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निर्मल पुर्जा समेत 10 पर्वतारोहियों की मौत, जानिए ‘निम्स दाई’ ने कैसे रचा था इतिहास

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Source :- BBC INDIA

निर्मल पुर्जा

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दुनिया के मशहूर पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स दाई’ पुर्जा की ब्रॉड पीक पर हुए हिमस्खलन में मौत हो गई है. उनकी संस्था इलीट एक्सपेड ने इंस्टाग्राम पोस्ट के ज़रिए इसकी पुष्टि की है.

बीबीसी नेपाली के अनुसार, इस हादसे में अभियान दल के सभी 10 सदस्यों की जान चली गई है. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने पर्वतारोहियों के निधन पर दुख जताया है.

बीबीसी नेपाली से बात करते हुए सेवन समिट्स ट्रेक्स के अध्यक्ष मिंगमा शेरपा ने कहा कि इस बात की पुष्टि हो गई है कि कोई भी जीवित नहीं बचा है.

इलीट एक्सपेड के मुताबिक़, निर्मल पुर्जा के साथ उनके भरोसेमंद क्लाइंबिंग पार्टनर और गाइड पुर बहादुर गुरुंग (युक्टा) और निमा शेरपा की भी इस त्रासदी में मौत हो गई.

इलीट एक्सपेड ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “पर्वतारोहण जगत ने एक महान पर्वतारोही और ऐसे लीडर को खो दिया है, जिन्होंने अपने साहस, विनम्रता और दृढ़ विश्वास से लाखों लोगों को प्रेरित किया. निर्मल पुर्जा ने अपनी उपलब्धियों के ज़रिए दुनिया को दिखाया कि बड़े सपने देखने और सीमाओं को चुनौती देने से असंभव लगने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं.”

इससे पहले गिलगित-बल्तिस्तान पुलिस ने शुक्रवार को फ़ेसबुक पर एक बयान में बताया था कि ब्रॉड पीक से अब तक चार शव बरामद हुए हैं.

इनमें से दो की पहचान पर्वतारोही संस्ता अल्पाइन क्लब ने ओमान की नधीरा अहमद अब्दुल्ला अल हार्थी और नेपाल के पुर बहादुर गुरूंग के रूप में की.

काराकोरम रेंज में 8,047 मीटर ऊंची चोटी पर गुरुवार को हिमस्खलन की ख़बर मिलने के बाद टीम के लिए खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया था.

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने ब्रॉड पीक पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले निर्मल पुर्जा समेत सभी पर्वतारोहियों के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है.

निर्मल पुर्जा

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पर्वतारोहण के लिए काम करने वाली संस्था अल्पाइन क्लब ने कहा कि उसे “ब्रॉड पीक पर पर्वतारोहियों के एक दल पर गुरुवार दोपहर के आसपास आए हिमस्खलन की बेहद चिंताजनक सूचना मिली है.”

काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित ब्रॉड पीक की ऊंचाई 8,047 मीटर है.

बयान के अनुसार, शुरुआती जानकारी के मुताबिक़ अभियान दल में 10 पर्वतारोही शामिल थे.

इनमें निर्मल पुर्जा के नेतृत्व में पांच नेपाली पर्वतारोही, पाकिस्तान के सोहेल साखी, ओमान का एक पर्वतारोही, एक अमेरिकी, मिस्टर वांग नामक एक चीनी नागरिक और एक अन्य विदेशी पर्वतारोही शामिल थे.

ट्रेकिंग कंपनी मूविंग माउंटेन्स ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में बताया कि अमेरिकी पर्वतारोही मैलोरी गीस, सोहेल साखी के साथ ब्रॉड पीक अभियान में शामिल थीं.

27 जुलाई को एक्स पर एक पोस्ट में निर्मल पुर्जा ने लिखा था कि यह उनकी योजना का हिस्सा नहीं था.

निर्मल पुर्जा ने रचा था इतिहास

निर्मल पुर्जा

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निर्मल पुर्जा ने 2019 में दुनिया की 8,000 मीटर (26,300 फ़ुट) से अधिक ऊंचाई वाली सभी 14 चोटियों को महज़ छह महीने से कुछ अधिक समय में फ़तह कर इतिहास रच दिया था.

उनकी इस उपलब्धि पर आधारित नेटफ्लिक्स की चर्चित डॉक्यूमेंट्री ’14 पीक्स: नथिंग इज़ इम्पॉसिबल’ भी बनी थी.

निर्मल पुर्जा के नेतृत्व में ही 10 नेपालियों ने 17 जनवरी को सर्दी में पहली बार 28,251 फुट ऊँचे के2 को फ़तह किया था. के2 काराकोरम रेंज का दूसरा सबसे ऊँचा पर्वत है, लेकिन इसे सबसे ख़तरनाक माना जाता है.

सर्दी के मौसम में निर्मल पुर्जा की टीम से पहले कोई नहीं चढ़ पाया था. इस टीम में निर्मल पुर्जा एकमात्र थे, जो नेपाल के चर्चित शेरपा समुदाय से नहीं थे. निर्मल मगर (नेपाल का एक समुदाय) हैं और ब्रिटिश गोरखा ब्रिगेड में सैनिक थे.

निर्मल पुर्जा मुश्किल से पाँच फुट के हैं, लेकिन उन्होंने दुनिया के ऊँचे से ऊँचे पर्वतों को अपने छोटे क़दमों से लांघ दिया है.

उनके नाम जो रिकॉर्ड हैं, वो बेमिसाल हैं. यहाँ तक कि के2 पर बसंत और गर्मी के मौसम में भी चढ़ना आसान नहीं है, लेकिन निर्मल की टीम ने इसे सर्दी के मौसम में लाँघ दिया.

के2 पर चढ़ने की कोशिश करने वालों में से लगभग हर छह में से एक की मौत हो जाती है, जबकि माउंट एवरेस्ट में मौत का औसत लगभग 34 में एक है.

इसी से समझा जा सकता है कि यह कितना ख़तरनाक है. जिस दिन निर्मल की टीम ने के2 समिट पूरा किया, उसी दिन स्पेन के पर्वतारोही सेरजी मिन्गोटे ने के2 पर पहुँचते-पहुँचते दम तोड़ दिया था.

मिंगोटे इससे पहले दुनिया के 10 सबसे ऊँचे पर्वतों पर बिना अतिरिक्त ऑक्सीजन के चढ़ चुके थे. मध्य एशिया में सभी 14 वैसे पर्वत हैं, जिनकी ऊँचाई 8,000 मीटर से ज़्यादा है.

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SOURCE : BBC NEWS