Home National news hindi नोएडा में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में...

नोएडा में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पर उठे सवाल

2
0

Source :- BBC INDIA

ग्रेटर नोएडा डीसीपी श्रवण कुमार सिंह के मुताबिक़ सभी लोग रात दस बजे घर लौटे थे

प्रकाशित

पढ़ने का समय: 4 मिनट

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा इलाक़े में एक ही परिवार के पांच सदस्य शनिवार को अपने घर में संदिग्ध परिस्थियों में मृत पाए गए हैं.

समाचार एजेंसी एएनआई ने नोएडा पुलिस के हवाले से बताया है कि मृतकों की पहचान महेश (37 साल), उनकी पत्नी ललिता (35 साल), बच्चे लड्डू (11), मिष्टी (बेटी, 7 साल) और साक्षात (3 साल) के रूप में हुई है.

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी, एंबुलेंस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई. फ़ील्ड यूनिट और फ़ॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और सबूत इकट्ठा किए हैं.

पुलिस के मुताबिक़, पहली नज़र में यह मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है.

उन्होंने कहा, “रात में (शुक्रवार) दस बजे ये लोग आए. सुबह जब बच्चे को परीक्षा के लिए जगाने के लिए गए तो उन्हें मृत पाया गया. इन्होंने जो खाया है उसके आधार पर जांच कर रहे हैं और अन्य सबूत इकट्ठा किए गए हैं, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.”

पड़ोसियों के मुताबिक़ मारे गए सभी लोग शुक्रवार को मेला देखने गए थे और वहां लौटकर सभी ने नूडल्स खाए. सुबह जानकारी मिली की नूडल्स खाने वाले पति, पत्नि और तीन बच्चों की मौत हो गई है.

पुलिस का कहना है कि स्थानीय लोगों और मृतक महेश की मां के मुताबिक़, “परिवार के सदस्यों ने पिछली रात नूडल्स खाए थे.”

मौत की असल वजह की अभी पुष्टि नहीं हुई है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

परिवार ने क्या बताया

कोट

उन्होंने बताया, “परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद का इतिहास रहा है. ये लोग दो भाई थे और तीन बहनें थीं. पहले बड़े भाई की ट्रेन से कटकर मौत हुई. फिर पिताजी की मौत हुई और अब इनकी मौत हो गई. अब यह पूरा परिवार ख़त्म हो गया.”

कन्हैया सिंह ख़ुद दिल्ली में रहते हैं और घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल पहुंचे, जहां सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया है.

उन्होंने आगे बताया, “इस परिवार में अब केवल मां बची हैं और बताया जा रहा है कि वह भी उठ-बैठ नहीं पाती हैं. कुछ दिन पहले विवाद हुआ है. इनका ज़्यादातर संपत्ति मां के नाम थी. मां से बेटियों ने संपत्ति का कुछ मुद्दा बनाया है, लेकिन मैं पुख़्ता तौर पर कुछ नहीं बता सकता.”

पड़ोसियों के मुताबिक़ मृतकों के घर में संपत्ति को लेकर भी विवाद था

कन्हैया सिंह के मुताबिक़, “आज से दो-तीन साल पहले भी इसने कमरे में दो-तीन हीटर जला लिए थे, मैं भागते हुए आया था और फिर बचाया था. क्या हुआ है यह पता नहीं. पोस्टमार्टम से भी केवल यही पता चलेगा कि किस वजह से मौत हुई है, लेकिन क्यों हुई है, इस बारे में हम कुछ नहीं कह सकते.”

इस घटना में बच्चों के मामा यानी ललिता के भाई सोनू ने बताया, “मेरा छोटा भाई इसी इलाक़े में काम करने के लिए आया था. उसने कहा कि चलो दीदी से मिल आते हैं. जब यहां आए तो देखा सब ख़त्म हो गया है.”

मृतकों की कुछ पड़ोसी महिलाओं का दावा है कि पीड़ित परिवार के घर से अक्सर लड़ाई-झगड़े की आवाज़ें आती रहती थीं.

पड़ोस की एक महिला ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “रात को सब लोग मेला देखकर लौटे तो सास (ललिता की) ने कहा कि इतनी रात को खाना मत बनाना, सब मैगी खाकर सो जाओ.”

उन्होंने दावा किया, “इस घर से सास के साथ अक्सर झगड़े की आवाज़ आती थी और ललिता की सास कहती थीं कि वे अपनी सारी संपत्ति बेटियों को दे देंगीं.”

फ़ूड सेफ़्टी ऑफ़िसर ने क्या कहा

कोट

यह घटना गौतम बुद्ध नगर ज़िले के जेवर विधानसभा क्षेत्र के नगला पदम गांव में हुई है.

“ज़हरीले पदार्थ के सेवन की जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी. संबंधित पदार्थ को जांच के लिए क़ब्जे में ले लिया गया है. अगर यह ज़हरीला पाया जाता है, तो इसे बनाने वाली कंपनी के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी.”

उन्होंने कहा, “अगर फ़ूड पॉइज़निंग का केस होता तो उल्टी या दस्त के लक्षण पाए जाते. जो डेड बॉडी मिली है वह सामान्य अवस्था में लेटे हुए मिली.”

उन्होंने आशंका जताई कि ‘यह सेथ पॉइज़निंग (ज़हर या खेती में इस्तेमाल होने वाले केमिकल वगैरह से होने वाली पॉइज़निंग) का केस हो सकता है.’

पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट… सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

SOURCE : BBC NEWS