Source :- LIVE HINDUSTAN
भारत में त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले आम लोगों के लिए महंगाई से जुड़ी एक और चिंता सामने आई है। चीनी के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं, अब इसका असर गुड़ और तैयार मिठाइयों की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। जुलाई 2026 में चीनी की कीमतों में महीने-दर-महीने 2.7% की बढ़ोतरी हुई, जो इसी अवधि में कुल खुदरा महंगाई की 0.9% वृद्धि से तीन गुना से भी ज्यादा है। ऐसे समय में जब नवरात्रि, दशहरा और इसके बाद दिवाली जैसे बड़े त्योहार आने वाले हैं, चीनी और इससे जुड़े उत्पादों की बढ़ती कीमतें परिवारों के खाने-पीने के बजट पर दबाव बढ़ा सकती हैं। आमतौर पर त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, जिससे बाजार में कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बनने की संभावना रहती है।
चीनी की कीमतों में वृद्धि काफी तेज
आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में चीनी की महीने-दर-महीने महंगाई बढ़कर 2.73% हो गई, जबकि जून में यह 0.63% और मई में सिर्फ 0.44% थी। अप्रैल में चीनी की कीमतों में मासिक आधार पर केवल 0.09% की बढ़ोतरी हुई थी, यानी कुछ ही महीनों में चीनी की कीमतों में वृद्धि काफी तेज हो गई है। सालाना आधार पर भी जुलाई में चीनी की कीमत 4.92% ज्यादा रही, जबकि जून में सालाना महंगाई 2.17% थी। मई में यह 1.61% और अप्रैल में 1.45% थी। खास बात यह है कि जुलाई में चीनी की महंगाई 4.44% की कुल खुदरा महंगाई दर से भी ऊपर पहुंच गई।
गुड़ के दाम भी बढ़े
चीनी के साथ-साथ गुड़ के दाम भी बढ़ रहे हैं। जुलाई में गुड़ की कीमत महीने-दर-महीने 1.76% बढ़ी, जबकि मई और जून में इसमें करीब 1% की वृद्धि हुई थी। सालाना आधार पर गुड़ की महंगाई जुलाई में बढ़कर 6.28% हो गई, जो जून में 5.31% थी। वहीं, दूध से अलग तैयार होने वाली मिठाइयों की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। जुलाई में इनकी कीमत 0.63% बढ़ी। इससे पहले जून में 0.82% और मई में 0.70% की मासिक वृद्धि दर्ज की गई थी। इसके चलते जुलाई में तैयार मिठाइयों की सालाना महंगाई 6.08% पहुंच गई, जो सात महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।
₹60 प्रति किलो से ऊपर पहुंची चीनी
आने वाले महीनों में चीनी की कीमतों पर त्योहारी मांग का असर महत्वपूर्ण हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक चीनी की कीमत करीब ₹48 प्रति किलो से बढ़कर ₹60 प्रति किलो से ऊपर पहुंच गई है। हालांकि, 31 अगस्त तक गन्ने की बुवाई पिछले साल की तुलना में सिर्फ 0.5% कम थी। ऐसे में उत्पादन और सप्लाई की स्थिति भी आगे कीमतों की दिशा तय करेगी।
चीनी, गुड़ और मिठाइयों की कीमतों में तेजी
दिलचस्प बात यह है कि पिछले 10 त्योहारी सीजन के आंकड़े बताते हैं कि त्योहारों में मांग बढ़ने का मतलब हर बार चीनी की महंगाई बढ़ना नहीं होता। पिछले 10 सालों में केवल 2016, 2021 और 2022 में त्योहारी अवधि के दौरान चीनी की महंगाई उससे पहले के तीन महीनों की तुलना में तेज हुई थी। बाकी 7 सालों में इसमें कमी आई थी। लेकिन इस साल स्थिति थोड़ी अलग है, क्योंकि त्योहारों की मांग शुरू होने से पहले ही चीनी, गुड़ और मिठाइयों की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में इनकी कीमतों की दिशा यह तय करेगी कि त्योहारी सीजन आम परिवारों के खाने-पीने के बजट पर कितना अतिरिक्त बोझ डालता है।
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