Source :- LIVE HINDUSTAN
बांग्लादेश की राजधानी ढाका के एक बस्ती इलाके में पिछले कुछ हफ्तों से करीब 150 चीनी इन्फ्लुएंसर्स ने डेरा डाला हुआ है। यह बस्ती के गंदे इलाकों को नई दिल्ली का हिस्सा बताकर लाइव स्ट्रीम कर रहे हैं।
पिछले महीने जब इस बात की आधिकारिक पुष्टि हुई कि भारत उन 7 देशों में शामिल है, जो 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी कर सकते हैं। तो इसके साथ ही सोशल मीडिया पर एक अजीब बात देखने को मिली। विदेशी लोगों ने भारतीयों के खिलाफ नस्लभेदी टिप्पणियां की। भारत को एक गंदगी से भरा देश करार देते हुए दुनियाभर के मीम्स बनाएं। इससे पता चलता है कि विदेशियों के मन में भारत की छवि किस तरह की बनी हुई है। लेकिन सवाल यही है कि आखिर यह छवि बनती कैसे है?
इसकी बानगी बांग्लादेश में पिछले कुछ हफ्तों से देखी जा रही है। यहां पर करीब 150 से ज्यादा चीनी नागरिक पिछले तीन हफ्तों से वीडियो बना रहे हैं। खास बात यह है कि वह इन गंदी बस्तियों को बांग्लादेशी नहीं बल्कि भारतीय बताकर उनका प्रचार कर रहे हैं। बांग्लादेशी अखबार प्रथोम ओलो की रिपोर्ट के मुताबिक, इन चीनी नागरिकों के बारे में न तो स्थानीय पुलिस को सही जानकारी है और न ही स्थानीय प्रशासन को इसकी भनक है। तीन हफ्तों से यह लोग लगातार क्षेत्र में वीडियो ग्राफी कर रहे हैं और इन वीडियो को अपने पास रख रहे हैं।
प्रथोम ओलो की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोगों के मन में भी जब इन लोगों को लेकर शंका पैदा हुई, तो उन्होंने पूछना शुरू किया कि आखिर इन वीडियो का किया क्या जाता है? इस पर वीडियो बना रहे एक चीनी नागरिक ने बताया कि वह इन वीडियोज को चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीचैट के लिए बना रहा है।
गंदी बस्तियों में वीडियो शूट कर रहे चीनी नागरिक
प्रथोम ओलो की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन नागरिकों द्वारा यह सिलसिला पिछले तीन हफ्तों से लगातार जारी है। पहले स्थानीय लोग उनके वीडियो रिकॉर्ड करने के तरीके से प्रभावित थे, लेकिन बाद में वह इनसे परेशान होने लगे। ऐसे में जब इन चीनी नागरिकों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया। हालांकि, बाद में इन नागरिकों के लिए गाइड के तौर पर काम करने वाली ऋतु अख्तर नामक महिला ने बात करवाने की कोशिश की।
चीन से आई फैंगयू (एक इंफ्लुएंसर) ने बताया कि वह वीचैट और टिकटॉक जैसे चीनी मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए लाइव स्ट्रीम करते हैं। हालांकि, जब फैंगयू से पूछा गया कि आखिर वह उत्तरा जैसे कम विकसित जगह से ही क्यों लाइव स्ट्रीम कर रहे हैं, तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया।
बता दें, बांग्लादेश की राजधानी ढाका के एक उपनगर उत्तरा में टेकपारा नामक इलाका कम विकसित है। यह इलाका छोटी गलियों और ज्यादा आबादी के लिए फेमस है। यहां पर स्थानीय लोग झुग्गियों में गरीबी में जीवन व्यतीत करते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक चीनी नागरिक सबसे ज्यादा सेक्टर 12 के पास वीडियो शूट करते हैं, जहां एक गंदी नहर बहती है।
बांग्लादेश में शूटिंग बता रहे नई दिल्ली
प्रथोम ओलो अखबार के मुताबिक, यह सभी इन्फ्लुएंसर लगातार चीनी भाषा में ही अपनी बात को कह रहे होते हैं। लेकिन जब उनकी बात को गूगल ट्रांसलेट की मदद से स्थानीय भाषा में बदला गया, तो साफ समझ आया कि यह लोग भले ही बांग्लादेश में शूट कर रहे थे। लेकिन अपनी भाषा में वह इस इलाके को नई दिल्ली बता रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, मियानमियान नाम की एक चीनी महिला उत्तरा के सेक्टर 12 में नहर के किनारे खड़ी होकर दर्शकों को टेकपारा के वीडियो दिखा रही थी। अपनी लाइवस्ट्रीम के दौरान उसने कहा, “यह नई दिल्ली है। यहाँ लोगों के घर बहुत गंदे हैं। टीन की छत वाले इन घरों के अंदर एक पंखा तक नहीं है। यह जगह काफी पिछड़ी, गंदी और अस्वच्छ है, और यहाँ कानून-व्यवस्था की स्थिति भी खराब है।” इसके बाद उसने बताया कि भारत में लोग शौचालय का इस्तेमाल कैसे करते हैं।
गाय के मूत्र की चाय पीते हैं- चीनी इन्फ्लुएंसर
प्रथोमो ओलो की रिपोर्ट के मुताबिक, एक चीनी इन्फ्लुएंसर वांग वेई टेकपारा में एक छोटे पुल के दोनों तरफ मौजूद चाय की दुकानों का वीडियो रिकॉर्ड करती है। अपनी लाइवस्ट्रीम के दौरान उसे यह कहते हुए सुना गया, “देखो, ये लोग चाय पी रहे हैं। क्या आप जानते हैं कि यह किस तरह की चाय है? यह गाय के मूत्र से बनी चाय है। ये लोग गाय के मूत्र वाली चाय पीते हैं।” एक दूसरी चाय की दुकान के सामने खड़े होकर, उसने अपनी लाइवस्ट्रीम में दावा किया कि लोग जो चाय पी रहे हैं, वह नदी के गंदे पानी से बनी है। उसने उनके रहन-सहन को भी बेहद अस्वच्छ बताया।
इतना ही नहीं कई लोग लगातार इस बात का भी जिक्र कर रहे थे कि इस क्षेत्र में रहने वाले लोग बेहद ही गंदी और सीलन भरी जगह पर रहते हैं। कई इन्फ्लुएंसर चीनी भाषा में इस बात का दावा कर रहे थे कि बांग्लादेशी पुरुषों के हाथ में जब भी पैसे आते हैं, तो वे उनका गलत इस्तेमाल करते हैं। वहीं, लाइवस्ट्रीम करने वाली कुछ चीनी महिलाओं को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वे यहाँ अपने पतियों और परिवारों के साथ रहती हैं, क्योंकि उन्होंने भारत में शादी की है।
भारत के खिलाफ नस्ल भेद फैलाते हैं चीनी प्लेटफॉर्म
बांग्लादेश की गंदी गलियों को भारत का बताकर रिपोर्ट करने वाले चीनी इंफ्लुएंसर कोई नई बात नहीं है। हाल ही में सिंगापुर ने भी चीनी सोशल मीडिया एप्स पर भारत विरोधी कंटेंट की भरमार की आवाज उठाई थी। इतना ही नहीं हालात इतने बिगड़ गए कि सिंगापुर सरकार को चीनी एप्स पर दिखने वाले भारत विरोधी कंटेंट पर कड़ा ऐक्शन लेते हुए बैन तक लगाना पड़ गया था।
बता दें, चीन समेत कई देश लगातार भारत और दक्षिण एशियाई देशों को गरीब और तीसरी दुनिया का देश घोषित करने में लगे रहते हैं। पिछली सदी में भारत के खिलाफ नफरत सीधा पश्चिमी देशों की तरफ से आती थी, लेकिन 21वीं सदी में चीन इस लिस्ट में आगे आता हुआ दिखाई दे रहा है।
एक तरफ चीनी नागरिक बांग्लादेश में खड़े होकर भारत और स्थानीय लोगों के बारे में गलत जानकारी दे रहे हैं। लेकिन बांग्लादेश के स्थानीय प्रशासन को इसके बारे में जरा भी भनक नहीं है। प्रथोम ओलो की रिपोर्ट के मुताबिक अखबार और स्थानीय लोगों ने मिलकर इस बारे में जब पुलिस से जवाब मांगना चाहा, तो उनका कहना था कि इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। इस मामले की जांच के लिए उच्च अधिकारियों से बात की गई है।
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