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गुस्स े मे ं भ ी अपन े बच्च े स े न ा कहे ं य े 3 बातें, जिंदगीभर क े लिए कड़वाहट रख सकत े हैं!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

गुस्स े मे ं कई बार पैरेंट्स बच्चो ं स े कुछ ऐस ी बाते ं बोल देत े हैं, जिनक ा उनक े दिल और दिमाग पर गहर ा असर पड ़ सकत ा है । कई बाद य े बाते ं बच्च े क े आत्मविश्वास क ो कम कर सकत ी है ं और जिंदगीभर क े लिए उन्हे ं याद रह सकत ी हैं । इसलिए ध्यान रखे ं क ि गुस्स े मे ं भ ी ऐस ी शब्दो ं क ा इस्तेमाल न ा किय ा जाए।

बच्चो ं क ी परवरिश मे ं प्यार क े साथ-साथ धैर्य रखन ा भ ी बहुत जरूर ी है । कई बार पैरेंट्स दिनभर क ी थकान, स्ट्रेस य ा बच्च े क ी किस ी गलत ी क े कारण गुस्स ा ह ो जात े हैं । ऐस े मे ं व ो बिन ा सोचे-समझ े कुछ ऐस ी बाते ं कह देत े हैं, जिनक ा असर बच्च े क े मन पर लंब े समय तक रह सकत ा है । भल े ह ी पैरेंट्स क ा इराद ा बच्च े क ो दुख पहुंचान ा न ा हो, लेकिन उनक े शब्द बच्च े क े मन पर गहर ा असर डाल सकत े है । इसलिए गुस्स े मे ं भ ी अपन ी बात सोच-समझकर कहन ा जरूर ी है । चलिए जानत े है ं ऐस ी कौन स ी बाते ं है ं जिन्हे ं गुस्स े मे ं भ ी अपन े बच्चो ं स े नही ं कहन ा चाहिए।

तुमस े कुछ नही ं होगा

जब बच्चा कोई गलती करता है या किसी काम में बार-बार असफल होता है, तो कई बार गुस्से में पैरेंट्स कह देते हैं कि तुमस े कुछ नही ं होगा। हो सकता है कि आप यह बात उसे अपनी गलती का एहसास कराने के लिए कह रहे हों, लेकिन बच्चा इसे अपने बारे में सच मान सकता है। उसे लगने लगता है कि वह किसी काम के लायक नहीं है।

ऐस ी बाते ं उसक े कॉन्फिडेंस क ो कमजोर कर सकत ी है ं और आग े कोशिश करन े स े भ ी रोक सकत ी हैं । इसलिए ऐस ी बाते ं कहन े स े बचें । बच्च े क ो उसक ी गलत ी समझाए ं और उस े सुधारन े क ा मौक ा दें । आप कह सकत े है ं क ि इस बार तुमस े गलत ी हुई है, लेकिन अगल ी बार तुम बेहतर कर सकत े हो । इसस े बच्च े क ो अपन ी गलत ी सुधारन े और दोबार ा कोशिश करन े क ी हिम्मत मिलेगी।

काश तुम मेर े बेट े होत े ह ी नही ं

आप कितना भी गुस्सा हो लेकिन बच्चे से कभी यह ना कहें कि काश तुम मेर े बेट े होत े ह ी नही ं। गुस्से में कही गई यह बात बच्चे को बहुत दुख पहुंचा सकती है। पैरेंट्स बच्चे के लिए प्यार और सुरक्षा का बड़ा सहारा होते हैं। ऐसे में जब वही उससे कह देते हैं कि काश वह उनका बेटा होता ही नहीं, तो बच्चे के मन पर गहरी छोटी लगती है। भले ही आप कुछ देर बाद शांत होकर अपनी बात भूल जाएं, लेकिन बच्चा उस पल को लंबे समय तक याद रख सकता है। इसलिए बेटे की किसी गलती पर उसके होने या न होने को लेकर ऐसी बात कभी न कहें।

मुझ े तुम पर बिल्कुल भरोस ा नही ं ह ै

बच्चों के लिए पैरेंट्स का भरोसा बहुत मायने रखता है। जब बच्चा कोई गलती करता है, तो गुस्से में उससे यह कहना कि मुझ े तुम पर बिल्कुल भरोस ा नही ं ह ै’, उसके मन में गलतफहमी पैदा कर सकता है। उसे लग सकता है कि माता-पिता उसकी किसी बात पर विश्वास नहीं करते और चाहे वह कितनी भी कोशिश कर ले, उन्हें उस पर भरोसा नहीं होगा। इससे वह अपनी बात बताने या अपनी परेशानी शेयर करने से भी हिचक सकता है।

अगर बच्च े न े कोई गलत ी क ी है, त ो उसक े व्यवहार पर बात करें, न ा क ि उसक े पूर े व्यक्तित्व पर सवाल उठाएं । उस े बताए ं क ि इस बार उसक ी बात य ा काम स े आपक ा भरोस ा कम हुआ है, लेकिन वह अपन ी जिम्मेदार ी समझकर इस े दोबार ा मजबूत कर सकत ा है । इसस े उस े अपन ी गलत ी सुधारन े क ा मौक ा मिलेग ा और वह भरोस े क ी अहमियत भ ी समझ पाएगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN