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किसानों के लिए खुशखबरी! यूरिया की नहीं होगी किल्लत, मोदी सरकार ने कर दिया यह ‘बड़ा’ काम

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Source :- LIVE HINDUSTAN

खरीफ के सीजन में किसानों के लिए मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। यूरिया की किल्लत न हो इसके लिए केंद्र ने अपने फर्टिलाइजर्स इंपोर्ट के स्रोतों में विविधता लाने का निर्णय लिया। इसी कड़ी में अप्रैल से जून 2026 के दौरान भारत ने 17 देशों से 15.08 लाख टन यूरिया और 7.11 लाख टन डाई-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) का आयात किया।

खरीफ सीजन के लिए खाद भरपूर

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा को बताया कि चल रहे खरीफ सीजन के लिए भारपूर खाद है और स्टॉक डिमांड से काफी अधिक है। आयात स्रोतों में विविधता लाने के लिए भारत ने ओमान, कतर और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों के अलावा रूस, अमेरिका, वियतनाम और तुर्की से भी उर्वरक खरीदे।

किस महीने कितनी आई खाद

अप्रैल 2026 में भारत ने 5.83 लाख टन यूरिया और 49,000 टन डीएपी का आयात किया। मई में 4.10 लाख टन यूरिया और 1.32 लाख टन डीएपी आयात हुआ, जबकि जून में 5.15 लाख टन यूरिया और 5.30 लाख टन डीएपी का आयात किया गया। जून में यूरिया आयात में अल्जीरिया, मिस्र, जॉर्जिया, नाइजीरिया, रूस और सऊदी अरब प्रमुख स्रोत रहे, जबकि फिनलैंड, मलेशिया, ओमान, कतर, तुर्की और वियतनाम भी यूरिया सप्लाई करने वाले देशों में शामिल रहे।

कहां-कहां से आ रही DAP: डीएपी का आयात अपेक्षाकृत कम देशों से हुआ। अप्रैल में 49,000 टन डीएपी पूरी तरह से मोरक्को से आयात किया गया। मई में मोरक्को, जॉर्डन, सऊदी अरब और दक्षिण कोरिया से खरीदारी की गई। खरीफ की मांग बढ़ने पर जून में भारत ने अपनी सोर्सिंग नेटवर्क का विस्तार करते हुए अल्जीरिया, चीन, मिस्र, जॉर्डन, मोरक्को, सऊदी अरब और अमेरिका से डीएपी आयात किया।

चीन और अमेरिका से सीमित आयात: इस अवधि के दौरान अमेरिका ने केवल जुलाई में 60,000 टन डीएपी की सप्लाई की और कोई अन्य उर्वरक नहीं भेजा। इसी तरह चीन ने अप्रैल में केवल 29,000 टन यूरिया और जुलाई में 45,000 टन डीएपी का निर्यात किया, क्योंकि चीन ने घरेलू जरूरतों का हवाला देते हुए पहले यूरिया निर्यात पर रोक लगा दी थी।

उर्वरकों की स्टॉक स्थिति और बिक्री

मंत्री ने पिछले चार महीनों के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता और बिक्री का डेटा भी साझा किया। 1 अप्रैल 2026 को भारत के पास 54.22 लाख टन यूरिया और 20.93 लाख टन डीएपी का शुरुआती स्टॉक था। 1 अप्रैल से 29 जुलाई 2026 के बीच देश की जरूरत 122.84 लाख टन यूरिया और 35.44 लाख टन डीएपी की थी, जबकि उपलब्धता क्रमशः 177.28 लाख टन यूरिया और 43.03 लाख टन डीएपी के साथ काफी अधिक रही।

डीबीटी के तहत अप्रैल-जुलाई के दौरान 112.53 लाख टन यूरिया और 26.59 लाख टन डीएपी की बिक्री हुई। 29 जुलाई तक स्टॉक 64.75 लाख टन यूरिया और 16.44 लाख टन डीएपी का रहा, जबकि 21.21 लाख टन सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) भी उपलब्ध था। चालू खरीफ सीजन में जून तक घरेलू उत्पादन 71.55 लाख टन यूरिया और 9.84 लाख टन डीएपी तक पहुंच गया।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN