्र में प्राकृतिक रूप से बनता है। असली शंख के आकार और बनावट में थोड़ी असमानता हो सकती है। चलिए आपको शंख की पहचान करने का सही तरीका बताते हैं।

  • पानी से करें चेक

असली शंख की पहचान करने के लिए आप गर्म पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। गर्म पानी में असली शंख डालने पर उसके रंग में कोई फर्क नहीं आएगा लेकिन नकली वाले का रंग बदलकर पीला हो सकता है। नकली शंख को संगमरमर के पाउडर, प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनाया जाता है, जो पानी में फीका पड़ सकता है।

  • मोल्ड की लाइनों से करें चेक

शंख नकली होगा, तो उसमें मोल्ड की बारीक लाइन बनी होगी लेकिन असली वाली में आपको कोई लाइन नहीं मिलेगी। अगर साइड में कोई लाइनें दिख रही हैं, तो वह शंख नकली हो सकता है।

  • प्राकृतिक बनावट देखें

असली शंख की बनावट को चेक करें। इसमें प्राकृतिक रेखाएं, हल्की असमानताएं और बनावट दिखाई दे सकती है, लेकिन नकली शंख एक ही साइज में दिखाई देगा। उसे सांचे में डालकर बनाया जाता है। असली शंख की बनावट छोटी-बड़ी हो सकती है।

शंख से आवाज भी आती है

ऐसा कहा जाता है कि असली शंख को अगर कान के पास लगाकर सुनेंगे तो हल्की सरसराहट वाली आवाज आएगी। तो वहीं नकली शंख से ऐसी आवाज नहीं आती है। शंख की आवाज से मानसिक तनाव कम होता है और मन को शांति मिलती है। शंख बजाने से सांस संबंधी समस्याएं भी कम हो जाती हैं। हालांकि, ये सभी बातें सिर्फ सामान्य जानकारी के मुताबिक है, साइंस में ऐसी कोई मान्यता नहीं है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN