Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- Petrol Diesel Rates Today: ब्रेंट क्रूड आज एक बार फिर 115 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है
- दूसरी ओर भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम 30 अक्टूबर को सुबह 6 बजे ही जारी हो गए
- एक रोचक तथ्य यह है कि दुनिया के औसत रेट के मुकाबले भारत में पेट्रोल-डीजल काफी सस्ता है
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई देने लगा है। अमेरिकी सेना की ओर से ईरान पर फिर हमले किए जाने की आशंका के बीच कच्चे तेल की कीमतें फिर से आसमान छूने लगी हैं। ब्रेंट क्रूड आज एक बार फिर 115 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। दूसरी ओर भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम 30 अक्टूबर को सुबह 6 बजे ही जारी हो गए। आज भी दिल्ली से लेकर चेन्नई तक पूरे देश में रेट में कोई बदलाव नहीं है, लेकिन एक रोचक तथ्य यह है कि दुनिया के औसत रेट के मुकाबले भारत में पेट्रोल-डीजल काफी सस्ता है।
ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज डॉट कॉम के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में पेट्रोल की औसत कीमत 150 रुपये प्रति लीटर, जबकि डीजल की औसत कीमत 158.73 रुपये प्रति लीटर है। जबकि, भारत में पेट्रोल का औसत रेट 108.65 और डीजल का 98.10 रुपये लीटर है।
अलग-अलग देशों में इनकी कीमतें काफी अलग हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह सरकारों की ओर से लगाए जाने वाले टैक्स और दी जाने वाली सब्सिडी है। अब वेनेजुएला को ही ले लीजिए, यहां एक लीटर डीजल का दाम करीब 40 पैसा है और पेट्रोल का दाम 3.32 रुपये। दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल लीबिया में 2.22 रुपये लीटर है। भारत में पोर्टब्लेयर में 88.66 रुपये लीटर है, जबकि यहां 1 लीटर डीजल की कीमत 84.56 रुपये है।
दुनिया में सबसे महंगा पेट्रोल हांगकांग में 420.50 रुपये लीटर है तो डीजल 463.02 रुपये। वहीं, भारत में सबसे महंगा पेट्रोल आंध्र प्रदेश के चित्तूर में 118.34 रुपये लीटर है। चित्तूर में डीजल 106.06 रुपये लीटर है।
अमीर देशों में महंगा और तेल उत्पादक देशों में सस्ता फ्यूल
आमतौर पर अमीर देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें ज्यादा होती हैं, जबकि कम आय वाले देशों और कच्चे तेल का उत्पादन करने वाले देशों में फ्यूल अपेक्षाकृत सस्ता मिल सकता है। हालांकि, अमेरिका इसका एक बड़ा अपवाद है। आर्थिक रूप से विकसित देश होने के बावजूद वहां पेट्रोल की कीमतें कई अन्य विकसित देशों के मुकाबले कम रहती हैं।
आखिर क्यों अलग-अलग होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का असर सभी देशों पर पड़ता है, लेकिन हर देश अपने टैक्स रूल्स और सब्सिडी के हिसाब से पेट्रोल-डीजल की रिटले प्राइस तय करता है। कुछ देशों में पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाया जाता है, जबकि कुछ देश लोगों को राहत देने के लिए टैक्स कम रखते हैं या सब्सिडी देते हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत समान होने के बावजूद अलग-अलग देशों में पेट्रोल और डीजल के दाम अलग-अलग होते हैं।
कीमतों में बदलाव का तरीका भी अलग
कुछ देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हर सप्ताह बदलाव होता है। वहीं, जिन देशों में सरकार ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करती है, वहां दामों की समीक्षा आमतौर पर महीने के आधार पर होती है। ऐसे बाजारों में कीमतें बार-बार नहीं बदलतीं।
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