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डोनाल्ड ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू को बताया ‘वॉरियर प्राइम मिनिस्टर’, अमेरिकी राष्ट्रपति के कैसे बदले सुर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वह इजरायली सैन्य फैसलों पर नियंत्रण रख सकते हैं और इजरायल उनका सम्मान करता है। ट्रंप ने अलग-अलग इंटरव्यू में नेतन्याहू के साथ अपने संबंध को मजबूत लेकिन सावधानी से संभाला जाने वाला बताया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ‘वॉरियरर प्राइम मिनिस्टर’ बताया है। वाशिंगटन के पास कतर की ओर से गिफ्ट किए गए नए एयर फोर्स वन विमान के अनावरण के बाद ट्रंप ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ बहुत अच्छी लड़ाई लड़ी। उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि नेतन्याहू एक सच्चे योद्धा प्रधानमंत्री हैं और उन्हें इसका पूरा श्रेय मिलना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों नेताओं के बीच लेबनान में इजरायली सैन्य अभियानों को लेकर तनाव की खबरें सामने आ रही हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वह इजरायली सैन्य फैसलों पर नियंत्रण रख सकते हैं और इजरायल उनका सम्मान करता है। ट्रंप ने अलग-अलग इंटरव्यू में नेतन्याहू के साथ अपने संबंध को मजबूत लेकिन सावधानी से संभाला जाने वाला बताया। उन्होंने कहा, ‘यह अच्छा है, लेकिन हमें उन्हें थोड़ा सनक से दूर रखना होगा।’ इससे पहले ट्रंप ने नेतन्याहू पर फोन पर गुस्सा जताया था और उन्हें क्रेजी कहा था। जून की शुरुआत में ईरान के साथ शांति वार्ता प्रभावित होने के बाद ट्रंप ने आरोप लगाया था कि नेतन्याहू की वजह से इजरायल और खुद ट्रंप की छवि खराब हो रही है। ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ लेबनान में इजरायल की कार्रवाई ट्रंप के ईरान डील को चुनौती दे रही है।

हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ट्रंप प्रशासन को चेतावनी दी है कि नेतन्याहू ईरान के साथ शांति समझौते को कमजोर करने वाले कदम उठा सकते हैं। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखना चाहता है। इजरायल में इस साल बाद में होने वाले चुनावों को देखते हुए नेतन्याहू की राजनीतिक बची हुई है, इसलिए वे लेबनान से सैनिकों को वापस नहीं बुलाना चाहते। इजरायल ट्रंप के शांति मेमोरेंडम के कुछ प्रावधानों से नाराज है क्योंकि यह ईरान पर अधिकतम दबाव बनाए रखने की उसकी रणनीति के खिलाफ है।

इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच शुक्रवार को युद्धविराम की घोषणा हुई, जो ट्रंप के ईरान युद्ध समाप्ति समझौते को महज दो दिन बाद चुनौती दे रही है। अमेरिका और कतर के मध्यस्थों की ओर से ब्रोकर किए गए इस समझौते में दोनों पक्षों ने घातक हमलों के बाद समझौता किया। इजरायल के अमेरिकी राजदूत ने कहा कि अगर हिजबुल्लाह समझौते का पालन करता है तो इजरायल युद्धविराम का सम्मान करेगा। इस बीच अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची स्विट्जरलैंड में बातचीत के लिए जा रहे हैं। कुल मिलाकर यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों को जटिल बना रहा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN