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कोई इनको झूठ बोलने का नोबेल दे दो! संभल नहीं रहा देश तो भारत का नाम लेने लगे पाकिस्तानी जनरल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

भारत से बार बार फटकार के बाद भी पाकिस्तानी जनरलों की झूठ बोलने की आदत नहीं जा रही है। अपनी नाकामी को छिपाने के लिए वे किसी भी हद तक चले जाते हैं।

पाकिस्तानी सेना के डीजी आईएसपीआर लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी का नाम आपने जरूर सुना होगा। ये अपनी फजीहत करवाने के लिए मशहूर हैं। चाहे किसी महिला पत्रकार को इंटरव्यू के बीच आंख मारना हो या कभी ‘मजा करा दूंगा’ जैसी सड़कछाप भाषा का इस्तेमाल, जनरल अहमद शरीफ अपनी इन्हीं बहादुरियों की वजह से जाने जाते हैं। झूठ बोलने के उस्ताद हैं। अब एक बार फिर पुराना राग अलापते नजर आए। उन्होंने पाकिस्तानी हुकूमत की नाकामियों का ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश की। लेकिन शायद पाकिस्तानी जनरल यह भूल गए कि एक ही झूठ बार-बार बोलने से वह सच में नहीं बदल जाता।

दरअसल पाकिस्तान की स्थिति इस समय बेहद खराब है। जहां एक तरफ पाक के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आटे, दाल और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों को लेकर जनता सड़कों पर है वहीं दूसरी तरफ बलूचिस्तान में बरसों के दमन से परेशान होकर बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना पर बड़े हमले शुरू कर दिए हैं। इधर खैबर पख्तूनख्वा तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हमलों से दहल रहा है। इस हालात में भी पाकिस्तान समाधान निकालने की बजाय झूठ बोलने में व्यस्त है। इन पाकिस्तानी जनरलों को अब शायद झूठ बोलने का नोबेल पुरस्कार चाहिए!

अहमद शरीफ के झूठों की लिस्ट

लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ हालिया प्रेस ब्रीफिंग में पत्रकारों को संबोधित करते हुए भारत पर आरोप लगाते नजर आए। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों की फंडिंग कर रहा है। पाक सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने हाल ही में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान 54 “भारत-समर्थित प्रॉक्सियों” को मार गिराया है। यही नहीं डीजी आईएसपीआर ने आरोप लगाया कि तालिबानी हुकूमत भारत के साथ मिलकर पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा को अस्थिर करने की साजिश रच रही है। हालांकि हमेशा के तरह पाकिस्तान एक भी सबूत पेश नहीं कर पाया।

ध्यान भटकाने की पुरानी आदत

पाकिस्तानी जनरल की यह हताशा समझी भी जा सकती है। देश में बार-बार सुरक्षा चूक, इंटेलिजेंस फेलियर और विद्रोह को रोकने में नाकामयाब होने की वजह से पाकिस्तानी सेना को भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पाकिस्तान ध्यान भटकाने की अपनी पुरानी कोशिश में लगा है। सूत्रों के मुताबिक हालिया सैन्य ब्रीफिंग में पाकिस्तानी जनरल का पूरा ध्यान भारत के खिलाफ आरोप लगाने पर रहा। इस बात की कोई जानकारी या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया कि उग्रवादी समूह आखिर पाकिस्तान के अंदर इतने सुनियोजित हमलों को अंजाम देने में कैसे सफल हो जाते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN