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कैश बढ़ेगा, बैकडोर से कस्टमर पर बोझ; UPI चार्ज के मुद्दे पर क्या बोला कारोबारी संगठन?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

केंद्र सरकार ने 2 हजार तक के यूपीआई और रुपे कार्ड ट्रांजैक्शन को पूरी तरह शुल्क मुक्त रखा है लेकिन उससे अधिक के भुगतान पर का व्यापारी संगठनों ने विरोध किया है। क्या है उनकी दलील?

राजीव शर्मा, नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने सोमवार को ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट’ में बदलाव की जानकारी दी। इसके तहत 2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगाया जा सकेगा। वित्त मंत्रालय ने अपने गैजेट नोटिफिकेशन में कहा है कि एक्ट की धारा 10A के तहत लगाई गई रोक में 2 तरह के पेमेंट शामिल हैं। एक रूपे डेबिट कार्ड से किए गए पेमेंट और 2,000 तक के यूपीआई भुगतान… नोटिफिकेशन के मुताबिक, कोई भी बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर इन तरीकों से पेमेंट करने या लेने वाले व्यक्ति पर सीधे या परोक्ष रूप से कोई चार्ज नहीं लगा सकता है। इस मुद्दे पर दिल्ली के कारोबारी संगठन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

कारोबारी संगठन सीटीआई का विरोध

सरकार की ओर से यूपीआई पर 2000 रुपये से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर एमडीआर का रास्ता खोले जाने का चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) विरोध किया है। सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि 2000 रुपये से ज्यादा की यूपीआई पेमेंट पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगना चाहिए। हम इसका पूरी तरह से विरोध करते हैं।

बैकडोर से कस्टमर पर ही बढ़ेगा लोड

सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि सरकार कह रही है कि शुल्क ग्राहक से नहीं मर्चेंट से लिया जाएगा लेकिन हकीकत यह कि दुकानदार पैसे घुमा-फिराकर ग्राहक से ही वसूलेगा। 2000 रुपये का सामान खरीदने पर यदि दुकानदार को 1 परसेंट भी एमडीआर देना पड़ा तो 20 रुपये का नुकसान होगा। वह या तो ग्राहक से कैश मांगेगा या सामान महंगा करेगा।

कैस का चलन बढ़ेगा

सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि सरकार के इस फैसले का सीधा असर यह होगा कि लोग फिर से नकदी लेन-देन की ओर रुख करेंगे। पिछले 6 साल में हमने बड़ी मुश्किल से छोटे से छोटे दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वालों को यूपीआई पर लाया है।

डिजिटल इंडिया मिशन को झटका

सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि आज दिल्ली के सदर बाजार, चांदनी चौक, लाजपत नगर, चावड़ी बाजार, कमला नगर, करोल बाग, गांधी नगर में 90 फीसदी पेमेंट यूपीआई से होती है। अगर एमडीआर लगा तो व्यापारी बोर्ड लगा देगा 2000 से ऊपर यूपीआई नहीं चलेगा, कैश दीजिए। इससे डिजिटल इंडिया मिशन को झटका लगेगा।

व्यापारिक लेन-देन पर चार्ज

सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने आगे कहा कि सरकार कह रही है कि सिर्फ 4 फीसदी ट्रांजैक्शन 2000 से ऊपर हैं लेकिन वैल्यू में वह 66 फीसदी हैं। मतलब सबसे ज्यादा व्यापारिक लेन-देन पर ही चार्ज लगेगा।

इन सेक्टर्स को झटका

सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, कपड़ा, ज्वेलरी, फर्नीचर, होलसेल सब 2000 से ऊपर के ही ट्रांजैक्शन हैं। एमएसएमई व्यापारी 1 से 2 फीसदी मार्जिन पर काम करता है। वह एमडीआर कहां से देगा।

व्यापारी और ग्राहक पर बोझ न डाले सरकार

सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि CTI की मांग है कि यूपीआई और रूपे डेबिट कार्ड पूरी तरह से एमडीआर फ्री रखा जाए, जैसे 2020 से चल रहा है। अगर बैंकों को खर्च की दिक्कत है तो सरकार उन्हें सीधे इंसेंटिव दे, व्यापारी और ग्राहक पर बोझ न डाले।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN