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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/09/01/1200x900/Screenshot_2026-09-01_122729_1788245863079_1788245872618_6ac0b40e-7a49-4bc5-a128-5c0df6093a28.pngमलयालम फिल्म ‘आई नोबडी’ की कहानी और सस्पेंस आपको अंत तक सीट से हिलने नहीं देगा। इस फिल्म की कहानी आपको हैरान करेगी। पृथ्वीराज सुकुमारन की परफॉरमेंस आपको हैरान करेगी। जानिए कहानी-
मलयालम सिनेमा की एक और शानदार फिल्म आई है जिसका नाम है ‘आई नोबडी’ (I Nobody)। इस फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन ने लीड रोल निभाया है। फिल्म की कहानी राजीवन नाम के एक सरकारी नौकरी करने वाले शख्स के इर्दगिर्द घूमती है। राजीवन जिस पर 17 करोड़ की चोरी का आरोप लगा है। एक आम आदमी जिसे चोरी से पहले कोई नहीं जानता था। लेकिन फिर एक बैंक में लूट होती है और उसका आरोप राजीवन पर आ जाता है। कैसे एक आम आदमी मीडिया, इन्फ्लुएंसर और आम लोगों की नजर में चोर बन जाता है। उसका और उसके परिवार का जीवन उथल-पुथल हो जाता है। लेकिन राजीवन इस बैंक लूट में कैसे फंसता है और कैसे बाहर निकलता है, ये जानना दिलचस्प है। इस फिल्म को IMDB पर 6 की रेटिंग मिली है।
राजीवन और बैंक में हुई चोरी का कनेक्शन
राजीवन एक सरकारी कर्मचारी जो एक आम की जिंदगी जी रहा है। एक दिन राजीवन बैंक जाता है और अपने साथ एक पिस्तौल भी रखता है। इस बैंक में राजीव का कोई अकाउंट नहीं। तभी उस बैंक में तीन लोग लूट करने आते हैं। इस दौरान वो बैंक से 17 करोड़ की लूट कर भाग निकलते हैं। इस दौरान तीनों चोर अपने बचाव के लिए बैंक में बैठे राजीवन को अपने साथ ले जाते हैं। राजीवन का चेहरा ढक दिया जाता है। चोरों के साथ एक पुलिस वाला भी मिला होता है जिसकी जिम्मेदारी बैंक की सुरक्षा करना होता है। चोर राजीवन को बाहर छोड़कर अपनी गाड़ी बदलते है और भाग निकलते हैं। लेकिन आगे चोरों की गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाता है और तीनों की मौत हो जाती है। राजीवन को भी चोटें आती हैं। पुलिस जांच के बाद राजीवन को छोड़ दिया जाता है।
राजीवन की पत्नी का प्रेमी
राजीवन घर आता है तब पता चलता है कि उसकी दो बेटियां हैं जिया और अमला। राजीवन बातचीत के दौरान छोटी बेटी को अपना प्लान बताता है। वो कहता है कि वो अपनी पत्नी मीरा के प्रेमी को मारने बैंक गया था। दरअसल, राजीवन और पत्नी मीरा के बीच रिश्ता अच्छा नहीं है। दोनों के बीच किसी न किसी बात पर झगड़ा होता है। अब राजीवन को पता चलता है कि उसकी पत्नी का अपने ही बैंक के मैनेजर के साथ अफेयर चल रहा है। वो उस मैनेजर को मारने पिस्तौल लेकर गया था। लेकिन उसकी टाइमिंग इतनी गलत थी कि वो लूट में फंस जाता है। कुछ देर बाद आजीवन के घर पुलिस आती है। राजीवन पर आरोप लगता है कि वो अकेला शख्स है जो चोरों के साथ था और जिंदा है। ऐसे में चोरी का इल्जाम और 17 करोड़ रुपए राजीवन के पास होने की बात कही जाती है।
पैसे का सच
राजीवन को रोज पुलिस स्टेशन बुलाया जाता है, चोरी के पैसों के बारे में पूछा जाता है। इस दौरान वो देश के सामने एक मुजरिम बन जाता है। मीडिया ये साबित करती है कि राजीवन ने छुपाया पैसा विदेश के किसी बैंक में छुपाए हैं। वहीं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर उसके घर तक पहुंच जाते हैं। बेटियों से स्कूल में सवाल किया जाता है, परेशानी इतनी बढ़ जाती है कि बेटी अमला को किडनैप कर लिया जाता है। एक पुलिस अधिकारी अनास राजीवन की मदद के लिए आगे आता है। शुरुआत में राजीवन को किसी पर विश्वास नहीं होता, लेकिन बाद में अनास, राजीवन को धोखा देता है। अनास को यकीन होता है कि चोरी का सारा पैसा राजीवन के पास है।
आई नोबडी का अंत
कहानी में आगे राजीवन अपनी बेटी जिया का किडनैपिंग का प्लान करता है जिससे लोगों का ध्यान उससे हट जाए। लेकिन जिया असली में किडनैप हो जाती है। और सारा पैसा जो राजीवन के पास होता है वो भी चोरी हो जाता है। राजीवन की मदद कर रहे जैकब जिया की तलाश करते हैं। उन्हें अनास के साले के घर का पता चलता है जहां सारा पैसा और जिया को छुपाया गया था। फिर कहानी फ्लैशबैक में जाती है और ये सब सामने आती है कि राजीवन शुरू से सब कुछ जानता था। अंत में राजीवन की पत्नी के साथ भी उसके रिश्ते ठीक दिखाए जाते हैं।
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