Home Latest news ताज़ा खबर जान जोखिम में डालकर ड्यूटी पर पहुंचीं आशा और ANM कर्मी, सड़क...

जान जोखिम में डालकर ड्यूटी पर पहुंचीं आशा और ANM कर्मी, सड़क टूटने पर एक्सकेवेटर मशीन से पार किया नाला

3
0

Source :- INDIATV NEWS

ओडिशा के गंजाम जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां सड़क संपर्क टूटने के कारण एक आशा दीदी और एक एएनएम कर्मी को अपनी ड्यूटी पर पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ी। दोनों महिलाओं को नाला पार करने के लिए जेसीबी जैसी मिट्टी खोदने वाली मशीन का सहारा लेना पड़ा। इस घटना ने दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्यकर्मियों के सामने आने वाली मुश्किलों को उजागर किया है।

चक्रवात के कारण टूटा संपर्क मार्ग

यह मामला गंजाम जिले के सोरडा ब्लॉक के गाजलबाड़ी इलाके का है। हाल ही में आए चक्रवात अर्नब के कारण क्षेत्र में सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारी बारिश और बाढ़ के चलते कई स्थानों पर सड़कें बह गई हैं और पुलों को नुकसान पहुंचा है। इससे आसपास के गांवों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। जानकारी के मुताबिक, दोनों महिला स्वास्थ्यकर्मी गाजलबाड़ी इलाके में अपनी ड्यूटी पर जा रही थीं। लेकिन भूतपंकला के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण उनका आगे बढ़ना संभव नहीं था। 

एक्सकेवेटर मशीन से पार किया नाला

रास्ते में नाला होने और सुरक्षित आवागमन की सुविधा नहीं मिलने से वे मुश्किल स्थिति में फंस गईं। ऐसे में नाला पार कराने के लिए एक एक्सकेवेटर मशीन की व्यवस्था की गई। दोनों महिला कर्मचारी मशीन पर खड़ी हुईं और उसकी मदद से नाला पार कर दूसरी ओर पहुंचीं। यह बेहद जोखिम भरा तरीका था, क्योंकि थोड़ी सी चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी।

जरूरी सेवाएं बहाल करने का काम जारी

चक्रवात अर्नब के बाद गंजाम के कई प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरी सेवाएं बहाल करने का काम जारी है। ऐसे समय में आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। इन कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए दूरदराज के गांवों तक पहुंचना पड़ता है।

जिम्मेदारी के प्रति दिखा समर्पण

हालांकि, सड़कें टूटने और पुल क्षतिग्रस्त होने से उनके लिए गांवों तक पहुंचना चुनौती बन गया है। गाजलबाड़ी की यह घटना इसी समस्या का उदाहरण है। दोनों महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी ड्यूटी निभाने का प्रयास किया। उनका यह कदम जहां जिम्मेदारी के प्रति समर्पण दिखाता है, वहीं आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित सड़क संपर्क की जरूरत पर भी ध्यान खींचता है। (इनपुट- शुभम कुमार)

यह भी पढ़ें-

VIDEO: क्लीनिक में बैठे युवक के मोबाइल में हुआ ब्लास्ट, पहले निकला धुंआ फिर लगी आग, मची अफरा-तफरी

SOURCE : INDIATV NEWS