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थक गए जेलेंस्की? ट्रंप की धमकी के बाद बोले 60 दिनों में चुनाव के लिए तैयार, लेकिन एक शर्त

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Source :- LIVE HINDUSTAN

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि वह 60 दिनों के सीजफायर के बाद चुनाव करवाने के लिए तैयार हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति का यह बयान ट्रंप की उस प्रतिक्रिया के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब यूक्रेन को नया राष्ट्रपति मिलने का समय आ गया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से जेलेंस्की के ऊपर नाराज नजर आ रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा है कि यूक्रेन के अब नया राष्ट्रपति मिलना चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जेलेंस्की ने कहा कि वह केवल 60 दिनों के भीतर राष्ट्रपति चुनाव करवाने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने शर्त रखते हुए कहा कि इन चुनावों के लिए रूस और यूक्रेन के बीच में 60 दिनों का पूर्ण सीजफायर होना चाहिए। बता दें, हाल में डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की घोषणा की है कि रूस और यूक्रेन के बीच में एनर्जी सीजफायर हो चुका है। इसका मतलब है कि अब यूक्रेन, रूस की रिफाइनरियों पर हमला नहीं करेगा, वहीं रूस भी यूक्रेन के बिजली इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना नहीं बनाएगा।

इस डील के बाद भी ट्रंप का वह बयान चर्चा में बना हुआ है कि क्या यूक्रेन के राष्ट्रपति के तौर पर जेलेंस्की का समय खत्म होने वाला है? एबीसी को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने इस बात का जवाब दिया। उन्होंने कहा, “पुतिन से कहें कि वह हमें 60 दिनों का समय दें। 60 दिनों के पूर्ण युद्धविराम के बाद हम चुनाव करवाने के लिए तैयार हैं।” अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध विराम के बाद ही चुनाव कराने के लिए जरूरी हालात बनेंगे। क्योंकि जब तक युद्ध चालू है देश में में मार्शल लॉ लागू है। ऐसी स्थिति में चुनाव नहीं करवाए जा सकते।

अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन ने बदला पूरा गणित

यूक्रेन के सामने यह मुसीबत अमेरिका में होने वाले मिडटर्म इलेक्शन की वजह से आती हुई दिख रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि वह रूस से डीजल खरीदने के लिए समझौता कर चुके हैं। इससे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में कमी होगी। ट्रंप को इस समझौते की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि अमेरिका में ज्यादातर माल ढुलाई ट्रकों के जरिए ही होती है। ऐसे में बढ़ी हुई डीजल की कीमतें उनके वोट बैंक को प्रभावित कर रही थीं। ट्रंप के पास जल्दी में डीजल की कीमतें कम करने के लिए रूस के अलावा कोई दूसरा विकल्प भी नहीं था। इसलिए दोनों देशों के बीच में यह अप्रत्याशित फैसला हुआ है।

ट्रंप के इस फैसले के बाद जेलेंस्की ने इसकी आलोचना भी की थी। हालांकि, हर मामले में अमेरिका पर निर्भर जेलेंस्की ज्यादा कुछ कर नहीं सके। थोड़ी बहुत नोंक-झोंक के बाद रूस और यूक्रेन के बीच में अब एनर्जी सीजफायर हो चुका है। जो कि अमेरिका और बाकी दुनिया के लिए फायदेमंद होगा। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के लिए यह फैसला परेशान करने वाला साबित होगा। क्योंकि वह पिछले काफी समय से लगातार इस बात को कह रहे हैं कि रूस की तेल बेचने की क्षमता को खत्म करना होगा क्योंकि इससे युद्ध की मशीन को लगातार फंड मिल रहा है। यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कह रहे थे। कुछ हफ्ते पहले ही उन्हें लिंडसे ग्राहम एक्ट लाकर भारत और चीन जैसे देशों पर रूसी तेल खरीदने के लिए 100 फीसदी टैरिफ लगाने की शक्ति हासिल की थी। हालांकि, वैश्विक राजनीति में समय बदलते देर नहीं लगती।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN