Source :- LIVE HINDUSTAN
https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/10/10/1200x900/TP_1791604948218_L0S4_1791604962406_lJV7_13ebfca4-35c8-4909-a6d1-9e7ede440405_0tGJ.jpgतापसी पन्नू ने बताया कि कैसे एक्टर्स ने सोशल मीडिया पर अब अपना बर्ताव बदलना शुरू कर दिया है। जहां पहले वो खुलकर इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे, वहीं अब चीजें वैसी नहीं रहीं।
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के ट्रोल्स की खुलेआम चल रही मनमानी पर सवाल उठाने के बाद बहुत से एक्टर्स ने इस बारे में बात की है। अब वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे पर एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने भी इस बारे में बात की है और बताया है कि कैसे उन्होंने लोगों को खुश करने और सोशल मीडिया पर अपनी परफेक्ट इमेज दिखाने की कोशिश में सालों बर्बाद किए हैं। तापसी ने बताया कि ट्रोल्स, फोटोग्राफर्स और मीडिया कैसे अभिनेताओं की मेंटल हेल्थ को प्रभावित करते हैं और कैसे आज इन्हीं चीजों की वजह से एक्टर्स ने अपना असली रूप सोशल मीडिया पर दिखाना बंद कर दिया है। वो ऐसी इमेज इंस्टा पर दिखाते हैं जो काफी हद तक परफेक्ट लगे और लोगों को पसंद आए।
सोशल मीडिया से क्यों तोड़ा रिश्ता?
तापसी पन्नू ने HT के साथ बातचीत में बताया कि उन्होंने खुद सोशल मीडिया से दूर रहने का फैसला क्यों किया। एक्ट्रेस ने कहा कि एक वक्त के बाद मैंने सोशल मीडिया से रिश्ता तोड़ लिया, क्योंकि मैं अपने असली रूप से झूठ नहीं बोल सकती थी। मेरे पास दो विकल्प थे, पहला सोशल मीडिया से दूर रहना और दूसरा मानसिक रूप से परेशान होना, इसलिए मैंने पहला विकल्प चुना। ‘डंकी’ फेम एक्ट्रेस ने कहा- सेलेब्स का मजाक उड़ाना अब आम बात हो गई है, लेकिन इसका असर हर किसी पर पड़ता है।
एक्टर्स मजबूरी में कर रहे हैं ये काम
तापसी ने कहा, “ट्रोल्स सवाल उठाते हैं कि इन एक्टर्स को मौके क्यों मिलते हैं, किसी के इंडस्ट्री में रहने या हटाए जाने के सवाल ऐसे लोग उठाते हैं जो किसी के प्रोफेशन पर सवाल उठाने के लायक नहीं हैं। इसने एक्टर्स को असुरक्षित बना दिया है और इसका नतीजा यह हुआ है कि एक्टर्स ने सोशल मीडिया पर अपना असली रूप दिखाना बंद कर दिया है। उन्होंने वह छवि अपनानी शुरू कर दी है जो लोगों को ज्यादा पसंद आती है और ज्यादा बिकती है। आप किसी इंसान से नहीं, बल्कि एक ब्रांड से जुड़ रहे हैं।”
तापसी को भी थी यह गलतफहमी
तापसी पन्नू ने बताया, “ज्यादातर भारतीयों की तरह पहले मैं भी यही सोचती थी कि मेंटल हेल्थ सपोर्ट की जरूरत तभी होती है जब आप पागल हो जाते हैं। फिर धीरे-धीरे मुझे समझ आया कि इसके कई पहलू हैं। मुझे लगता था कि आपको थेरिपिस्ट के पास जाने की जरूरत तब होती है जब आप गंभीर डिप्रेशन में चले जाएं, या फिर अपने इमोशन्स खुलकर जाहिर नहीं कर पा रहे हों। लेकिन फिर मुझे समझ आया कि मेंटल हेल्थ का मतलब वर्तमान में जीना और जो कुछ आपके पास है, उसमें शांति तलाशना है।”
इस कोशिश में सालों बर्बाद किए
उन्होंने कहा, “मैं सबको खुश करने की नाकाम कोशिश कर रही थी। मैं पूरी तरह थक गई थी और इस स्थिति को स्वीकार करने में मुझे सालों लग गए। मुझे एहसास हुआ कि मैंने ट्रोलर्स को खुश करने में सालों बर्बाद कर दिए, बजाय इसके कि मैं उस वक्त को बतौर एक्टर खुद पर काम करने में लगाती।” तापसी पन्नू ने कहा कि वो मीडिया प्लेटफॉर्म जो एक्टर्स को क्रिटिसाइज करते रहते हैं, वो भी एक्टर्स की मेंटल हेल्थ को प्रभावित करते हैं। तापसी ने माना कि सोशल मीडिया ने एक्टर्स को चिंता और कंपैरिजन का शिकार बना दिया है।
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