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‘नेतन्याहू जानते हैं बॉस कौन है’ डोनाल्ड ट्रंप ने फिर कसा इजरायली पीएम पर तंज

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Source :- LIVE HINDUSTAN

डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि इजरायली पीएम ने वाइट हाउस में बातचीत करने का अनुरोध किया है। क्योंकि वह जानते हैं कि असली बॉस कौन है। बता दें, ईरान युद्ध के बाद दोनों की यह पहली बैठक होगी।

Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू जल्दी ही वाइट हाउस में मुलाकात कर सकते हैं। लेकिन इस मुलाकात के पहले ही ट्रंप ने नेतन्याहू को लेकर ऐसा तंज कसा है, जिससे इजरायली पीएम असहज स्थिति में आ गए हैं। शनिवार को अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से बताया गया कि जल्दी ही दोनों देशों के नेता आपस में मिल सकते हैं। इस बारे में जब ट्रंप से पूछा गया, तो उन्होंने हां में जवाब दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ‘नेतन्याहू जानते हैं कि बॉस कौन है, उन्होंने वाइट हाउस में मिलने का अनुरोध किया है।’

एक्सियोस से बात करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति ने नेतन्याहू की तरफ से आए फोन के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि दोनों देश एकसाथ काम कर रहे हैं और बेहतर मुद्दों पर साथ भी दे रहे हैं। बता दें, भले ही नेतन्याहू के ऑफिस ने इस मीटिंग के जल्दी ही होने की उम्मीद जताई है। लेकिन वाइट हाउस की तरफ से संकेत दिया गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप के दौरों की वजह से यह बैठक थोड़ा टल सकती है।

ईरान युद्ध के बाद होगी पहली मुलाकात

डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू की आखिरी मुलाकात फरवरी में हुई थी। इसी दौरान नेतन्याहू ने साथ मिलकर ईरान पर हमला करने का प्लान ट्रंप से साझा किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने दावा किया था कि अगर वह मिलकर हमला करते हैं, तो कुछ ही समय में ईरान टूट जाएगा और जनता सत्ता पर कब्जा कर लेगी। लेकिन वह प्लान फेल हो गया। इसके बाद से इजरायल और अमेरिका के बीच में लगातार खींचतान चली आ रही है। इतना ही नहीं कई रिपोर्ट्स में यहां तक दावा किया गया है कि ट्रंप ने निजी बातचीत के दौरान नेतन्याहू के लिए गालियों तक का इस्तेमाल किया है।

ईरान हमले के बाद रिश्तों में आई तल्खी

डोनाल्ड ट्रंप की बात मानें, तो उनके प्रशासन ने जितना इजरायल के लिए किया है। उतना अभी तक किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने नहीं किया। यह बात सही भी है क्योंकि अभी तक किसी भी राष्ट्रपति ने इजरायल के कहने पर ईरान पर हमला नहीं बोल दिया था। लेकिन 28 फरवरी से लेकर जुलाई तक काफी कुछ बदल गया है। अमेरिका को हमेशा से लंबे युद्ध में झोंकने का विरोध करते आए ट्रंप ने इजरायल के मना करने के बाद भी शांति समझौते को आगे बढ़ाया।

इजरायल पर आरोप है कि इस शांति समझौते को रोकने के लिए उसने लेबनान पर जानबूझकर हमला किया। इतना ही नहीं उसने ईरान के शांति वार्ताकारों पर भी हमला करने की कोशिश की थी। इन सभी मामलों की वजह से ट्रंप और नेतन्याहू लगातार आमने-सामने आने लगे हैं रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप के अलावा उनकी टीम भी अब नेतन्याहू से असहज महसूस करती है। वह यह मानती है कि इजरायली प्रधानमंत्री लगभग हर किसी मुद्दे पर गलत राय रखते हैं।

ट्रंप और नेतन्याहू के राजनीति दाव पर

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप और नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति अलग-अलग थी। एक तरफ ट्रंप हैं, जिन्हें अमेरिका को लंबे युद्ध से निकालने के लिए जाना जाता है। उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका किसी और कि लड़ाई नहीं लड़ेगा। लेकिन जब वह ईरान में जाकर उलझ गए, तो अमेरिकियों के मन में उनके खिलाफ खटास बढ़ गई। उनकी रेटिंग भी धीरे-धीरे कम होने लगी। इससे बचने के लिए ट्रंप को युद्ध से बाहर निकलना जरूरी हो गया था। इसलिए ट्रंप कैसे भी करके इस युद्ध को अपनी जीत बताने और वहां से निकलने में कामयाब हुए।

दूसरी तरफ नेतन्याहू हैं। भ्रष्टाचार के आरोप और इजरायली जनता में बढ़ती नापसंदगी की वजह से उन्हें अपनी सत्ता पर खतरा मंडराता दिख रहा है। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि युद्ध समाप्त हो चुके हैं इसलिए इस बार अक्तूबर में होने वाले चुनाव उनके लिए काफी कठिन होने वाला है। सत्ता जाने पर उनके खिलाफ लगे पुराने आरोप एक बार फिर से सामने आ सकते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN