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तालिबान के खिलाफ अनोखी बगावत, कैसे टैक्सी ड्राइवर म्यूजिक से दे रहे मात?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ अनोखी बगावत देखने को मिल रही है। यह बगावत कोई और नहीं, बल्कि यहां के टैक्सी ड्राइवर्स कर रहे हैं। असल में यह ड्राइवर्स अपने वाहनों में बहुत धीमी आवाज में गाने बजाते हैं।

अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ अनोखी बगावत देखने को मिल रही है। यह बगावत कोई और नहीं, बल्कि यहां के टैक्सी ड्राइवर्स कर रहे हैं। असल में यह ड्राइवर्स अपने वाहनों में बहुत धीमी आवाज में गाने बजाते हैं। जबकि तालिबान ने यहां पर किसी भी तरह के गीत-संगीत पर सख्त पाबंदी लगा रखी है। लेकिन इसके बावजूद टैक्सी ड्राइवर, तालिबान के इस फरमान की अनदेखी कर रहे हैं। टैक्सियों में यात्रा करने वालों को स्थानीय फोक, पॉप और परंपरागत अफगानी धुनें सुनने को मिल रही हैं। इस तरह से 2021 से शांत अफगानिस्तान में घूमने वालों को कहीं तो मीठी धुनें सुनने को मिल जाती है।

बता दें कि अफगानिस्तान में सार्वजनिक जगहें, कैफे और दुकानें पूरी तरह से शांत हैं। लेकिन इन सबके बीच टैक्सियों में गूंजता संगीत विरोध की प्रतिध्वनि बन रहा है। अफगानिस्तान में संगीत के प्रतिबंध की निगरानी सद्गुण प्रचार और पाप निवारण मंत्रालय बेहद सख्ती से कर रहा है। सरकारी निर्देशों के तहत, सार्वजनिक सड़कों पर गश्त करने वाले नैतिकता अधिकारी किसी भी व्यक्ति को संगीत बजाने या सुनने पर दंडित कर सकते हैं। इसे एक गंभीर नैतिक उल्लंघन माना जाता है। तालिबानी शासन मानता है कि संगीत सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करता है।

प्रतिबंधों के तहत सिनेमा, लाइव परफॉर्मेंस और अधिकांश सार्वजनिक मनोरंजन को गैरकानूनी बना दिया गया है। लेकिन कई ड्राइवरों के लिए, संगीत सुनना इन प्रतिबंधों के विरोध का एक तरीका बन गया है। यह ड्राइवर अपनी कार का रेडियो चालू करने को हर रोज का तनाव कम करने और निजी आजादी हासिल करने के लिए एक जरूरी तरीका बताते हैं। कई यात्री भी ड्राइवरों की पहल का स्वागत कर रहे हैं। कुछ लोग इसे शांत विरोध के तौर पर देखते हैं। उनका मानना है कि उनकी यह कोशिश रोजमर्रा की जिंदगी से परंपरागत अफगान संस्कृति को खत्म नहीं होने देने के लिए उठाया गया एक कदम।

तालिबान प्रशासन ने पुराने संगीतकारों को धार्मिक गाने या देशभक्ति की कविता गाने के लिए प्रोत्साहित किया है। लेकिन गैर-धार्मिक संगीत को इस्लाम के खिलाफ बताया है। हालांकि, टैक्सी चालकों द्वारा गुपचुप तरीके से पॉप और लोक धुनें बजाना, एक तरह से इन आदेशों का उल्लंघन ही है। इससे बचने के लिए इन टैक्सी ड्राइवरों ने रास्ता भी निकाल रखा है। जैसे ही मॉरल पुलिस का गश्ती वाहन करीब आता है यह म्यूजिक बंद कर देते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN