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राजधानी दिल्ली के साकेत स्थित PMLA के मामलों की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई। इसमें 2,399.65 करोड़ रुपये के मौजूदा बाजार मूल्य (बुकिंग मूल्य 810 करोड़ रुपये) वाली संपत्तियों को जब्त करने की अपील की गई है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने घर खरीदारों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में ऐक्शन लिया है। ईडी ने शुक्रवार को रियल एस्टेट कंपनी रहेजा डेवलपर्स, इसके मुख्य प्रवर्तक नवीन रहेजा और उनके परिवार के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। बताया गया कि साकेत स्थित धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के मामलों की विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की गई। आरोप पत्र में 2,399.65 करोड़ रुपये के मौजूदा बाजार मूल्य (बुकिंग मूल्य 810 करोड़ रुपये) वाली संपत्तियों को जब्त करने का अनुरोध किया गया है।
आरोप पत्र में नामजद आरोपियों में रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड (RDL), इसके प्रबंध निदेशक नवीन रहेजा, उनके बेटे नयन रहेजा, बेटी नयना सिंघानिया, पत्नी निर्मल रहेजा और 16 अन्य व्यक्ति तथा संस्थाएं शामिल हैं। ईडी के मुताबिक, धनशोधन का यह मामला घर खरीदारों की शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और गुरुग्राम पुलिस की ओर से दर्ज की गई प्राथमिकी पर आधारित है।
चार्जशीट में किस तरह के आरोप
विज्ञप्ति के मुताबिक, खरीदारों ने समूह की रहेजा रेवांता, अटलांटिस, नवीन मीनार और द दिल्ली मॉल जैसी परियोजनाओं में आवासीय फ्लैट और वाणिज्यिक इकाई खरीदने के लिए भुगतान किया, लेकिन उन्हें न तो संपत्ति का स्वामित्व मिला और न ही उनके पैसे वापस किए गए। एजेंसी ने आरोप लगाया कि आरडीएल ने दिल्ली और गुरुग्राम में अपनी आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए लगभग 4,600 खरीदारों और निवेशकों से समय पर कब्जा देने का वादा करके 2,699 करोड़ रुपये जुटाए।
ईडी ने कहा, ‘निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने के बजाय 1,353.26 करोड़ रुपये की राशि को अब तक अपराध से प्राप्त रकम माना गया है। इसमें से 1,175.86 करोड़ रुपये परियोजना, एस्क्रो और रेरा खातों से निर्माण के अलावा अन्य कार्यों के लिए निर्धारित किए गए थे। 177.40 करोड़ रुपये घर खरीदारों से पंजीकरण के लिए नकद के रूप में लिए गए थे।’ इसमें दावा किया गया कि समूह की अधिकांश परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। रहेजा डेवलपर्स ने पहले कहा था कि गुरुग्राम में उनकी परियोजना ‘रहेजा रेवंता’ में देरी का मुख्य कारण जरूरी सरकारी बुनियादी ढांचे की कमी थी, जबकि उन्होंने सभी आवश्यक शुल्क का पूरा भुगतान कर दिया था।
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