Source :- BBC INDIA
इमेज स्रोत, Reuters
नेपाल में आई अचानक बाढ़ ने रासुवा के भोटेकोशी इलाके में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. सैकड़ों लोगों की मौत हुई है और हज़ारों लोग अब भी लापता हैं.
नेपाल के अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ में अब तक 626 शव बरामद किए जा चुके हैं और लगभग 2,500 लोग लापता हैं. वहीं, लगभग 4,500 लोगों को बचाया गया है.
राहत और बचाव अभियान के बीच अब सवाल उठ रहा है कि क्या ख़तरा पूरी तरह टल गया है?
मौसम विभाग ने फ़िलहाल भारी बारिश की संभावना से इनकार किया है, लेकिन ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बनी दो अस्थिर झीलों ने एक और बाढ़ की आशंका को पूरी तरह खत्म नहीं होने दिया है.
दोबारा बाढ़ आने की कितनी संभावना है?
इमेज स्रोत, getty
हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि भले ही कुछ बारिश हुई है, लेकिन बड़े पैमाने पर बाढ़ आने की कोई संभावना नहीं है.
सीनियर मौसम विज्ञानी विभूति पोखरेल का कहना है, “ऐसा लगता है कि सिर्फ़ हल्की बारिश होगी और भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है.”
हालांकि, विभाग के सीनियर हाइड्रोलॉजिस्ट बिनोद पराजुली ने कहा कि बाढ़ का खतरा बना हुआ है क्योंकि बुधवार को जहां हिमस्खलन हुआ था, उस जगह के नीचे दो झीलें बन गई हैं.
पराजुली ने कहा, “पहाड़ों के बीच, हिमस्खलन वाली जगह के ठीक नीचे और भूस्खलन वाली जगह के ऊपर एक झील बनी हुई दिखाई दे रही है. इसी तरह, भूस्खलन के कारण नदी का रास्ता रुक जाने से एक और झील बन गई है.”
“ये दोनों झीलें बेहद अस्थिर हैं, क्योंकि जिस इलाके में ये बनी हैं, वहां भूस्खलन का ख़तरा भी है. जैसे-जैसे इनमें पानी भरता जाएगा, इनके फटने का ख़तरा बना रहेगा.”
उन्होंने कहा कि लगभग 4,000 और 3,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित झीलें शायद न भी फटें, लेकिन निचले किनारों पर बसी बस्तियों को लगातार ख़तरे के बारे में आगाह किया गया है.
इमेज स्रोत, getty
हाइड्रोलॉजिस्ट पराजुली ने कहा कि हालांकि शुरुआत में ऐसा अनुमान था कि हिमस्खलन तिब्बत की ओर हुआ है, लेकिन जांच के दौरान विभाग को यह स्पष्ट हो गया कि हिमस्खलन असल में नेपाल की ओर हुआ था.
उन्होंने कहा, “सैटेलाइट तस्वीरों को देखने से ऐसा नहीं लगता कि बाढ़ तिब्बत की तरफ से आई है. ऐसा लगता है कि बाढ़ नेपाल और चीन की सीमा के पास से आई है.”
“हिमस्खलन नेपाल के लांगटांग लिरुंग हिमाल के पश्चिमी हिस्से से आया हुआ लगता है. इसलिए हिमस्खलन वाली जगह नेपाल के इलाके में है, जबकि जिस क्षेत्र में यह घटना हुई है, वह नेपाल और तिब्बत, दोनों की सीमा में आता है.”
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

SOURCE : BBC NEWS




