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कुत्ता काट ले तो क्या करें? घाव पर हल्दी न लगाएं, डॉक्टर से जानें सही तरीका

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Source :- LIVE HINDUSTAN

कुत्ते के काटने पर कई लोग घाव पर हल्दी या सरसों का तेल लगा देते हैं। लेकिन डॉ. मीर के अनुसार, ऐसा करना सही नहीं है। जानें, रेबीज से बचने के लिए कौन से 4 कदम उठाना जरूरी है।

सुबह की सैर पर निकले और रास्ते में किसी कुत्ते ने काट लिया, तो सबसे पहले आप क्या करेंगे? घर पहुंचकर हल्दी लगाएंगे, सरसों का तेल डालेंगे या कपड़ा बांधकर बैठ जाएंगे? अक्सर घरों में चोट लगने पर ऐसे घरेलू तरीके अपनाए जाते हैं। लेकिन कुत्ते के काटने पर ये तरीके आपको बड़ी परेशानी में डाल सकते हैं। खासकर तब, जब इनके चक्कर में सही इलाज मिलने में देर हो जाए। ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. मीर ने कुत्ते के काटने के बाद तुरंत उठाए जाने वाले कदमों के बारे में बताया है। आइए समझते हैं कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना जरूरी है।

कुत्ते के काटने पर हल्दी और सरसों का तेल क्यों न लगाएं?

कई घरों में चोट लगने पर हल्दी लगाने या सरसों का तेल डालने की सलाह दी जाती है। लेकिन डॉ. मीर के अनुसार, कुत्ते के काटने पर ऐसा नहीं करना चाहिए। इस समय सबसे जरूरी है कि घाव को अच्छी तरह साफ किया जाए और जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाया जाए। हल्दी या तेल लगाने से घाव की सही सफाई नहीं होती। उल्टा, इनके इस्तेमाल में समय बर्बाद हो सकता है और जरूरी इलाज मिलने में देर हो सकती है। इसलिए कुत्ते के काटने पर घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय सही फर्स्ट एड अपनाएं।

कुत्ता काट ले तो सबसे पहले करें ये 4 काम

1. घाव को 15 मिनट तक साबुन और पानी से धोएं

कुत्ते के काटते ही सबसे पहले व्यक्ति को नल के नीचे ले जाएं। घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोएं। ऐसा करने से घाव में मौजूद कुत्ते की लार और वायरस की मात्रा कम करने में मदद मिलती है। दर्द होने पर भी सफाई बीच में न रोकें।

2. घाव पर सही एंटीसेप्टिक लगाएं

घाव धोने के बाद उसे साफ कपड़े से हल्के हाथों से सुखाएं। इसके बाद घाव को Dettol या Savlon से साफ करें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार पोविडोन आयोडीन जैसे एंटीसेप्टिक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। घाव पर हल्दी, सरसों का तेल, मिर्च, मिट्टी या कोई दूसरी घरेलू चीज न लगाएं। घाव को कसकर बांधने या खुद से सिलने की कोशिश भी न करें।

3. बिना देर किए रेबीज का टीका लगवाएं

कुत्ते के काटने के बाद उसी दिन नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें। डॉक्टर घाव देखकर तय करेंगे कि आपको रेबीज से बचाव के कितने टीके और किस तरह के इलाज की जरूरत है। टीके की पहली खुराक लगवाने के बाद बाकी खुराकें भी डॉक्टर के बताए समय पर जरूर लें। बीच में इलाज न छोड़ें।

4. अगर इन जगहों पर काटा है तो…

अगर कुत्ते ने सिर, मुंह, गले, गर्दन या फिर हाथ पर काटा है, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। यहां से वायरस बहुत जल्द दिमाग तक पहुंच सकता है।

  • जरूरत पड़ने पर इम्युनोग्लोबुलिन भी लगवाएं

अगर कुत्ते ने त्वचा को गहराई तक काटा है और खून निकला है, तो यह गंभीर तरह का संपर्क हो सकता है। ऐसे मामलों में रेबीज के टीके के साथ रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) की भी जरूरत पड़ सकती है। इसे घाव के आसपास लगाया जाता है। इसकी जरूरत है या नहीं, यह डॉक्टर तय करेंगे। चेहरे, गर्दन और हाथों पर काटने की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचें।

  • कुत्ते को 10 दिन देखने के चक्कर में न टालें इलाज

कई लोग सोचते हैं कि गली का कुत्ता है और ठीक दिख रहा है, इसलिए कुछ दिन इंतजार कर लेते हैं। लेकिन ऐसा करना सही नहीं है। कुत्ते को 10 दिन तक देखना पशु स्वास्थ्य और डॉक्टरों की निगरानी में होने वाली प्रक्रिया है। इसका मतलब यह नहीं कि इस दौरान इंसान अपना इलाज टाल दे। डॉक्टर को कुत्ते के बारे में जानकारी दें और उनके बताए इलाज को तुरंत शुरू करें।

  • रेबीज के लक्षण आने का इंतजार न करें

रेबीज एक गंभीर बीमारी है। जब इसके लक्षण दिखने लगते हैं, तब बीमारी लगभग हमेशा जानलेवा होती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि कुत्ते के काटने के बाद समय पर घाव की सफाई और सही इलाज से इसे रोका जा सकता है। इसलिए काटने के बाद दर्द कम होने या घाव भरने का इंतजार न करें। तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और इलाज का पूरा कोर्स जरूर लें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN