Source :- KHABAR INDIATV
फिल्ममेकर संजय गुप्ता के निधन से बॉलीवुड में शोक व्याप्त है। पति को याद करते हुए पत्नी अनुराधा लेखी गुप्ता ने भावुक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने संजय को बेहतरीन कहानीकार, शानदार पिता और परिवार की ताकत बताते हुए कहा कि उनके शब्द इस नुकसान को बयां करने के लिए काफी नहीं हैं। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने फिल्ममेकर संजय गुप्ता के निधन ने उनके परिवार, दोस्तों और फिल्म जगत को गहरे सदमे में डाल दिया है। 57 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले संजय का 30 अक्टूबर को निधन हो गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई स्थित अपने घर में गिरने के बाद उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। उनके जाने के बाद पत्नी अनुराधा लेखी गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक भावुक श्रद्धांजलि दी है। अपने निजी इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किए गए इस पोस्ट में अनुराधा ने पति के साथ बिताए पलों, उनके स्वभाव और परिवार के प्रति उनके प्यार को याद किया।
‘वह सबसे अच्छे कहानीकार और दुनिया के बेहतरीन पिता थे’
अनुराधा ने संजय को अपनी जिंदगी का सबसे मजाकिया और सकारात्मक इंसान बताया। उन्होंने लिखा कि संजय की सोच हमेशा आशावादी रहती थी और उनके खून के ग्रुप का नाम भी बी पॉजिटिव था। पति-पत्नी के बीच के खास रिश्ते को याद करते हुए अनुराधा ने अपने अंदाज में लिखा कि वह संजय की रानी थीं और संजय उनके टॉम, जो हमेशा उनके भीतर मौजूद जैरी को परेशान करते रहते थे। उनके इस संदेश में प्यार के साथ-साथ दोनों के रिश्ते की शरारतें भी नजर आईं। अनुराधा ने संजय को बेहतरीन कहानीकार, दुनिया का सबसे अच्छा पिता और सबसे उदार इंसान बताया। उनके मुताबिक संजय दूसरों के लिए इतना कुछ करते थे कि कई बार उनकी उदारता उनकी कमजोरी बन जाती थी। उन्होंने उस खास पल को भी याद किया, जब संजय ने उन्हें एक ऑमलेट बनाकर अपने प्यार का एहसास कराया था। अनुराधा ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि वह उनकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन ऑमलेट था।
अनुराधा लेखी गुप्ता का पोस्ट।
‘उनका दिल बहुत बड़ा था, लेकिन आत्मा बेहद कोमल’
अपने संदेश में अनुराधा ने संजय के व्यक्तित्व के कई पहलुओं को याद किया। उन्होंने लिखा कि संजय ने हमेशा एक राजा की तरह जिंदगी जी और उनका दिल उनके सीने से भी बड़ा था। हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री जैसे मुश्किल माहौल के लिए उनकी आत्मा बहुत कोमल थी। अनुराधा के मुताबिक संजय किसी के प्रति मन में नाराजगी नहीं रखते थे। वह सच्चे दोस्त और शानदार मेजबान थे, जो अपने आसपास के लोगों को खास महसूस कराना जानते थे। अपने पति को याद करते हुए अनुराधा ने लिखा कि उनके लिए शब्द कम पड़ रहे हैं। उन्हें लगता है कि काश संजय के साथ जिंदगी के कई और साल बिताने का मौका मिलता। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि फिलहाल वह उनके साथ बस एक और दिन चाहती थीं। पोस्ट के आखिर में उन्होंने संजय को प्यार से ‘गुप्तेश्वर’ कहकर संबोधित किया और लिखा कि वह उनसे बहुत प्यार करती हैं। इसके साथ ही उन्होंने दोनों के बीच के हास्य को याद करते हुए लिखा कि उन्हें बताया गया है कि संजय अब भी उनका पीछा नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने प्यार से कहा, ‘अब जाने दो, बाबा।’
अंतिम विदाई देने पहुंचे बॉलीवुड सितारे
संजय गुप्ता को अंतिम विदाई देने के लिए 31 अक्टूबर को फिल्म इंडस्ट्री के कई सितारे उनके मुंबई स्थित आवास पर पहुंचे। अभिषेक बच्चन, फराह खान, राकेश रोशन और फरदीन खान समेत कई हस्तियों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इसके बाद संजय की अंतिम यात्रा वर्सोवा श्मशान घाट पहुंची, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। अभिनेता रोनित रॉय संजय के घर पहुंचने वाले शुरुआती लोगों में शामिल थे। इस दौरान वह अपने आंसू रोकने की कोशिश करते नजर आए। रोहित रॉय भी काफी भावुक दिखाई दिए, जबकि फिल्ममेकर मिलाप जावेरी संजय के निधन से स्तब्ध नजर आए। सुधांशु पांडे और अशोक पंडित समेत फिल्म जगत की अन्य हस्तियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
संजय गुप्ता की मौत की जांच जारी
रिपोर्ट्स के अनुसार संजय गुप्ता रात के समय अपने घर के बाथरूम में गिर गए थे। अगले दिन सुबह इस घटना का पता चला। वर्सोवा पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक पुलिस को अब तक किसी साजिश या गलत हरकत के संकेत नहीं मिले हैं। संजय गुप्ता ने 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने ‘जंग’, ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’, ‘शूटआउट एट वडाला’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।
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