Source :- LIVE HINDUSTAN
घर पर बीपी चेक करने वालों का एक बड़ा कॉमन सवाल रहता है कि बीपी कौन से हाथ में चेक करना चाहिए। कई बार दोनों हाथों पर चेक करने से अलग अलग रीडिंग आती है, इनमें से सही कौन सी मानी जानी चाहिए। आइए डॉक्टर से जानते हैं।
ब्लड प्रेशर की समस्या आजकल काफी कॉमन हो गई है। इसलिए ज्यादातर लोगों के घरों पर बीपी चेक करने की मशीन अवेलेबल होती ही है। इससे ब्लड प्रेशर को मॉनिटर करना आसान हो जाता है। लेकिन घर पर बीपी चेक करते वक्त अक्सर कई सवाल लोगों के मन में आते हैं, जिन्हें क्लियर करना बहुत जरूरी है। एक कॉमन सवाल ये भी है कि बीपी किस हाथ का चेक करना चाहिए। कई बार दोनों हाथों पर बीपी चेक करने से, रीडिंग अलग-अलग आती है। ऐसे में कौन सी रीडिंग को सही माना जाए, ये भी कंफ्यूजन बनी रहती है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ नीरज महाजन ने इन्हीं सवालों के जवाब दिए हैं। डॉक्टर बताते हैं कि घर पर बीपी चेक करते हुए कुछ बातों का ध्यान रखना काफी जरूरी है, ताकि एक्यूरेट रीडिंग पता कि जा सके। चलिए विस्तार में जानते हैं –
क्या दोनों हाथों में अलग-अलग बीपी आना सामान्य है?
लोग अक्सर सवाल करते हैं कि बीपी किस हाथ में चेक करना चाहिए, क्योंकि दोनों ही हाथों की रीडिंग अलग-अलग आती है। इस बारे में डॉ नीरज बताते हैं कि दोनों हाथों की रीडिंग में फर्क होना सामान्य है। आमतौर पर राइट हैंड यानी सीधे हाथ का बीपी, लेफ्ट बाजू से थोड़ा ज्यादा ही आता है। ये फर्क 20/10 तक का हो सकता है। यानी ऊपर का बीपी 20 ज्यादा हो सकता है और नीचे का बीपी 10 तक बढ़ा हुआ हो सकता है, लेफ्ट हैंड की तुलना में।
कभी-कभार लेफ्ट (बाएं) बाजू का बीपी भी हो सकता है ज्यादा
डॉ नीरज कहते हैं कि कभी-कभार आपकी लेफ्ट (बाएं) बाजू का बीपी, राइट (दाएं) बाजू से बढ़ा हुआ भी आ सकता है। ये फर्क अगर कम है, यानी 20/10 की रेंज के अंदर है तो आमतौर पर सामान्य माना जाता है। लेकिन अगर ये फर्क काफी ज्यादा हो, तो चिंता वाली बात हो सकती है। ये दिखाता है कि आपकी राइट (दाएं) बाजू की किसी नस में ब्लॉकेज हो सकती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर को दिखाना काफी जरूरी हो जाता है।
किस हाथ में नापने से सही आती है बीपी की रीडिंग?
डॉक्टर कहते हैं कि आमतौर पर आपको बीपी चेक करते हुए, दोनों हाथों की रीडिंग लेनी चाहिए। इनमें से जिस हाथ की भी रीडिंग ज्यादा आती है, वो आपकी नॉर्मल रीडिंग होती है। इस दौरान ध्यान दें कि दोनों हाथों की रीडिंग में 20/10 से ज्यादा का अंतर नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा है, तो डॉक्टर से कंसल्ट करना बहुत जरूरी हो जाता है।
बीपी चेक करते हुए इन बातों का ध्यान रखें
- बीपी चेक करने से 5 मिनट पहले आराम से बैठ जाएं।
- पीठ और बाजू दोनों को सहारा दे कर बैठें और अपने पैर जमीन पर रखें।
- अपने हाथ को हार्ट लेवल यानी दिल की ऊंचाई पर रखें।
- एक रीडिंग लेने के बजाए दो से तीन रीडिंग लें। इनके बीच 1-2 मिनट का गैप रखें। सभी रीडिंग की जो औसत आती है, वो आपके बीपी की सही रीडिंग होती है।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




