Source :- INDIATV NEWS

न्यूजीलैंड के दौरे पर पहुंचने के बाद 5 मैचों की टी20 सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबलों में टीम इंडिया का विजयी अभियान देखने को मिला, लेकिन चौथे मुकाबले में उनको 87 रनों से हार का सामना करना पड़ा। अभी तक इस टी20 सीरीज में भारतीय टीम के गेंदबाजों का प्रदर्शन बिल्कुल भी उम्मीद के अनुसार देखने को नहीं मिला जिसमें चौथे टी20 मैच में कीवी टीम ने 20 ओवर्स में 259 रनों का स्कोर बना दिया। अभी तक इस टी20 सीरीज में टीम इंडिया अपने दो प्रमुख स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती के बिना ही मैदान पर उतरी है, जिनको लेकर चौथे मुकाबले में हार के बाद स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले का बयान सामने आया जिसमें उन्होंने साफ कर दिया कि आखिरी मुकाबले में भी दोनों गेंदबाजों को मौका मिलने की संभावना काफी कम है।
हो सकता है कि उन्हें खेलने का मौका नहीं मिले
भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड टी20 मुकाबले के बाद दिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को मौका नहीं दिए जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि मेरे हिसाब से सबसे अहम बात यह है कि कुलदीप और वरुण खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन टीम को जिस तरह के गेंदबाजी कॉम्बिनेशन की जरूरत है, उसे समझना भी जरूरी है। हो सकता है कि उन्हें खेलने का मौका नहीं मिले और दोनों ही इस बात को अच्छी तरह से समझते भी हैं। इसके बावजूद वह लगातार अभ्यास और मेहनत कर रहे हैं। जब भी टीम को उनकी जरूरत होगी, वह खेलने के लिए तैयार रहेंगे। मेरा मानना है कि यह सिर्फ उन्हें मौका देने की बात है।
वनडे सीरीज में कुलदीप मिल सकता है खेलने का मौका
टीम इंडिया को 5 मैचों की टी20 सीरीज के बाद वनडे सीरीज खेलनी है, जिसमें कुलदीप यादव स्क्वॉड का हिस्सा हैं। स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने कहा कि उम्मीद है कि अगले मैच और आने वाली वनडे सीरीज में उन्हें मौका मिलेगा। वहीं उन्होंने चौथे टी20 मैच में गेंदबाजों के डिफेंसिव होने को लेकर कहा कि हम अपने गेंदबाजों को आक्रामक बॉलिंग करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। कभी-कभी रक्षात्मक गेंदबाजी करना भी आक्रामक भूमिका निभाने जैसा होता है। हमें मैच की अलग-अलग परिस्थितियों से निपटना होता है। अक्षर पावरप्ले में गेंदबाजी करते हैं और उन्हें जिस भी ओवर में जिम्मेदारी दी जाती है, वह उसे बखूबी निभाते हैं। जब आपके पास वरुण और कुलदीप जैसे गेंदबाज विकल्प के रूप में मौजूद हों, तो वह भी पारी के किसी भी चरण में गेंदबाजी करने के लिए तैयार रहते हैं। ऐसी परिस्थितियों में उनकी भूमिका अलग होती है। हालांकि उन्हें यह स्पष्ट रूप से बता दिया जाता है कि टीम उनसे क्या उम्मीद करती है।
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