Source :- LIVE HINDUSTAN
टाटा ट्रस्ट्स के अंदरखाने चल रहे विवाद के बीच एक और बड़ा इस्तीफा हुआ है। दरअसल, टाटा ट्रस्ट्स के वाइस-चेयरमैन विजय सिंह ने 14 अगस्त को अपना मौजूदा कार्यकाल खत्म होने से पहले ही सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के ट्रस्टी का पद छोड़ दिया है। पूर्व रक्षा सचिव विजय सिंह ने SRTT में दोबारा कार्यकाल न लेने का फैसला किया है। हालांकि, वे सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) के ट्रस्टी बने रहेंगे। बता दें कि टाटा ट्रस्ट्स मुख्य रूप से SRTT और SDTT का हिस्सा है और ये ग्रुप होल्डिंग कंपनी के लगभग 66 प्रतिशत हिस्सा कंट्रोल करते हैं।
टाटा ट्रस्ट्स में कई मतभेद
ये कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब टाटा ट्रस्ट्स के भीतर कई तरह के मतभेद चल रहे हैं। बीते कुछ समय से विवाद था और यही वजह है कि सर रतन टाटा ट्रस्ट की ट्रस्टी मीटिंग करने की क्षमता को सीमित कर दिया गया है। हालांकि, इसके खिलाफ अपील भी की गई है।
13 अगस्त को ट्रस्ट्स की बैठक
बता दें कि टाटा संस की 18 अगस्त को होने वाली सालाना आम बैठक (AGM) से पहले, टाटा ट्रस्ट्स बोर्ड 13 अगस्त को खातों और अन्य मामलों पर विचार करने और उन्हें मंजूरी देने के लिए बैठक करेगा। इस बैठक में एन. चंद्रशेखरन का चेयरमैन के तौर पर कार्यकाल बढ़ाने का मुद्दा अहम हो सकता है। ट्रस्ट्स ने महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर से एक बार की छूट मांगी है ताकि सर रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी बैठक कर सकें और ट्रस्ट के खातों व अन्य मामलों पर विचार कर सकें।
अगर सर रतन टाटा ट्रस्ट को चैरिटी कमिश्नर से मंजूरी नहीं मिलती है तो उसे 18 अगस्त को टाटा संस की AGM में अपने वोटिंग अधिकारों का इस्तेमाल करने में भी मुश्किल हो सकती है। इस मुद्दे ने शेयरधारकों की अहम बैठक को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी है।
18 अगस्त को टाटा संस की AGM में शेयरधारक चंद्रशेखरन को डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त करने पर विचार कर सकते हैं। टाटा संस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर उनका मौजूदा कार्यकाल अगले साल फरवरी में खत्म हो रहा है। उनके कार्यकाल को बढ़ाने के किसी भी फैसले के लिए टाटा संस के मुख्य शेयरधारक, टाटा ट्रस्ट्स के समर्थन की जरूरत होगी।
बता दें कि अक्टूबर 2024 में रतन टाटा के निधन के बाद टाटा ट्रस्ट्स में अंदरूनी मतभेदों के बीच हुई है। अक्टूबर 2025 में ट्रस्टियों द्वारा मेहली मिस्त्री का कार्यकाल न बढ़ाने के फैसले के बाद तनाव सार्वजनिक हो गया। रतन टाटा के करीबी सहयोगी मिस्त्री ने बाद में SRTT, SDTT और बाई हीराबाई जमसेतजी टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन से इस्तीफा दे दिया। बाद में उन्होंने SRTT से हटाए जाने की रिपोर्ट को चुनौती दी और गवर्नेंस व हितों के टकराव से जुड़े आरोप लगाए। टाटा ट्रस्ट्स ने कई आरोपों को गलत बताया है। मिस्त्री ने बाई हीराबाई ट्रस्ट में सिंह और साथी वाइस-चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन के काम करने की योग्यता पर भी सवाल उठाए। इसके बाद, श्रीनिवासन ने अप्रैल में दूसरे बिजनेस कमिटमेंट्स का हवाला देते हुए उस ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया जबकि विजय सिंह बने रहे।
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