Source :- BBC INDIA
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इंडिया गठबंधन की ओर से शनिवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ की कार्यवाही शुरू हुई.
इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर चुनाव आयोग को चला रहे हैं.
खड़गे के आवास पर हो रहा यह कार्यक्रम संसद की औपचारिक कार्यवाही या संवैधानिक महाभियोग प्रक्रिया का विकल्प नहीं है. यह एक प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध है, जिसके ज़रिए विपक्ष अपने आरोपों को प्रमुखता से उठाना चाहता है.
खड़गे ने कहा, ”आज से सात महीने पहले 193 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों में रखा था. पर इन सांसदों के नोटिस ख़ारिज कर दिए गए. इन नोटिसों को संज्ञान में नहीं लिया गया.”
उन्होंने कहा, ”मुख्य चुनाव आयुक्त से कोई निजी वैर नहीं है लेकिन हमारी मंशा है कि वो संविधान की भावनाओं के अनुरूप काम करें.आम आदमी का भरोसा उस पर कायम रहे. नौजवानों,महिलाओं और कमजोर तबकों का चुनाव आयोग पर भरोसा कायम रहे.”
खड़गे ने कहा, ”मुख्य चुनाव आयुक्त ऐसा काम करें जिससे लोगों के वोट देने का अधिकार कोई दिल्ली में बैठकर कंप्यूटर से डिलीट न करे.”
उन्होंने कहा कि देश में जो ‘वोट चोरी’ हो रही है, उसे रोकने के लिए यहां आए इंडिया गठबंधन के सांसद तैयार हो गए हैं.
मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित ‘इस मॉक संसद’ में संसद के तर्ज़ पर सेट-अप तैयार किया गया था.
खड़गे ने कहा, ”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने दिसंबर 2023 में अपनी सरकार के ज़रिये ज्ञानेश कुमार को आजीवन क़ानूनी सुरक्षा दे दी थी. यह सब ज्ञानेश कुमार की ओर से देश और इसके संविधान के ख़िलाफ़ किए गए आपराधिक कृत्य को छिपाने के लिए किया गया. इसलिए ज्ञानेश कुमार को तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए.”
खड़गे ने कहा, ” बिहार में एसआईआर के जरिए वोट चोरी का पहला प्रयोग हुआ. फिर इसे पूरे देश में बीजेपी विरोधी वोटरों को डिलीट करने के लिए लागू किया गया.”
”हम मृतकों को वोटर लिस्ट में बनाए रखने की पैरवी नहीं कर रहे हैं, उन्हें जरूर लिस्ट से हटाया जाना चाहिए. लेकिन मोदी सरकार बार-बार घुसपैठियों का बहाना देकर अपनी गलतियों को छिपाने का काम कर रही है.”
”यानी जो खुद ही चोर हैं, वो ही डेमोक्रेसी की हिफ़ाजत करने वालों को डांट रहे हैं.”
” हमने ईसीआई तक मार्च किया. फिर राष्ट्रपति से मिले, मेमोरेंडम दिया. हम सुप्रीम कोर्ट भी गए और पिटीशन दी.”
”हम कोशिश कर रहे हैं कि लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली को बचाया जा सके और इसके लिए हमें सड़क पर भी आना पड़ा.”
ज्ञानेश कुमार पर ‘जन महाभियोग’ में लगाए गए आरोप
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- वोट चोरी की साजिश की.
- 13.2 करोड़ वोटरों के नाम हटाए.
- संसद की निगरानी के बिना फॉर्म 6 में बदलाव किया.
- ईसीआईनेट के ज़रिये वोटर लिस्ट जब्त किए.
- दो चुनाव आयुक्तों को बोलने नहीं दिया.
- पीएम मोदी और अमित शाह के निर्देश पर काम किया.
इस सुनवाई की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार कर रही हैं.
संसद की तर्ज़ पर ही इंडिया गठबंधन के सांसदों को बिठाया गया था.
इंडिया गठबंधन समेत विपक्ष के दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं.
उनका कहना है कि इस प्रक्रिया से लगभग 13 करोड़ वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से कट गए हैं. ये लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधी चोट है.
विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहा है.
विपक्ष का यह विरोध वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी और चुनावी अनियमितताओं को लेकर है.
यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को होना था, लेकिन दिल्ली में हुई भारी बारिश के कारण इसे टाल दिया गया था.
इंडिया गठबंधन एक नवंबर को रामलीला मैदान में एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहा है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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