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Relationship Tips: आपने देखा होगा कि कुछ कपल्स के बीच शादी के कई सालों बाद भी सेम प्यार और अट्रैक्शन बना रहता है। ऐसे हसबैंड अपनी वाइफ के बड़े दीवाने रहते हैं। कभी सोचा है उनकी वाइफ ऐसा क्या खास करती हैं? कोच से जानें उनकी आदतें।
शादी के बाद हर महिला की ख्वाहिश होती है कि उसका पति उसे बहुत प्यार करे, उसकी हर बात सुने और हर हाल में उसका साथ दे। लेकिन ज्यादातर मामलों में जैसे-जैसे समय बीतता जाता है पति-पत्नी के बीच दूरियां बढ़ने लगती हैं। पत्नी को लगने लगता है कि अब पति उसे पहले जैसा प्यार नहीं करते या उसके इमोशंस को समझने की कोशिश नहीं करते। वहीं, कुछ कपल्स ऐसे भी होते हैं, जिनके बीच शादी के कई साल बाद भी प्यार और अपनापन ज्यों का त्यों बना रहता है। ऐसे में मन में बस एक ही सवाल उठता है कि हमारे रिश्ते में ऐसा प्यार और अपनापन क्यों नहीं है? रिलेशनशिप कोच रिचा शर्मा के अनुसार, मजबूत रिश्ता सिर्फ किस्मत से नहीं बनता, बल्कि उसे बेहतर बनाने के लिए दोनों पार्टनर को लगातार कोशिश करनी पड़ती है। आइए विस्तार में जानते है-
मन की बात कहने से रिश्ते में बढ़ती है नजदीकी
कई बार पत्नियाँ चाहती हैं कि उनका पति बिना कुछ कहे ही उनकी परेशानी समझ जाए। लेकिन ऐसा होना मुमकिन नहीं है। आपके मन में क्या चल रहा है, आप किस बात से दुखी हैं या आपको अपने पार्टनर से किस तरह के साथ की जरूरत है, यह साफ-साफ बताना जरूरी है। तभी सामने वाला अपनी तरह से एफर्ट कर पाएगा।
पार्टनर की छोटी-छोटी कोशिशों की तारीफ करें
रिश्ते में अक्सर हम इस बात पर ज्यादा ध्यान देने लगते हैं कि पार्टनर ने क्या नहीं किया। इस वजह से उनकी छोटी-छोटी कोशिशें नजरअंदाज हो जाती हैं। हो सकता है कि आपके पति ने किसी काम में आपकी मदद की हो या मुश्किल समय में आपका साथ दिया हो। रिलेशनशिप कोच कहती हैं अपने पार्टनर के छोटी-छोटी कोशिशें के लिए उन्हें अप्रिशिएट करें। इससे बॉन्डिंग और प्यार गहरा होता है।
शादी के बाद भी दोस्ती बनाए रखें
शादी के बाद घर, काम और परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। कई बार इन्हीं के बीच पति-पत्नी की दोस्ती पीछे छूट जाती है। कोच के मुताबिक, शादी में प्यार के साथ दोस्ती बनाए रखना भी जरूरी है। अपने पार्टनर के साथ हंसी-मजाक करें, दिनभर की बातें शेयर करें और साथ में कुछ अच्छा समय बिताएं। इससे रिश्ता सिर्फ जिम्मेदारियों तक नहीं सिमटता, उसमें नयापन बना रहता है।
पार्टनर की पसंद और पर्सनल स्पेस का सम्मान करें
शादी का मतलब यह नहीं है कि पति-पत्नी की पसंद और जिंदगी जीने का तरीका ठीक एक जैसा हो। दोनों की अपनी अलग आइडेंटिटी होती है, जिसका सम्मान करना जरूरी है। पार्टनर की पसंद और पर्सनल स्पेस को समझना रिश्ते में भरोसा बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए हर बात पर रोक लगाने या अपनी पसंद थोपने से बचें। उन्हें अपने दोस्तों के साथ समय बिताने और पसंद के काम करने की आजादी दें। यही बात आप पर भी लागू होती है।
गुस्से में भी पार्टनर को नीचा ना दिखाएं
हर कपल्स के बीच कभी ना कभी बहस होती है, लेकिन गुस्से में कही गई बातें दिल दुखा सकती हैं। पार्टनर की कमजोरी का मजाक उड़ाना, पुरानी गलतियां गिनाना या बार-बार ताने देना रिश्ते को कमजोर कर सकता है। रिलेशनशिप कोच के मुताबिक, मतभेद होने पर भी एक-दूसरे की इज्जत बनाए रखना जरूरी है।
पार्टनर की बात ध्यान से सुनें
रिश्ते में सिर्फ अपनी बात कहना ही नहीं, बल्कि पार्टनर की बात सुनना भी जरूरी है। जब आपके पति किसी परेशानी या चिंता के बारे में बता रहे हों, तो उनकी बात बीच में काटने से बचें। पहले समझने की कोशिश करें कि वे क्या महसूस कर रहे हैं। ध्यान से सुनने पर पार्टनर को महसूस होता है कि उनकी भावनाएं आपके लिए मायने रखती हैं।
रिश्ते के साथ अपनी पहचान भी बनाए रखें
अच्छी पत्नी होने का मतलब यह नहीं है कि आप अपनी पसंद और शौक छोड़ दें। शादी के बाद भी आपकी अपनी जिंदगी और जरूरतें हैं। दोस्तों से मिलें, पसंद के काम करें और खुद के लिए समय निकालें। पति और परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ खुद का ध्यान भी रखें। हमेशा याद रखें, एक अच्छा रिश्ता बनाने के लिए खुद को भूल जाना जरूरी नहीं है।
जिम्मेदारियों के बीच साथ में समय बिताना जरूरी
घर और काम की जिम्मेदारियों के कारण पति-पत्नी को कई बार साथ बिताने के लिए समय नहीं मिल पाता। धीरे-धीरे बातचीत भी जरूरी कामों तक सीमित हो जाती है। कोच के अनुसार, साथ में हंसी-मजाक करना और प्यार भरे पल बिताना रिश्ते में अपनापन बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसलिए कभी साथ बैठकर चाय पिएं, टहलने जाएं या दिनभर की बातें करें। इन छोटी-छोटी बातों के लिए किसी खास मौके का इंतजार ना करें।
रिश्ते में प्यार के साथ सम्मान और बराबरी भी जरूरी है
रिश्ते को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी सिर्फ पत्नी की नहीं होती। अगर आप अपने पति की भावनाओं को समझने और उनका साथ देने की कोशिश करती हैं, तो उनसे भी ऐसी ही कोशिश की उम्मीद रख सकती हैं। अगर हमेशा एक ही व्यक्ति समझौता कर रहा है, तो इस बारे में खुलकर बात करें। रिश्ता तभी बेहतर बनता है, जब दोनों एक-दूसरे को प्यार और सम्मान दें।
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