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छोटी छत पर सोलर पैनल लगवाना है? जगह, धूप और छत की मजबूती पहले चेक करें

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Source :- LIVE HINDUSTAN

घर की छत छोटी है और आप बिजली का बिल कम करने के लिए सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं, तो पहले कुछ जरूरी बातें जान लें। सही जगह और जरूरत के हिसाब से सोलर लगवाना आसान हो सकता है।

हर महीने बिजली का बिल घर के बजट पर असर डालता है। ऐसे में कई लोग घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने के बारे में सोचते हैं, ताकि बिजली के बिल में बचत हो सके। लेकिन परेशानी तब होती है, जब छत छोटी हो या उस पर पहले से पानी की टंकी, सीढ़ियों का कमरा और दूसरी चीजें रखी हों। ऐसे में अक्सर लगता है कि सोलर पैनल लगाने के लिए ज्यादा जगह चाहिए और छोटी छत पर यह काम नहीं हो पाएगा। हालांकि, हर घर की जरूरत और छत की बनावट अलग होती है। इसलिए सोलर लगवाने से पहले कुछ बातें चेक करना जरूरी है।

1. सबसे पहले छत की खाली जगह देखें

सोलर पैनल लगवाने के लिए पूरी छत खाली होना जरूरी नहीं है। सबसे पहले यह देखें कि छत पर कितनी जगह खाली है और वहां कितने पैनल लगाए जा सकते हैं। पैनल लगाने के लिए सिर्फ जगह होना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें सही तरीके से लगाने और बाद में सफाई करने के लिए भी थोड़ी जगह चाहिए। इसलिए छत का नाप लेकर किसी अच्छे सोलर इंस्टॉलर से सलाह लें। इससे आपको अंदाजा मिल जाएगा कि आपकी छत पर कितने पैनल लग सकते हैं।

2. छत पर धूप कितनी देर आती है?

सोलर पैनल बिजली बनाने के लिए सूरज की रोशनी का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए यह देखना जरूरी है कि आपकी छत पर दिन में कितनी देर सीधी धूप आती है। अगर आसपास ऊंची इमारतें, पेड़ या कोई दूसरी चीज छत पर छाया करती है, तो पैनल से बनने वाली बिजली कम हो सकती है। छोटी छत पर यह बात और भी जरूरी हो जाती है, क्योंकि वहां पैनल लगाने की जगह पहले से सीमित होती है। इंस्टॉलर से छत पर धूप और छाया की जांच करवाएं। इससे पैनल लगाने की सही जगह चुनने में मदद मिलेगी।

3. घर में बिजली की जरूरत कितनी है?

सोलर पैनल लगवाने से पहले यह भी समझें कि आपके घर में हर महीने कितनी बिजली खर्च होती है। अगर घर में पंखे, लाइट, फ्रिज और टीवी जैसे उपकरण चलते हैं, तो जरूरत अलग होगी। वहीं, एसी, गीजर और दूसरे ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल से जरूरत बढ़ सकती है। अपने पिछले कुछ महीनों के बिजली बिल देखें और रोज के इस्तेमाल का अंदाजा लगाएं। इसके बाद तय करें कि आपको कितनी क्षमता वाला सोलर चाहिए। छोटी छत पर जरूरत के हिसाब से सही सिस्टम चुनना जरूरी है, ताकि उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल हो सके।

4. छत मजबूत है या नहीं, यह भी जांचें

सोलर पैनल और उन्हें लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाला ढांचा छत पर अतिरिक्त वजन डालते हैं। इसलिए पैनल लगवाने से पहले छत की हालत और उसकी मजबूती की जांच कराना जरूरी है। अगर छत पुरानी है, उसमें दरारें हैं या पानी टपकने की परेशानी रहती है, तो पहले किसी जानकार से इसकी जांच करवाएं। सिर्फ जगह देखकर पैनल लगवाने का फैसला न करें। छत की मजबूती के साथ यह भी देखें कि पैनल लगाने के दौरान पानी निकलने का रास्ता बंद न हो। इससे आगे चलकर छत से जुड़ी परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।

5. छोटी छत के लिए कौन-सा सोलर सही है?

घर की जरूरत और छत की स्थिति के हिसाब से सोलर चुना जाता है। कुछ घरों में बिजली के बिल में बचत के लिए ग्रिड से जुड़ा सोलर लगाया जाता है। वहीं, बैटरी वाले सिस्टम का इस्तेमाल बिजली जमा करके जरूरत के समय करने के लिए किया जा सकता है। दोनों की लागत और काम करने का तरीका अलग होता है। इसलिए सिर्फ कम जगह देखकर कोई सिस्टम न चुनें। इंस्टॉलर से पूछें कि आपकी छत पर कौन-सा विकल्प सही रहेगा, कितनी बिजली बन सकती है और बैटरी की जरूरत है या नहीं। सिस्टम की कीमत, रखरखाव और मिलने वाली सरकारी मदद की जानकारी भी पहले ले लें।

पैनल लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

सोलर पैनल लगवाने से पहले सिर्फ कीमत न देखें। इंस्टॉलर का अनुभव, पैनल और दूसरे उपकरणों की वारंटी, लगाने का खर्च और बाद में मिलने वाली सर्विस के बारे में भी पूछें। अगर आप सरकारी सब्सिडी वाली योजना का फायदा लेना चाहते हैं, तो मौजूदा नियम और पात्रता ऑफिशियल पोर्टल पर जांच लें। यह भी समझें कि आपकी छत पर बनने वाली बिजली से बिल में कितनी बचत हो सकती है। याद रखें, छोटी छत होने का मतलब यह नहीं कि सोलर लग ही नहीं सकता। सही जांच और प्लानिंग से उपलब्ध जगह का इस्तेमाल किया जा सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN