Source :- LIVE HINDUSTAN
गैलप के नए सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 10 में से 9 अमेरिकी मानते हैं कि अमेरिकी सरकार में भ्रष्टाचार व्यापक है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वाइट हाउस में लौटने के बाद यह आंकड़ा अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
अमेरिका में भ्रष्टाचार चरम पर है। इस बात का खुलासा एक सर्वे से हुआ है। गैलप के बुधवार को जारी सर्वेक्षण के अनुसार, 89 प्रतिशत अमेरिकी मानते हैं कि अमेरिकी सरकार में भ्रष्टाचार व्यापक है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वाइट हाउस लौटने के बाद यह आंकड़ा दो दशक के हाई लेवल पर पहुंच गया है। दरअसल, पिछले वर्ष यह 79 प्रतिशत और 2024 में 73 प्रतिशत था। सर्वे के अनुसार, लगभग 10 में से 9 नागरिकों की यह धारणा डेमोक्रेट और निर्दलीय मतदाताओं में सबसे तेजी से बढ़ी है।
सर्वे में अमेरिकियों ने क्या कहा?
सर्वेक्षण में 89 प्रतिशत अमेरिकियों ने कहा कि सरकार में भ्रष्टाचार व्यापक रूप से फैला हुआ है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अंक अधिक है और 2024 के 73 प्रतिशत से काफी ऊपर है। बता दें कि 2010 से 2025 के बीच यह आंकड़ा आमतौर पर 72 से 79 प्रतिशत के बीच रहा है। सर्वे के अनुसार, यह वृद्धि डेमोक्रेट मतदाताओं में सबसे अधिक दिखाई दी।
2024 में 57 प्रतिशत डेमोक्रेट सरकार में व्यापक भ्रष्टाचार मानते थे, जबकि अब यह आंकड़ा 91 प्रतिशत हो गया है। निर्दलीय मतदाताओं में यह प्रतिशत 78 से बढ़कर 90 हो गया। रिपब्लिकन में यह आंकड़ा अपेक्षाकृत स्थिर रहा और इस वर्ष लगभग 83 प्रतिशत रहा। प्रश्न में ट्रंप का नाम सीधे नहीं लिया गया है, लेकिन गैलप के अनुसार व्यापक भ्रष्टाचार देखने वालों की संख्या में वृद्धि उनके सत्ता में लौटने के बाद हुई है।
सर्वे के अनुसार, 71 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अमेरिकी व्यापार जगत में भी भ्रष्टाचार व्यापक है, जो 2024 में 59 प्रतिशत था। 89 प्रतिशत का आंकड़ा अमेरिका को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में रखता है जहां इतनी बड़ी संख्या में लोग अपनी सरकार में व्यापक भ्रष्टाचार देखते हैं। गैलप के अनुसार 2023 के बाद केवल लेबनान, घाना, नाइजीरिया और पेरू में ही इतना उच्च स्तर दर्ज किया गया है।
ट्रंप और भ्रष्टाचार के आरोप
यह सर्वे रिपोर्ट ऐसे समय में आया है जब ट्रंप को वाइट हाउस में लौटने के बाद संभावित हितों के टकराव और पद के दुरुपयोग को लेकर कई आरोपों और विवादों का सामना करना पड़ा है। एक विवाद कतर के शाही परिवार द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति के उपयोग के लिए भेंट किए गए अति-विलासितापूर्ण बोइंग 747 विमान से जुड़ा था।
ट्रंप ने इसे संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए फ्री वाला उपहार बताया था जबकि अमेरिकी वायु सेना के पूर्व अधिकारियों का कहना है कि इसे एयर फोर्स वन के रूप में उपयोग करने से पहले करदाताओं के धन से करोड़ों डॉलर के उन्नयन की जरूरत पड़ सकती है। वहीं, इस मुद्दे पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ने आलोचना की, जिससे ट्रंप के राष्ट्रपति पद, उनके व्यावसायिक हितों और धनी विदेशी दानदाताओं के बीच संबंधों को लेकर सवाल बढ़े।
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